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शहीद भाई के फोटो से लिपटकर रोती रही मीनाक्षी

Mon, 18 Feb 2019 12:11 AM IST
Deepak Sharma शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Mon, 18 Feb 2019 12:11 AM IST
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Meenakshi crying with the photo of martyred brother
sorrow - फोटो : अमर उजाला
शामली। देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले बनत के शहीद प्रदीप और शामली की रेलपार कालोनी के अमित के घर का माहौल बेहद मार्मिक था। शहीद अमित की बहन तो बार बार उसके फोटो से लिपटकर रोती रही। शनिवार को उनकी अंतिम यात्रा में शामिल ना हो सके दोस्त, रिश्तेदार और दूर दराज गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। अमर उजाला टीम ने उनके  घरों का हाल जाना-
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शहर की रेलपार कालोनी निवासी शहीद अमित के घर सुबह साढ़े 10 बजे डीएम अखिलेश सिंह और एसपी अजय कुमार एक कमरे में  बैठे शहीद प्रदीप के पिता सोहनपाल से बात कर रहे थे। दो तीन रिश्तेदार भी साथ थे। दोनों अफसर परिजनों को दिलासा दे रहे थे। सरकारी नौकरी के बारे में  भी उन्होंने पिता से बात की। पूछा कि जिस भी सदस्य को नौकरी दिलानी है उसके कागजात भी तैयार करा लें। घर के अंदर शहीद की मां उर्मिला बैठी थी। कालोनी की कई महिलाएं सांत्वना देने पहुंच रही थी। घर के बाहर बैठे उसके भाइयों को लोग सांत्वना देने पहुंच रहे थे। शहीद की बहन मीनाक्षी बार बार अंदर से आती है और मकान के मुख्य द्वार पर रखी अपने शहीद भाई अमित के फोटो से लिपटकर बुरी तरह रोती।
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उसके भाई दिलासा देकर अंदर ले जाते लेकिन वो फिर से बाहर आती और फोटो से बिलखकर रोने लगती। ये देख वहां बैठे लोग भी अपने आंसू नही रोक सके।  सुबह करीब साढे़ 11 बजे बनत कस्बे में शहीद प्रदीप के घर के बाहर घेर में शहीद की तस्वीर रखी थी। पास में ही चारपाई और कुर्सियों पर परिजन बैठे थे। गांव के कई लोग सांत्वना देने पहुंचे थे, तभी शहीद प्रदीप के दोनों बेटे आए ओर वहां रखी पिता प्रदीप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। हाथ जोड़े। बड़ा बेटा सिद्धार्थ वहीं बैठ गया और पिता की तस्वीर को निहारता रहा। दोनों बेटों की आंखें भर आई थी। ये देख वहां बैठे लोग भी भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक सके। सभी में गम और गुस्सा था। घर में कसबे की कई महिलाएं भी सांत्वना देने के लिए पहुंच रही थी। 
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