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श्रमिकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट

Tue, 09 Jan 2018 11:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली Updated Tue, 09 Jan 2018 11:51 PM IST
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Labor crisis in front of workers
workers - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। फ्लाई ऐश के नियमों कायदों के फेर में जिले र्के इंट भट्ठा बंद होने से मालिकों और मजदूरों के सामने  विषम स्थितियां उत्पन्न हो गई है। जिले में करीब 50 हजार ईंट भट्ठा मजदूरों के सामने से रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया हैं, वही ईंटों के दामों में बढ़ोतरी होने से भट्ठों का स्टाक खत्म होने लगा है।
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 वेस्ट यूपी के बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर , गौतमबुद्धनगर जिलो में ईट भट्ठा प्रमुख कारोबार में शामिल है। वेस्ट यूपी के जिलों से ईंटें उत्तराखंड व दिल्ली एनसीआर के जिलों में विकास कार्यों में आपूर्ति की जा रही थी। ईट भट्ठों का कारोबार वैसे दीपावली से लेकर बरसात आने से पूर्व जुलाई माह तक माना जाता है। जिले में ईट भट्ठों की संख्या 153 है। कांधला क्षेत्र के किवाना गांव में 40 ईट भट्ठे मंडी के रूप में विकसित है। औसतन ईट भट्ठों पर मजदूरों का दीपावली के बाद लौटना शुरू हो जाता हैं।
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नवंबर- दिसंबर में ईंट भट्ठों में अग्नि प्रज्वलित करके ईट निर्माण कार्य शुरू हो जाता था। इस बार जिले के ईट भट्ठे दिसंबर में जैसे चालू हुए, तो ईट भट्ठों पर प्रदूषण कम करने के केंद्र ने फ्लाईऐश की पात्रता लागू करने के आदेश पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सभी ईट भट्ठों को बंद करा दिया है। जिले के ईंट भट्ठे बंद होने से कारोबार से जुडे पथेर, जलाई, निकासी, बेलदार, ईंटों की आपूर्ति करने वाले बुग्गी, घोड़ा बुग्गी व ट्राली ट्रक चालक व क्लीनर आदि मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है।
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किवाना व बागपत के सरूरपुर गांव में ईट भट्ठा स्वामी डाक्टर विनोद मलिक ने बताया है कि जिले में केंद्र सरकार ने थर्मल पावर की एक सौ किमी के दायरे में 25 प्रतिशत राख मिलाकर ईंटो की पथाई करने के आदेश है, जिससे ईट भट्ठों पर प्रदूषण कम हो सके। थर्मल पावर की राख लेना चाहते हैं, किंतु पानीपत थर्मल पावर की राख उपलब्ध नहीं है। जिला प्रशासन यदि इसकी राख उपलब्ध कराए तो मालिक ईंट निर्माण में उपभोग करने को तैयार है।

आशियाना बनाना मंहगा हुआ
शामली। जिला प्रशासन द्वारा बंद कराए गए ईंट भट्ठों के बाद ईंटों के भाव में उछाल आ गया है, जिससे आशियाना बनाना महंगा हो गया है। विकास कार्यों का निर्माण कार्य प्रभावित होगा।  जिला प्रशासन द्वारा ईट भट्ठे बंद कराए जाने के बाद प्रथम श्रेणी की ईंटों में 1200 रुपये से लेकर 1500 रुपये व दोयम दर्जे की ईंटों में 800 रुपये, चटका ईंटंो में 400 रुपये, सबसे नीचे स्तर की ईंटंो में 600 रुपये के दामों में प्रति हजार बढोतरी हुई है।

ईंट भट्ठों के बंद होने से अव्वल व पिल्ली ईंटों का स्टाक खत्म होने लगा है। दिल्ली रोड पर भारत ईट भट्ठा उद्योग पर मौजूद मुनीम अंकित कुमार का कहना है कि उनके यहां ईंटों का स्टॉक खत्म हो गया है। जिले के ईंट भट्ठों पर ईंटों के मूल्यों में बढ़ोतरी होने से आशियाना बनाना महंगा हो गया है।

सीडीओ प्रभारी व जिला विकास अधिकारी बलराम कुमार ने बताया कि फिलहाल ईट भट्ठे बंद होने का असर नहीं है, यदि लबे समय तक ईट भट्ठे बंद रहे तो जिले की ग्राम पंचायतों मे हो रहे खड़ंजों का कार्य प्रभावित हो जाएगा। ईंट भट्ठे पर कार्य करने वाले मुनीम अंकित कुमार का एक ईंट भट्ठे पर 100 से लेकर 150 तक पथेर, 14 से लेकर 20 बुग्गी ट्रैक्टर ट्राली, 10 ट्रक चालक मजदूर, बेलदार चार, जलाई वाले 10, निकासी 16, मुुनीम तीन मिलाकर 500 लोग काम करते हैं। सभी लोग बेेेरोजगार हो जाएंगे। उधर, करमूखेड़ी निवासी संजीव, तैयब, पंकज व पोला बुग्गी चालक ने बताया कि वह ईंट भट्ठों से बुग्गी चलाकर 18 से लेकर 20 हजार रुपये कमा लेता हूं। ईट भट्ठे बंद होने से रोजी रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।

पांच हजार टन फ्लाईएश की मांग
जिला ईट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिह मलिक का कहना है कि ईट भट़्ठा  मालिकों की मजदूूरों को एडवांस, ईंधन, वेतन पर सभी पूंजी लग चुकी है। ईंट भट्ठा एक जनवरी से बंद होने से बिना काम किए मजदूरी व वेतन देना पड़ रहा है। एक- एक ईंट भट्ठो के मालिकों को 25 लाख रुपये तक एडवांस देना पड़ रहा है।

जिले के ईट भट्ठों के लिए पांच हजार टन फ्लाई एश की मांग का पत्र पानीपत थर्मल पावर को दिया गया है। वहां के अधिकारियों ने फ्लाइएश उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है। फलाईऐश का लेकर सभी ईट भट्ठा मालिक तैयार नही है। फ्लाईऐश से मजदूरों की आंखों व हाथों में बुुरा असर डाल सकती है। वह न्यायालय व सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। जिले मे 40 हजार ईट भट्ठा मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट है।


 प्रति हजार ईंटों के भाव का आंकड़ा
ईंटों की श्रेणी        पूर्व का मूल्य             बंद होने के बाद का मूल्य
अव्वल        3000 रुपये        5000 रुपये
दोयम        2700 रुपये        3500 रुपये
चटका        2000 रुपये        2400 रुपये
पिल्ली        1200 रुपये        1800  रुपये

जिले में ईंट भट्ठे
शामली        153
मुजफ्फरनगर    300
बागपत        400
सहारनपुर        250
 
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