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आईएसआई का जासूस नोमान: मोबाइल में मिले पाकिस्तान के 50 फोन नंबर, हर सूचना के बदले लेता था 10 हजार रुपये
Fri, 16 May 2025 12:00 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
महबूब अली, शामली
महबूब अली, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 16 May 2025 12:00 AM IST
सार
कैराना का रहने वाला नोमान इलाही पानीपत में पकड़ा गया। वह पाकिस्तान को सूचना और फोटो आदि भेज रहा था। पाकिस्तान के 50 नंबर उसके मोबाइल में मिले हैं। वह फिर से पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था।
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आरोपी नोमान व कैराना में उसके घर पर लगा ताला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में पकड़े गए कैराना के नोमान इलाही से पूछताछ और पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलर इकबाल काना के बाद अब वहीं पर रह रहे विक्की उर्फ शाह ने आईएसआई की कमान संभाल ली है। वह वेस्ट यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और अन्य स्थानों के भारत के युवाओं को झांसे में लेकर गोपनीय जानकारियां हासिल कर रहा है।
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पानीपत सीआईए प्रथम के सूत्रों के अनुसार, कैराना का नोमान इलाही पिछले दो साल से पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट इकबाल काना और अन्य के संपर्क में था। वह व्हॉट्सएप पर लगातार पाकिस्तान के एजेंटों से बात करता था। उसकी व्हॉट्सएप चैट से पता चला है कि आईएसआई हैंडलर इकबाल काना के अलावा शाह उर्फ विक्की ने आईएसआई की कमान संभाल ली है। हालांकि यह शाह है कौन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं।
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वहीं, रेलवे स्टेशनों से लेकर सेना संबंधी जानकारियां नोमान पाकिस्तान भेज रहा था। हर सूचना के बदले 8 से लेकर 10 हजार रुपये तक दिए जाते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इकबाल काना और शाह पाकिस्तान में होने के बावजूद भारत के मोबाइल फोन नंबरों का प्रयोग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के नंबरों से लगातार नोमान से व्हॉट्सएप पर बात की जा रही थी।
पुलिस और खुफिया विभाग को शक है कि कैराना, मध्यप्रदेश के लोग ही पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलरों को सिम उपलब्ध करा रहे हैं। कई लोग पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस ने जल्द सभी पर शिकंजा कसने की बात कही है।
50 पाकिस्तानियों के संपर्क में था नोमान
पुलिस के अनुसार, नोमान के पास से एक मोबाइल फोन, उसमें दो सिम, एक सिम अलग से बरामद किया गया है। उसके मोबाइल के अंदर 50 पाकिस्तानियों के नंबर नाम से सेव मिले हैं। माना जा रहा है कि नोमान कई आतंकी संगठनों के संपर्क में है। जिनमें से कुछ से वह लगातार बात भी करता रहता था।
पुलिस के अनुसार, नोमान के पास से एक मोबाइल फोन, उसमें दो सिम, एक सिम अलग से बरामद किया गया है। उसके मोबाइल के अंदर 50 पाकिस्तानियों के नंबर नाम से सेव मिले हैं। माना जा रहा है कि नोमान कई आतंकी संगठनों के संपर्क में है। जिनमें से कुछ से वह लगातार बात भी करता रहता था।
फिर से पाकिस्तान जाने की तैयारी में था
पुलिस को पता चला है कि आरोपी की बुआ और मौसी पाकिस्तान में रहती हैं। वर्ष 2017 में नोमान अपनी रिश्तेदारी में गया था। फिर से वह पासपोर्ट को रिन्युअल कराकर पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। पाकिस्तान जाने की ट्रेवल हिस्ट्री भी पुलिस के हाथ लगी है।
पुलिस को पता चला है कि आरोपी की बुआ और मौसी पाकिस्तान में रहती हैं। वर्ष 2017 में नोमान अपनी रिश्तेदारी में गया था। फिर से वह पासपोर्ट को रिन्युअल कराकर पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। पाकिस्तान जाने की ट्रेवल हिस्ट्री भी पुलिस के हाथ लगी है।
हर रोज होती थी पाकिस्तान बात
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि नोमान हर रोज पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों से बात करता था। उन्हें वीडियो से लेकर स्टेशनों के फोटो आदि भेजे जाते थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नोमान की सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर पुलिस को उस पर शक हुआ और उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि नोमान हर रोज पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों से बात करता था। उन्हें वीडियो से लेकर स्टेशनों के फोटो आदि भेजे जाते थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नोमान की सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर पुलिस को उस पर शक हुआ और उसे गिरफ्तार किया गया।
कहीं फर्जी पासपोर्ट से तो पाकिस्तान नहीं गया, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि नोमान का पासपोर्ट अभी उनके हाथ नहीं लगा है। पुलिस जांच में जुट गई हैं कि कहीं वह फर्जी पासपोर्ट से तो पाकिस्तान नहीं गया था।
पुलिस का कहना है कि नोमान का पासपोर्ट अभी उनके हाथ नहीं लगा है। पुलिस जांच में जुट गई हैं कि कहीं वह फर्जी पासपोर्ट से तो पाकिस्तान नहीं गया था।
पासपोर्ट बनाने का काम करता था नोमान
नोमान पहले कैराना क्षेत्र के एक जनसुविधा केंद्र पर लोगों के पासपोर्ट और आधार कार्ड बनाने का कार्य करता था। एक पासपोर्ट के बनवाने के बदले तीन से चार हजार रुपये लेता था। उसने कैराना और आसपास क्षेत्र के काफी संख्या में लोगों के पासपोर्ट, आधार कार्ड बनवाए। पुलिस पासपोर्ट बनवाने का भी पाकिस्तान लिंक खंगाल रही है।
नोमान पहले कैराना क्षेत्र के एक जनसुविधा केंद्र पर लोगों के पासपोर्ट और आधार कार्ड बनाने का कार्य करता था। एक पासपोर्ट के बनवाने के बदले तीन से चार हजार रुपये लेता था। उसने कैराना और आसपास क्षेत्र के काफी संख्या में लोगों के पासपोर्ट, आधार कार्ड बनवाए। पुलिस पासपोर्ट बनवाने का भी पाकिस्तान लिंक खंगाल रही है।