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Shamli News: शेरमऊ चीनी मिल के क्रय केंद्रों को लेकर किसान भिड़े
Sat, 26 Sep 2026 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:21 AM IST
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ऊन। ऊन सहकारी गन्ना विकास समिति की वार्षिक साधारण सभा में उत्तम शुगर मिल शेरमऊ के क्रय केंद्रों के आवंटन को लेकर किसान दो गुटों में बंट गए। बैठक में दोनों पक्षों के बीच शोर-शराबा हुआ।
किसानों ने ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड को गन्ना देने और उसके क्रय केंद्र लगाए जाने की मांग रखी। वहीं, किसानों ने 14 दिन में गन्ना भुगतान समेत कई मांगें उठाईं। बैठक में कुल 51 प्रस्ताव पारित किए गए।
शुक्रवार को समिति सभागार में सभापति सुनील चौधरी की अध्यक्षता में गन्ना संरक्षण समिति की बैठक हुई। इसमें क्रय केंद्रों के आवंटन को लेकर किसानों से प्रस्ताव मांगे गए। अधिकांश किसानों ने ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के क्रय केंद्र लगाए जाने की मांग की। दुल्लाखेड़ी के किसानों ने बजाज शुगर मिल थानाभवन का क्रय केंद्र हटाकर ऊन चीनी मिल का क्रय केंद्र लगाए जाने की मांग रखी।
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उत्तम शुगर मिल शेरमऊ के गत वर्ष नौ क्रय केंद्र लगाए गए थे। इस वर्ष इन क्रय केंद्रों पर गन्ना डालने वाले किसान दो गुटों में बंटे नजर आए। इस पर हंगामा भी हुआ। कुछ किसानों ने ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड को गन्ना देने की मांग की।
किसानों ने ऊन चीनी मिल को गन्ना ले जाने वाले मार्गों की पेराई सत्र से पहले मरम्मत कराने, कीटनाशक दवाओं पर सब्सिडी देने और समय से भुगतान कराने की मांग की। साथ ही पिछले वर्षों के विलंबित भुगतान पर ब्याज देने की मांग भी उठाई।
उत्तम शुगर मिल के गन्ना प्रबंधक परविंदर राठी ने बताया कि मिल किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध करा रही है। वहीं, थानाभवन मिल के गन्ना प्रबंधक मनोज तोमर ने अपने क्रय केंद्रों को यथावत रखने की मांग रखी।
बैठक का संचालन समिति के सचिव अजीत कुमार सिंह ने किया। इस दौरान समिति के डायरेक्टर मैनपाल, सतीश कटारा, अनिल कुमार, कमलेश देवी, वीरमति, अफलातून, धर्मपाल, देवेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, विनोद कुमार, इंद्रपाल सिंह पांचाल, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक धीरेंद्र नाथ पांडे, प्रभारी सचिव मारकंडे मौर्य मौजूद रहे।
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किसानों ने ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड को गन्ना देने और उसके क्रय केंद्र लगाए जाने की मांग रखी। वहीं, किसानों ने 14 दिन में गन्ना भुगतान समेत कई मांगें उठाईं। बैठक में कुल 51 प्रस्ताव पारित किए गए।
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शुक्रवार को समिति सभागार में सभापति सुनील चौधरी की अध्यक्षता में गन्ना संरक्षण समिति की बैठक हुई। इसमें क्रय केंद्रों के आवंटन को लेकर किसानों से प्रस्ताव मांगे गए। अधिकांश किसानों ने ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के क्रय केंद्र लगाए जाने की मांग की। दुल्लाखेड़ी के किसानों ने बजाज शुगर मिल थानाभवन का क्रय केंद्र हटाकर ऊन चीनी मिल का क्रय केंद्र लगाए जाने की मांग रखी।
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उत्तम शुगर मिल शेरमऊ के गत वर्ष नौ क्रय केंद्र लगाए गए थे। इस वर्ष इन क्रय केंद्रों पर गन्ना डालने वाले किसान दो गुटों में बंटे नजर आए। इस पर हंगामा भी हुआ। कुछ किसानों ने ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड को गन्ना देने की मांग की।
किसानों ने ऊन चीनी मिल को गन्ना ले जाने वाले मार्गों की पेराई सत्र से पहले मरम्मत कराने, कीटनाशक दवाओं पर सब्सिडी देने और समय से भुगतान कराने की मांग की। साथ ही पिछले वर्षों के विलंबित भुगतान पर ब्याज देने की मांग भी उठाई।
उत्तम शुगर मिल के गन्ना प्रबंधक परविंदर राठी ने बताया कि मिल किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध करा रही है। वहीं, थानाभवन मिल के गन्ना प्रबंधक मनोज तोमर ने अपने क्रय केंद्रों को यथावत रखने की मांग रखी।
बैठक का संचालन समिति के सचिव अजीत कुमार सिंह ने किया। इस दौरान समिति के डायरेक्टर मैनपाल, सतीश कटारा, अनिल कुमार, कमलेश देवी, वीरमति, अफलातून, धर्मपाल, देवेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, विनोद कुमार, इंद्रपाल सिंह पांचाल, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक धीरेंद्र नाथ पांडे, प्रभारी सचिव मारकंडे मौर्य मौजूद रहे।