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विधायक ने रुकवाया रेत खनन
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:19 AM IST
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mining
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। यमुना नदी से रेत खनन करने वालों ने आवंटित पट्टों से खनन में भी खेल कर दिया। पट्टा किसी अलग खेत का छोड़ा गया और खनन दूसरे स्थानों पर होने लगा। ठेकेदारों ने खुरगान के ग्रामीणों के खेतों में खनन कर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए। शिकायत पर पहुंचे कैराना सपा विधायक नाहिद हसन ने खनन रुकवा दिया। मामले में डीएम से शिकायत की जाएगी।
दस दिन पूर्व शासन ने खुरगान में रेत खनन का ठेका छोड़ा था। वहीं. एक सप्ताह पूर्व किसानों व रेत खनन ठेकेदारों के बीच फायरिंग हुई थी। किसानों का आरोप था कि रेत खनन ठेकेदार उनकी जमीन से रेत खनन कर रहे हैं।
शुक्रवार को लखनऊ से आई दो सदस्यीय टीम ने हलका लेखपालों के साथ मौके पर पहुंचकर इलेक्ट्रानिक टोटल मशीन से रेत खनन प्वाइंट की जमीन का सर्वे किया था।
सर्वे के दौरान बेहद गोपनीयता बरती गई थी। अधिकारी भी जानकारी होने से इंकार कर रहे थे। शनिवार को फिर से टीम ने मौके पर पहुंचकर रेत खनन प्वाइंट की पैमाइश कराई।
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पूर्व में कराई गई पैमाइश से मिलान किया। इस दौरान पता चला कि रेत खनन के लिए खसरा नंबर 1026 को दिया गया है, लेकिन ठेकेदार खुरगान निवासी मुबारिक, माल्लू, तैयब, इरशाद व मतलूब की जमीन से खनन कर रहे थे। इस बात का पता जब शनिवार को सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन को चला तो वह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि ठेका किसी दूसरी जगह का है जबकि ठेकेदार दूसरी जमीन से खनन करा रहा है। आरोप है कि उसने जमीन में खनन करके 15 से 20 फुट गहरे गड्ढे बना दिए है।
उन्होंने मौके पर जमीन के राजस्व रिकार्ड भी देखे। इसके बाद सपा विधायक ने किसानों की जमीन पर हो रहे खनन को रुकवा दिया। सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन ने बताया कि खुरगान के किसानों ने उनके पास आकर शिकायत की थी कि उनकी जमीन में अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
मौके पर सच्चाई जाकर देखा तो पता चला कि अवैध खनन से किसानों का लाखों का नुकसान हुआ है। इसकी शिकायत वह जिलाधिकारी से करेंगे। साथ ही यमुना में 20 फीट गहरे गड्ढे बनाए जाने के कारण मोहम्मदपुर राई सहित अन्य कई गांव पर बरसात के दिनों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि खनन पट्टे की जमीन की पैमाइश करने के लिए मौके पर टीम गई है। पैमाइश व सर्वे कराने के बाद ही खनन कराया जाएगा।
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दस दिन पूर्व शासन ने खुरगान में रेत खनन का ठेका छोड़ा था। वहीं. एक सप्ताह पूर्व किसानों व रेत खनन ठेकेदारों के बीच फायरिंग हुई थी। किसानों का आरोप था कि रेत खनन ठेकेदार उनकी जमीन से रेत खनन कर रहे हैं।
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शुक्रवार को लखनऊ से आई दो सदस्यीय टीम ने हलका लेखपालों के साथ मौके पर पहुंचकर इलेक्ट्रानिक टोटल मशीन से रेत खनन प्वाइंट की जमीन का सर्वे किया था।
सर्वे के दौरान बेहद गोपनीयता बरती गई थी। अधिकारी भी जानकारी होने से इंकार कर रहे थे। शनिवार को फिर से टीम ने मौके पर पहुंचकर रेत खनन प्वाइंट की पैमाइश कराई।
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पूर्व में कराई गई पैमाइश से मिलान किया। इस दौरान पता चला कि रेत खनन के लिए खसरा नंबर 1026 को दिया गया है, लेकिन ठेकेदार खुरगान निवासी मुबारिक, माल्लू, तैयब, इरशाद व मतलूब की जमीन से खनन कर रहे थे। इस बात का पता जब शनिवार को सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन को चला तो वह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि ठेका किसी दूसरी जगह का है जबकि ठेकेदार दूसरी जमीन से खनन करा रहा है। आरोप है कि उसने जमीन में खनन करके 15 से 20 फुट गहरे गड्ढे बना दिए है।
उन्होंने मौके पर जमीन के राजस्व रिकार्ड भी देखे। इसके बाद सपा विधायक ने किसानों की जमीन पर हो रहे खनन को रुकवा दिया। सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन ने बताया कि खुरगान के किसानों ने उनके पास आकर शिकायत की थी कि उनकी जमीन में अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
मौके पर सच्चाई जाकर देखा तो पता चला कि अवैध खनन से किसानों का लाखों का नुकसान हुआ है। इसकी शिकायत वह जिलाधिकारी से करेंगे। साथ ही यमुना में 20 फीट गहरे गड्ढे बनाए जाने के कारण मोहम्मदपुर राई सहित अन्य कई गांव पर बरसात के दिनों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि खनन पट्टे की जमीन की पैमाइश करने के लिए मौके पर टीम गई है। पैमाइश व सर्वे कराने के बाद ही खनन कराया जाएगा।