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सत्संग सुनकर उसे आचरण में लाना ही मोक्ष प्राप्ति का सरल साधन

Mon, 10 Oct 2022 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2022 12:28 AM IST
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Listening to satsang and putting it into practice is the easiest way to attain salvation.
सत्संग सुनकर उसे आचरण में लाना ही मोक्ष प्राप्ति का सरल साधन
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शामली, थानाभवन। कथा व्यास राज राजेश्वर ने कहा है कि सत्संग सुनना और उसे आचरण में लाना ही मोक्ष प्राप्ति का सरल साधन है। आश्विन माह का अंतिम दिन शरद पूर्णिमा की रात्रि का चंद्रमा दर्शन औषधि का काम करता है।
कथा व्यास राज राजेश्वर बाला जी धाम में आयोजित सत्संग में दूसरे दिन श्रद्धालुओं के समक्ष प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा व कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। चंद्रमा औषधि देवता है। श्री कृष्ण भगवान ने इसी दिन गोपियों के संग रात्रि में महारास रचाया था। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है। माता लक्ष्मी इस दिन पृथ्वी पर भ्रमण कर भक्तों के दुख तकलीफों को दूर करती है। धन लाभ के लिए ये दिन महत्वपूर्ण है। शरद पूर्णिमा की रात्रि चंद्रमा अपनी 16 कलाओं को पूर्ण कर अमृत वर्षा करता है।
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अर्ध रात्रि को खुले आसमान ने नीचे खीर का प्रसाद मानव के लिए औषधि का काम करता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि स्वास्थ के लिए लाभकारी है। कथा व्यास ने कहा पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण समाज अपनी संस्कृति को भूलता जा रहा है। ऐसे में सत्संग श्रवण व उसे आचरण में लाना ही श्रेष्ठ है। इस अवसर पर संतोष रानी, सरला देवी, किरण रानी, सुनीता रानी, रिया तायल, श्रुति अग्रवाल, रुचि तायल, ममता रानी आदि मौजूद रही।
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