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Shamli News: बदलते मौसम में बच्चों में फैल रहा कंठमाला रोग, बरते सावधानी
Sun, 10 Mar 2024 01:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 10 Mar 2024 01:44 AM IST
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शामली। मौसम में बदलाव का प्रतिकूल असर बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। बच्चों में कंठ माला रोग फैल रहा है। अस्पताल में इस रोग से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह वायरल संक्रमण है, जो फैलने वाला रोग है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है और इलाज कराने पर यह एक सप्ताह में ठीक हो जाता है। चिकित्सक बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
फरवरी माह से जिले का मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बादल छा जाते हैं। कभी तेज हवा चलती है। शनिवार को भी चटक धूप के साथ ही ठंडी तेज हवा चलतरी रही। एक सप्ताह पहले ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश के बाद सुबह-शाम मौसम ठंडा हो रहा है। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। खासतौर से बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। सीएचसी के चिकित्सक उपकार मलिक ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का असर बच्चों पर पड़ रहा है। इस समय नजला, खांसी के अलावा बच्चे कंठ माला रोग (मम्स) फैल रहा है। ओपीडी में रोजाना सात-आठ बच्चे इस रोग से पीड़ित आ रहे हैं। इसमें बुखार के साथ गले से ऊपर मुंह के दोनों तरफ या एक तरफ सूजन आती है। खाते-पीते समय दर्द होता है और मुंह खोलने में भी परेशानी होती है। संक्रमित बच्चे के संपर्क में आने पर दूसरे बच्चे में भी यह रोग फैल सकता है। इससे घबराने वाली जरूरत नहीं है। लक्षण नजर आने पर चिकित्सक की सलाह से दवा लेने पर यह एक सप्ताह में ठीक हो जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अशेाक कुमार ने बताया यह रोग खांसी व छींक से साथ फैलता है। इस बीमारी को आमतौर पर बोलचाल में हप्पू निकलना कहते हैं। जिन बच्चों को नौ माह तक लगने वो मीजल्स रूबेला के टीके लगे होते हैं, उनमें यह रोग होने की संभावना कम होती है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में ठंड व हवा से बचाव करना जरूरी है।
लक्षण
- मुंह के दोनों तरफ या एक तरफ सूजन आना।
- बुखार होना।
- खाने पीने में परेशानी होना।
- मुंह खोलने में दर्द महसूस देना।
बचाव
- पीड़ित बच्चों के संपर्क में आने से बचे।
-भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अगर जाएं तो फेस मास्क लगाएं।
- सुबह-शाम की ठंड और दिन में तेज हवा से करें बचाव।
- ठंडी, खट्टी चीजों का करें परहेज, बाजार में बने खाद्य पदार्थों खाने से बचे।
- कोई परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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फरवरी माह से जिले का मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बादल छा जाते हैं। कभी तेज हवा चलती है। शनिवार को भी चटक धूप के साथ ही ठंडी तेज हवा चलतरी रही। एक सप्ताह पहले ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश के बाद सुबह-शाम मौसम ठंडा हो रहा है। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। खासतौर से बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। सीएचसी के चिकित्सक उपकार मलिक ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का असर बच्चों पर पड़ रहा है। इस समय नजला, खांसी के अलावा बच्चे कंठ माला रोग (मम्स) फैल रहा है। ओपीडी में रोजाना सात-आठ बच्चे इस रोग से पीड़ित आ रहे हैं। इसमें बुखार के साथ गले से ऊपर मुंह के दोनों तरफ या एक तरफ सूजन आती है। खाते-पीते समय दर्द होता है और मुंह खोलने में भी परेशानी होती है। संक्रमित बच्चे के संपर्क में आने पर दूसरे बच्चे में भी यह रोग फैल सकता है। इससे घबराने वाली जरूरत नहीं है। लक्षण नजर आने पर चिकित्सक की सलाह से दवा लेने पर यह एक सप्ताह में ठीक हो जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अशेाक कुमार ने बताया यह रोग खांसी व छींक से साथ फैलता है। इस बीमारी को आमतौर पर बोलचाल में हप्पू निकलना कहते हैं। जिन बच्चों को नौ माह तक लगने वो मीजल्स रूबेला के टीके लगे होते हैं, उनमें यह रोग होने की संभावना कम होती है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में ठंड व हवा से बचाव करना जरूरी है।
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लक्षण
- मुंह के दोनों तरफ या एक तरफ सूजन आना।
- बुखार होना।
- खाने पीने में परेशानी होना।
- मुंह खोलने में दर्द महसूस देना।
बचाव
- पीड़ित बच्चों के संपर्क में आने से बचे।
-भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अगर जाएं तो फेस मास्क लगाएं।
- सुबह-शाम की ठंड और दिन में तेज हवा से करें बचाव।
- ठंडी, खट्टी चीजों का करें परहेज, बाजार में बने खाद्य पदार्थों खाने से बचे।
- कोई परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।