{"_id":"5be5853c311eb7b319d285bebae52cdc","slug":"mla-suresh-rana-sought-answers-in-the-assembly-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक सुरेश राणा ने विधानसभा में मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक सुरेश राणा ने विधानसभा में मांगा जवाब
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। थानाभवन से भाजपा विधायक सुरेश राणा ने विधानसभा सत्र के दौरान पिछड़ा वर्ग को मिलने वाली शादी, बीमारी अनुदान योजना के बंद होने पर सवाल उठाया। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री साहब सिंह सैनी ने कहा कि वित्तीय संसाधनों के लिहाज से योजना स्थगित कर दी गई थी, जिसे पुन: क्रियान्वित करने का कोई विचार नहीं है।
विधायक सुरेश राणा ने सवाल किया कि वर्ष 2015-16 में पिछड़ा वर्ग को मिलने वाली शादी/बीमारी अनुदान योजना शासन ने स्थगित कर दी। क्या इस योजना को पुनर्जीवित किया जाएगा, यदि नहीं तो क्यों। साहब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी और गंभीर बीमारी के इलाज के लिए संचालित योजना का क्रियान्वयन सीमित संसाधनों के दृष्टिगत अक्तूबर 2014 में शासनादेश के बाद से 2014-15 से स्थगित है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 में भी उक्त योजना के आय-व्ययक मात्र एक हजार रुपये का प्राविधान होने की वजह से योजना का संचालन किया जाना संभव नहीं है। राणा ने पूछा कि विकलांगों की सहायता के लिए कौन कौन सी योजनाएं प्रदेश में क्रियान्वित हैं तथा महंगाई को देखते हुए क्या विकलांग पेंशन की राशि बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है। सैनी ने इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक सुरेश राणा ने सवाल किया कि वर्ष 2015-16 में पिछड़ा वर्ग को मिलने वाली शादी/बीमारी अनुदान योजना शासन ने स्थगित कर दी। क्या इस योजना को पुनर्जीवित किया जाएगा, यदि नहीं तो क्यों। साहब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी और गंभीर बीमारी के इलाज के लिए संचालित योजना का क्रियान्वयन सीमित संसाधनों के दृष्टिगत अक्तूबर 2014 में शासनादेश के बाद से 2014-15 से स्थगित है।
विज्ञापन
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 में भी उक्त योजना के आय-व्ययक मात्र एक हजार रुपये का प्राविधान होने की वजह से योजना का संचालन किया जाना संभव नहीं है। राणा ने पूछा कि विकलांगों की सहायता के लिए कौन कौन सी योजनाएं प्रदेश में क्रियान्वित हैं तथा महंगाई को देखते हुए क्या विकलांग पेंशन की राशि बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है। सैनी ने इंकार कर दिया।
विज्ञापन