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मोमबत्ती से रजाई में आग लगी, बच्चे की मौत, बहन गंभीर
amarujala
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:10 AM IST
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- फोटो : amarujala
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पुरमाफी गांव में शुक्रवार की रात चारपाई पर सो रहे मासूम भाई-बहन की रजाई पर जलती हुई मोमबत्ती गिरने से आग लग गई। इसमें मासूम बच्चे की मौत हो गई जबकि उसकी बहन गंभीर हालत में झुलस गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा है।
गांव निवासी संदीप कश्यप का पुत्र देव (5) और उसकी बहन तनु (10) कमरे में चारपाई पर सो रहे थे। दादी शिमला कमरे में रोशनी के लिए बच्चों की चारपाई के ऊपर दीवार पर मोमबत्ती जलाकर पशुओं को चारा डालने चली गई। इसी दौरान जलती मोमबत्ती चारपाई पर सो रहे बच्चों की रजाई पर गिर गई और आग लग गई। नींद में होने की वजह से दोनों बच्चे काफी झुलस गए थे। उनकी चीख पुकार सुनकर आए पड़ोसियों ने आग बुझाई। मगर, तब तक देव की मौत हो गई थी जबकि बड़ी बहन तनु को गंभीर हालत में ग्रामीण शामली प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे मुजफ्फरनगर अस्पताल में ले गए। थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया की घटना की कोई सूचना नही आई है। इसके बाद भी पुलिस को मौके पर भेजकर जानकारी कराई गई थी। ये एक दुखद हादसा है। इसमें कोई लिखा पढ़ी नहीं हुई।
परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं
झिंझाना। इस दुखद हादसे में अपने बेटे को खोने वाले संदीप की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इस वजह से वो कैराना में ई-रिक्शा चलाता है। उसकी पत्नी भी वहीं रहकर छोटा मोटा काम करती है। दोनों जैसे तैसे अपने परिवार का पेट पालने लायक कमा पाते हैं। संदीप गांव में आकर परिवार के राशन आदि का इंतजाम करके जाता है। दादी शिमला ने बताया कि संदीप के दो बच्चे भी सात वर्षीय दीप्ति और डेढ़ साल का बेटा दिपेश कैराना में ही माता-पिता के पास रहते हैं जबकि कुछ दिन पूर्व वह देव और तनु को अपने पास ले आई थी। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले पड़ोस के लोग भी परिवार को सांत्वना देने आ रहे थे और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का भरोसा दिला रहे थे।
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पहले भी हुए हैं हादसे, सजगता बेहद जरूरी
शामली। जिले में पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। करीब ढाई साल पहले जलालाबाद में भी इस तरह का हादसा हुआ था। जब परिवार के लोग घर में मोमबत्ती जलाकर तड़के काम पर चले गए और पीछे से मोमबत्ती गिरने से रजाई में आग लग गई थी। इसमें दो लड़कियों की मौत हो गई थी। इस तरह के हादसे केवल सजगता से ही रोके जा सकते हैं लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। इसके लिए जागरूकता भी जरूरी है।
ये रखे सावधानियां
-घर में लालटेन या मोमबत्ती जलाकर न जाएं।
-घर से बाहर जाना हो तो मोमबत्ती आदि बंद करके जाएं।
-घर से जाने से पहले गैस सिलिंडर का रेगुलेटर भी बंद कर दें।
-मकान में खिड़की ,रोशनदान की पर्याप्त व्यवस्था हो।
-गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत।
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गांव निवासी संदीप कश्यप का पुत्र देव (5) और उसकी बहन तनु (10) कमरे में चारपाई पर सो रहे थे। दादी शिमला कमरे में रोशनी के लिए बच्चों की चारपाई के ऊपर दीवार पर मोमबत्ती जलाकर पशुओं को चारा डालने चली गई। इसी दौरान जलती मोमबत्ती चारपाई पर सो रहे बच्चों की रजाई पर गिर गई और आग लग गई। नींद में होने की वजह से दोनों बच्चे काफी झुलस गए थे। उनकी चीख पुकार सुनकर आए पड़ोसियों ने आग बुझाई। मगर, तब तक देव की मौत हो गई थी जबकि बड़ी बहन तनु को गंभीर हालत में ग्रामीण शामली प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे मुजफ्फरनगर अस्पताल में ले गए। थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया की घटना की कोई सूचना नही आई है। इसके बाद भी पुलिस को मौके पर भेजकर जानकारी कराई गई थी। ये एक दुखद हादसा है। इसमें कोई लिखा पढ़ी नहीं हुई।
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परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं
झिंझाना। इस दुखद हादसे में अपने बेटे को खोने वाले संदीप की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इस वजह से वो कैराना में ई-रिक्शा चलाता है। उसकी पत्नी भी वहीं रहकर छोटा मोटा काम करती है। दोनों जैसे तैसे अपने परिवार का पेट पालने लायक कमा पाते हैं। संदीप गांव में आकर परिवार के राशन आदि का इंतजाम करके जाता है। दादी शिमला ने बताया कि संदीप के दो बच्चे भी सात वर्षीय दीप्ति और डेढ़ साल का बेटा दिपेश कैराना में ही माता-पिता के पास रहते हैं जबकि कुछ दिन पूर्व वह देव और तनु को अपने पास ले आई थी। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले पड़ोस के लोग भी परिवार को सांत्वना देने आ रहे थे और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का भरोसा दिला रहे थे।
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पहले भी हुए हैं हादसे, सजगता बेहद जरूरी
शामली। जिले में पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। करीब ढाई साल पहले जलालाबाद में भी इस तरह का हादसा हुआ था। जब परिवार के लोग घर में मोमबत्ती जलाकर तड़के काम पर चले गए और पीछे से मोमबत्ती गिरने से रजाई में आग लग गई थी। इसमें दो लड़कियों की मौत हो गई थी। इस तरह के हादसे केवल सजगता से ही रोके जा सकते हैं लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। इसके लिए जागरूकता भी जरूरी है।
ये रखे सावधानियां
-घर में लालटेन या मोमबत्ती जलाकर न जाएं।
-घर से बाहर जाना हो तो मोमबत्ती आदि बंद करके जाएं।
-घर से जाने से पहले गैस सिलिंडर का रेगुलेटर भी बंद कर दें।
-मकान में खिड़की ,रोशनदान की पर्याप्त व्यवस्था हो।
-गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत।