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Shamli News: मनवीर के परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
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शामली। उदपुर गांव के ईंट भट्ठे के पास एनकाउंटर में मारे गए मुकीम काला गैंग के एक लाख के इनामी अरशद, सोनीपत के मंजीत, करनाल के सतीश और मनवीर का मंगलवार देर रात तक पोस्टमार्टम चलता रहा। सात घंटे तक गठित पैनल ने चारों के शवों का पोस्टमार्टम किया। उधर, मनवीर के परिजनों ने शव पहचानने से इनकार कर दिया और हंगामा किया। बाद में शव की पहचान मृतक के माथे पर लगे चोट के निशान और धागे से की गई। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
मुठभेड़ में मौत के बाद चारों बदमाशाें के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया था। यहां सात घंटे तक चारों शवों का पोस्टमार्टम किया गया। अरशद, मंजीत और सतीश के शवों को मंगलवार देर रात ही परिजन लेकर चले गए थे, जबकि मनवीर के शव को परिजन बुधवार दोपहर बाद लेने पहुंचे। पीर बड़ौली गांव के सरपंच अशोक कुमार ने बताया कि मनवीर के मारे जाने की सूचना पर उनके अलावा मनवीर के पिता फूल सिंह, चाचा जल सिंह करनाल से शामली के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां पर पिता ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया, क्योंकि मनवीर का चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। परिजनों ने पुलिस पर बेवजह बुलाकर परेशान करने का आरोप लगाया। बाद में चाचा जल सिंह ने माथे पर बने चोट के निशान और वैष्णो देवी से लाकर बांधे गए धागे से मनवीर की पहचान की। जल सिंह ने बताया कि मनवीर पर हरियाणा में कोई मामला दर्ज नहीं है। वह अब फैक्टरी में काम कर रहा था। शामली कैसे पहुंचा, किसी को जानकारी नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच परिजनों ने हरियाणा सरकार से कराने की मांग की।
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मुठभेड़ में मौत के बाद चारों बदमाशाें के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया था। यहां सात घंटे तक चारों शवों का पोस्टमार्टम किया गया। अरशद, मंजीत और सतीश के शवों को मंगलवार देर रात ही परिजन लेकर चले गए थे, जबकि मनवीर के शव को परिजन बुधवार दोपहर बाद लेने पहुंचे। पीर बड़ौली गांव के सरपंच अशोक कुमार ने बताया कि मनवीर के मारे जाने की सूचना पर उनके अलावा मनवीर के पिता फूल सिंह, चाचा जल सिंह करनाल से शामली के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां पर पिता ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया, क्योंकि मनवीर का चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। परिजनों ने पुलिस पर बेवजह बुलाकर परेशान करने का आरोप लगाया। बाद में चाचा जल सिंह ने माथे पर बने चोट के निशान और वैष्णो देवी से लाकर बांधे गए धागे से मनवीर की पहचान की। जल सिंह ने बताया कि मनवीर पर हरियाणा में कोई मामला दर्ज नहीं है। वह अब फैक्टरी में काम कर रहा था। शामली कैसे पहुंचा, किसी को जानकारी नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच परिजनों ने हरियाणा सरकार से कराने की मांग की।
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