कैराना। कैराना से नाले द्वारा गंदा पानी पंजीठ तालाब और मामौर झील में जाता है। गंदे पानी के तालाब में एकत्र होने के कारण गांव में बीमारियों के फैलने की संभावना है। शनिवार को पंजीठ के ग्रामीण थानाभवन पहुंचकर कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा से मिले और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पंजीठ से पहले लगवाए जाने की गुहार लगाई।
कैराना से बड़े नाले द्वारा गांव पंजीठ के तालाब और मामौर झील में गंदा पानी जाता है, इस कारण पंजीठ में कई ग्रामीण हेप्टाइटिस सी के शिकार हो रहे हैं। वे दूसरे शहरों में उपचार करा रहे हैं। 26 नवंबर को पंजीठ में हेप्टाइटिस सी का प्रकोप अमर उजाला में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद मामौर झील पहुचे मंडलायुक्त संजय कुमार ने गंदे पानी से निजात दिलाने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाने का आश्वासन दिया था। एक सप्ताह पूर्व जल निगम के अधिकारियों व एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन का सर्वे किया था। शनिवार को पंजीठ निवासी समाजसेवी पुष्कर सैनी, ग्राम प्रधान इरशाद, अमर सिंह, सलीम आदि थानाभवन में कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा से मिले और ज्ञापन देते हुए मांग की कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कैराना व पंजीठ के बीच लगाना चाहिए ताकि गंदा पानी पंजीठ में आने से पहले ही साफ हो जाए। मंत्री सुरेश राणा ने डीएम से फोन पर वार्ता करके समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया।