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इकबाल काना की दिल्ली में पकडी गई थी 75 पिस्टलें
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दिल्ली में पिस्टलें पकड़े जाने के समय इकबाल काना था पाकिस्तान में
कैराना (शामली)। दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में साजिशकर्ता इकबाल काना की अक्तूबर 1995 में दिल्ली में पाकिस्तान से भेजी गई 75 पिस्टलें पकड़ी गईं थीं। हथियार तस्करी में इकबाल काना का नाम आने के बाद इकबाल भारत वापस नहीं आया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहकर वह भारत विरोधी गतिविधियां चलाने लगा।
कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी हाजी अकबर के तीन बेटों में इकबाल काना दूसरे नंबर का है। हाजी अकबर चौक बाजार में ठेली लगाकर सब्जी और फल बेचता था। इकबाल पढ़ा लिखा होने के कारण 90 के दशक की शुरूआत में गठरी व्यवसाय से जुड़े लोगों के पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। बाद में इकबाल ने गठरी व्यवसाय का अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया तथा कुछ रुपये देकर महिलाओं व पुरुषों को अपने खर्च पर पाकिस्तान भेजकर सोने व अन्य सामान की तस्करी कराने लगा। वर्ष 1992 में इकबाल काना ने सहारनपुर जिले के गांव खेड़ा अफगान की महिला के साथ शादी की, जिससे दो बेटियां थीं। वर्ष1994 में इकबाल ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया, जिस पर उसके पिता अकबर ने इकबाल काना को घर से निकाल दिया था। फरवरी 1995 में इकबाल तस्करी के लिए पाकिस्तान गया था। अक्तूबर 1995 में इकबाल काना द्वारा पाकिस्तान से भारत भेजे गए 75 पिस्टल दिल्ली में पकड़े गए थे। दिल्ली स्पेशल टीम ने पिस्टल के साथ छह आरोपी भी पकड़े थे, जिनमें से कुछ की मौत हो चुकी है। सभी आरोपियों ने स्पेशल टीम को बताया था कि पिस्टल इकबाल काना के हैं। यह खबर मिलने के बाद इकबाल काना भारत वापस नहीं आया तथा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियां चलाने लगा। इकबाल काना की मां बशीरन ने 2014 में अपना सरावज्ञान वाला मकान भी बेच दिया था तथा दूसरी जगह जाकर रहने लगे थे।
कैराना से कई लोगों पर खुफिया तंत्र की नजर
शामली: दरभंगा ब्लास्ट में कैराना के चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों की नजर कई अन्य लोगों पर है। चारों आरोपियों का पाकिस्तान कनेक्शन मिलने के बाद कैराना के ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है, जो कि पाकिस्तान जाकर लौटे हैं। इसके साथ ही चारों आरोपियों के संपर्क के कई लोग इधर-उधर हो गए हैं। कैराना के कई लोगों की रिश्तेदारियां पाकिस्तान में हैं। इसलिए उनका वहां जाना-आना लगा रहता है। एनआईए द्वारा पकड़े गए नासिर और सलीम के भी पाकिस्तान होकर लौटने की जानकारी मिली है। इस बारे में पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
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कैराना (शामली)। दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में साजिशकर्ता इकबाल काना की अक्तूबर 1995 में दिल्ली में पाकिस्तान से भेजी गई 75 पिस्टलें पकड़ी गईं थीं। हथियार तस्करी में इकबाल काना का नाम आने के बाद इकबाल भारत वापस नहीं आया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहकर वह भारत विरोधी गतिविधियां चलाने लगा।
कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी हाजी अकबर के तीन बेटों में इकबाल काना दूसरे नंबर का है। हाजी अकबर चौक बाजार में ठेली लगाकर सब्जी और फल बेचता था। इकबाल पढ़ा लिखा होने के कारण 90 के दशक की शुरूआत में गठरी व्यवसाय से जुड़े लोगों के पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। बाद में इकबाल ने गठरी व्यवसाय का अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया तथा कुछ रुपये देकर महिलाओं व पुरुषों को अपने खर्च पर पाकिस्तान भेजकर सोने व अन्य सामान की तस्करी कराने लगा। वर्ष 1992 में इकबाल काना ने सहारनपुर जिले के गांव खेड़ा अफगान की महिला के साथ शादी की, जिससे दो बेटियां थीं। वर्ष1994 में इकबाल ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया, जिस पर उसके पिता अकबर ने इकबाल काना को घर से निकाल दिया था। फरवरी 1995 में इकबाल तस्करी के लिए पाकिस्तान गया था। अक्तूबर 1995 में इकबाल काना द्वारा पाकिस्तान से भारत भेजे गए 75 पिस्टल दिल्ली में पकड़े गए थे। दिल्ली स्पेशल टीम ने पिस्टल के साथ छह आरोपी भी पकड़े थे, जिनमें से कुछ की मौत हो चुकी है। सभी आरोपियों ने स्पेशल टीम को बताया था कि पिस्टल इकबाल काना के हैं। यह खबर मिलने के बाद इकबाल काना भारत वापस नहीं आया तथा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियां चलाने लगा। इकबाल काना की मां बशीरन ने 2014 में अपना सरावज्ञान वाला मकान भी बेच दिया था तथा दूसरी जगह जाकर रहने लगे थे।
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कैराना से कई लोगों पर खुफिया तंत्र की नजर
शामली: दरभंगा ब्लास्ट में कैराना के चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों की नजर कई अन्य लोगों पर है। चारों आरोपियों का पाकिस्तान कनेक्शन मिलने के बाद कैराना के ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है, जो कि पाकिस्तान जाकर लौटे हैं। इसके साथ ही चारों आरोपियों के संपर्क के कई लोग इधर-उधर हो गए हैं। कैराना के कई लोगों की रिश्तेदारियां पाकिस्तान में हैं। इसलिए उनका वहां जाना-आना लगा रहता है। एनआईए द्वारा पकड़े गए नासिर और सलीम के भी पाकिस्तान होकर लौटने की जानकारी मिली है। इस बारे में पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
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