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हिंसा की इजाजत नहीं देता, इस्लाम धर्म : मौलाना आकिल
Sun, 26 Feb 2023 12:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 26 Feb 2023 12:22 AM IST
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कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी मियां के मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया में सालाना जलसे में मौजूद मुस्
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शामली, कांधला। क्षेत्र के गांव गढ़ी मियां के मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया में सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में आधा दर्जन तलबाओं की दस्तारबंदी की गई। जलसे में सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
गांव गढ़ी मियां के मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया में शनिवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए हजरत मौलाना आकिल ने फरमाया कि मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलने में ही हम सब लोगों की भलाई है। इस्लाम धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता है। हिंसा करने वाले लोग इस्लाम धर्म के नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि इंसान को मौत से पहले आखिरत की तैयारी कर लेनी चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि हम सब लोगों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करनी चाहिए।
उन्होंने जलसे में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि युवा वर्ग नशे की लत में पड़ गया है। हम सब लोगों को नशे की लत में पड़े युवाओं को सही रास्ते पर लाना होगा। जलसे में छह तलबाओं की दस्तारबंदी की गई। जलसे की निजामत मोहतमिम कारी जावेद और सदारत हजरत मौलाना आकिल साहब ने की। इस दौरान मौलाना राशिद, मुफ्ती तैय्यब, मौलाना कुर्बान, मौलाना रियासत, मौलाना इस्लाम, असजद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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गांव गढ़ी मियां के मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया में शनिवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए हजरत मौलाना आकिल ने फरमाया कि मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलने में ही हम सब लोगों की भलाई है। इस्लाम धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता है। हिंसा करने वाले लोग इस्लाम धर्म के नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि इंसान को मौत से पहले आखिरत की तैयारी कर लेनी चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि हम सब लोगों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करनी चाहिए।
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उन्होंने जलसे में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि युवा वर्ग नशे की लत में पड़ गया है। हम सब लोगों को नशे की लत में पड़े युवाओं को सही रास्ते पर लाना होगा। जलसे में छह तलबाओं की दस्तारबंदी की गई। जलसे की निजामत मोहतमिम कारी जावेद और सदारत हजरत मौलाना आकिल साहब ने की। इस दौरान मौलाना राशिद, मुफ्ती तैय्यब, मौलाना कुर्बान, मौलाना रियासत, मौलाना इस्लाम, असजद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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