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टॉप बोरर कीट के बारे में किसानों को दी जानकारी
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शामली। खतौली चीनी मिल के अधिकारियों ने जिले के किसानों को गन्ने में लगने वाले टॉप बोरर कीट की जानकारी देकर जागरूक किया। उन्होंने किसानों से पर्ची का एसएमएस मिलने पर ही गन्ने की छिलाई कर चीनी मिल को आपूर्ति करने की अपील की।
खतौली चीनी मिल के महा प्रबंधक कुलदीप राठी ने बृहस्पतिवार सुबह चीनी मिल के अधिकारियों के साथ लिसाढ़ और करौदा महाजन जोन में भ्रमण किया। इस दौरान गन्ने में लगने वाले टॉप बोरर कीट की जानकारी दी। कहा कि खेतों का भ्रमण कर किसानों को टॉप बोरर की तितली दिखाई, जो गन्ने की पत्तियों की निचली सतह पर अंडे दे रही थी। यह बीमारी की शुरुआत है। किसान सुबह और शाम ईख के खेतों का निरीक्षण कर अंडे लगी पत्तियों को नष्ट कर दें।
वरिष्ठ प्रबंधक (गन्ना) विनेश कुमार ने रासायनिक नियंत्रण के लिए असौजी गन्ना व पेड़ी में कोराजन की ड्रेचिंग व पत्ती बिछी पेड़ी में फरटेरा/वर्टिकों का प्रयोग सभी किसान अभियान चलाकर करें तो इस रोग को समाप्त किया जा सकता है, अन्यथा यह कीट फसलों को भारी नुकसान करेगा।
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चीनी मिल अध्याशी डॉ. अशोक कुमार ने किसानों से टॉप बोरर कीट नियंत्रण के उपाय एवं चौड़ी विधि से गन्ने की बुवाई व गन्ना बीज हेक्सास्टोप से अवश्य उपचारित करने की अपील की। गन्ना प्रबंधक देवेंद्र कालखंडे ने बताया कि किसान पर्ची का एसएसएस मिलने पर ही गन्ने की छिलाई करें। क्रय केंद्रों पर साफ व ताजा गन्ना ही आपूर्ति करें।
पछैती प्रजाति के गन्ने में प्रतिदिन वजन तेजी से कम होता है। मौके पर किसान धीर सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, परविंद्र मलिक, धर्मेंद्र मलिक, अमरपाल, सुधीर कुमार, जयवीर और चीनी मिल के अधिकारी देवराज सिंह, राजकिशोर, रोहित कुमार मलिक, रवि अवस्थी मौजूद रहे।
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खतौली चीनी मिल के महा प्रबंधक कुलदीप राठी ने बृहस्पतिवार सुबह चीनी मिल के अधिकारियों के साथ लिसाढ़ और करौदा महाजन जोन में भ्रमण किया। इस दौरान गन्ने में लगने वाले टॉप बोरर कीट की जानकारी दी। कहा कि खेतों का भ्रमण कर किसानों को टॉप बोरर की तितली दिखाई, जो गन्ने की पत्तियों की निचली सतह पर अंडे दे रही थी। यह बीमारी की शुरुआत है। किसान सुबह और शाम ईख के खेतों का निरीक्षण कर अंडे लगी पत्तियों को नष्ट कर दें।
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वरिष्ठ प्रबंधक (गन्ना) विनेश कुमार ने रासायनिक नियंत्रण के लिए असौजी गन्ना व पेड़ी में कोराजन की ड्रेचिंग व पत्ती बिछी पेड़ी में फरटेरा/वर्टिकों का प्रयोग सभी किसान अभियान चलाकर करें तो इस रोग को समाप्त किया जा सकता है, अन्यथा यह कीट फसलों को भारी नुकसान करेगा।
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चीनी मिल अध्याशी डॉ. अशोक कुमार ने किसानों से टॉप बोरर कीट नियंत्रण के उपाय एवं चौड़ी विधि से गन्ने की बुवाई व गन्ना बीज हेक्सास्टोप से अवश्य उपचारित करने की अपील की। गन्ना प्रबंधक देवेंद्र कालखंडे ने बताया कि किसान पर्ची का एसएसएस मिलने पर ही गन्ने की छिलाई करें। क्रय केंद्रों पर साफ व ताजा गन्ना ही आपूर्ति करें।
पछैती प्रजाति के गन्ने में प्रतिदिन वजन तेजी से कम होता है। मौके पर किसान धीर सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, परविंद्र मलिक, धर्मेंद्र मलिक, अमरपाल, सुधीर कुमार, जयवीर और चीनी मिल के अधिकारी देवराज सिंह, राजकिशोर, रोहित कुमार मलिक, रवि अवस्थी मौजूद रहे।