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कैराना में जुलूस निकला कमलेश के फूंके पुतले
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 07 Dec 2015 12:17 AM IST
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कैराना। हिंदू महासभा नेता कमलेश तिवारी के आपत्तिजनक बयान के खिलाफ मुस्लिम समाज के लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। ईदगाह मैदान में इकट्ठा होकर मुसलिम समाज के सैकड़ों लोगों ने नारेबाजी करते हुए नगर में जलूस निकाला। पानीपत-खटीमा हाईवे पर कमलेश तिवारी के कई पुतले फूंके गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसील पहुंचकर उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
रविवार सुबह 10 बजे मजलिस एहरार-ए-इस्लाम के बैनर तले सैकड़ों लोग ईदगाह के मैदान में इकट्ठा हुए। लोगों के हाथों में हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के विरुद्ध नारे लिखी तख्तियां और बैनर थे। साथ ही युवा अपने अपने कमलेश तिवारी के दर्जनों पुतले लेकर आये थे। ईदगाह के मैदान से मजलिस एहरार ए इस्लाम के प्रदेश प्रभारी मोहम्मद अली ने कहा कि आपत्तिजनक बयान देने वाले कमलेश तिवारी को फांसी की सजा दी जाए।
इसके बाद वहां से भीड़ कमलेश तिवारी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए जलूस लेकर इमामगेट, बिसातियान, चौक बाजार होते हुए शामली स्टैंड पहुंचे। यहां पर पुतलों को फूंक दिया। इसके बाद जुलूस में शामिल भीड़ तहसील परिसर पहुंची और धरना-प्रदर्शन किया। यहां पर मजलिस एहरार-ए-इस्लाम के प्रदेश प्रभारी मोहम्मद अली, पूर्व सांसद व जिला पंचायत सदस्य तब्बसुम बेगम ने कहा कि कमलेश तिवारी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसा बयान देने वालों पर अंकुश लग सके।
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इसके बाद धरनास्थल पर पहुंचे उपजिलाधिकारी इंद्रसैन यादव को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मुफ्ती तालिब, मौलाना शाहनवाज, मौलाना आबिद, कारी मेहबूब, कारी राशिद, जियाउल हक, असलम खां, मेहरबान अली सहित हजारो की संख्या में लोग मौजूद रहे।
कस्बे में शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस एवं पीएसी बल तैनात किया गया था। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कस्बे की अधिकतर दुकानें बंद रही। वहीं, ईदगाह के मैदान से शुरू हुए जलूस के साथ साथ पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। खुद सीओ एनपी सिंह और कोतवाली प्रभारी बीपी सिंह सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाले रहे।
न्यायिक अधिकारी ने जताई नाराजगी
सैकड़ों लोगों की भीड़ जब तहसील परिसर पहुंची, तो कुछ युवकों ने वहां के एक गेट क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी परिसर में न्याय विभाग के भवन भी हैं। वहां भी कुछ युवक भवन की छत पर चढ़ गए और टंकी तोड़ दी। इस पर न्यायिक अधिकारी ने एसडीएम और सीओ को तलब कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भीड़ को कचहरी परिसर में आने से रोका क्यों नहीं गया।
निषेधाज्ञा में आचार संहिता का उल्लंघन
शामली। पंचायत चुनाव के मद्देनजर जिलेभर में धारा 144 लागू है। जुलूस और हंगामे प्रदर्शन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद रविवार को जिलेभर में हंगामों का दौर चला। जलालाबाद में हाईवे तक जाम किया गया। वहीं, झिंझाना में सभा हुई, वहां भी काफी लोग एक स्थान पर इकट्ठा हुए। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनों के दौरान वीडियोग्राफी कराई है, जिसके चलते कार्रवाई भी हो सकती है।
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रविवार सुबह 10 बजे मजलिस एहरार-ए-इस्लाम के बैनर तले सैकड़ों लोग ईदगाह के मैदान में इकट्ठा हुए। लोगों के हाथों में हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के विरुद्ध नारे लिखी तख्तियां और बैनर थे। साथ ही युवा अपने अपने कमलेश तिवारी के दर्जनों पुतले लेकर आये थे। ईदगाह के मैदान से मजलिस एहरार ए इस्लाम के प्रदेश प्रभारी मोहम्मद अली ने कहा कि आपत्तिजनक बयान देने वाले कमलेश तिवारी को फांसी की सजा दी जाए।
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इसके बाद वहां से भीड़ कमलेश तिवारी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए जलूस लेकर इमामगेट, बिसातियान, चौक बाजार होते हुए शामली स्टैंड पहुंचे। यहां पर पुतलों को फूंक दिया। इसके बाद जुलूस में शामिल भीड़ तहसील परिसर पहुंची और धरना-प्रदर्शन किया। यहां पर मजलिस एहरार-ए-इस्लाम के प्रदेश प्रभारी मोहम्मद अली, पूर्व सांसद व जिला पंचायत सदस्य तब्बसुम बेगम ने कहा कि कमलेश तिवारी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसा बयान देने वालों पर अंकुश लग सके।
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इसके बाद धरनास्थल पर पहुंचे उपजिलाधिकारी इंद्रसैन यादव को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मुफ्ती तालिब, मौलाना शाहनवाज, मौलाना आबिद, कारी मेहबूब, कारी राशिद, जियाउल हक, असलम खां, मेहरबान अली सहित हजारो की संख्या में लोग मौजूद रहे।
कस्बे में शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस एवं पीएसी बल तैनात किया गया था। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कस्बे की अधिकतर दुकानें बंद रही। वहीं, ईदगाह के मैदान से शुरू हुए जलूस के साथ साथ पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। खुद सीओ एनपी सिंह और कोतवाली प्रभारी बीपी सिंह सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाले रहे।
न्यायिक अधिकारी ने जताई नाराजगी
सैकड़ों लोगों की भीड़ जब तहसील परिसर पहुंची, तो कुछ युवकों ने वहां के एक गेट क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी परिसर में न्याय विभाग के भवन भी हैं। वहां भी कुछ युवक भवन की छत पर चढ़ गए और टंकी तोड़ दी। इस पर न्यायिक अधिकारी ने एसडीएम और सीओ को तलब कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भीड़ को कचहरी परिसर में आने से रोका क्यों नहीं गया।
निषेधाज्ञा में आचार संहिता का उल्लंघन
शामली। पंचायत चुनाव के मद्देनजर जिलेभर में धारा 144 लागू है। जुलूस और हंगामे प्रदर्शन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद रविवार को जिलेभर में हंगामों का दौर चला। जलालाबाद में हाईवे तक जाम किया गया। वहीं, झिंझाना में सभा हुई, वहां भी काफी लोग एक स्थान पर इकट्ठा हुए। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनों के दौरान वीडियोग्राफी कराई है, जिसके चलते कार्रवाई भी हो सकती है।