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बारिश होने पर संक्रामक रोगों का बढ़ा खतरा, बरते सावधानी

Wed, 22 Jun 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 12:30 AM IST
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Increased risk of infectious diseases when it rains, take precautions
बारिश होने पर संक्रामक रोगों का बढ़ा खतरा, बरतें सावधानी
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शामली। प्री मानसून बारिश होने पर मच्छर जनित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। बारिश के दौरान जलभराव होने से मच्छर तेजी से पनपता है। इस मौसम में मलेरिया व डेंगू होने का खतरा ज्यादा रहता है। जिले में इस साल मलेरिया बुखार के 23 केस मिल चुके हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मच्छरों के काटने से बचने के तरीके अपनाकर ही मलेरिया से बचाव हो सकता है।
चार दिन पहले जिले में दो दिन तक तेज बारिश हुई है। यह प्री मानसून बारिश बताई गई है। बारिश के बाद जगह-जगह पर जलभराव होने से मच्छरों के तेजी से पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इस महीने के अंत तक मानसून आने की संभावना जताई जा रही है। इस मौसम में मच्छर जनित संक्रामक रोग बढ़ते हैं। मच्छर काटने से मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफलाइटिस आदि रोग होने का खतरा होता है। वायरल बुखार पहले से चल रहा है।
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जिले में जनवरी से मई माह तक यानि पांच माह में मलेरिया के 23 केस सामने आ चुके हैं। 2021 में जिले में मलेरिया के कुल 57 केेस स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में दर्ज हुए थे। पिछले साल डेंगू के रिकार्ड 300 केस मिले थे। इसे देखते हुए बरसात के मौसम में लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। बरसात के मौसम में मच्छर के काटने से मलेरिया और डेंगू होने का खतरा ज्यादा रहता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार का कहना है कि बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि मच्छर के काटने से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। मलेरिया बुखार मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि बरसात के मौसम में मलेरिया बुखार होने की आशंका ज्यादा रहती है। इसलिए मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।अगर किसी को मलेरिया के लक्षण मिलते हैं तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए। मच्छर जनित रोगों की परामर्शदाता राजेश कुमारी ने बताया कि बारिश के मौसम में मच्छर भी पैदा होता है। मच्छर के काटने से मलेरिया बुखार होता है।
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मलेेरिया के लक्षण
ठंड के साथ तेज बुखार होना।
सिर दर्द होना, उल्टी होना।
अत्याधिक थकान होना
कमजोरी महसूस होना।
बचाव :
अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें।
गड्ढे व तालाब में जलभराव न होने दें।
गड्ढों में जलभराव रोकने से मिट्टी का भराव करें।
नाले व नालियों में भरे पानी पर सप्ताह में दो बार कीटनाशक का छिड़काव करें ।
दो बार जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।
रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
अंतरविभागीय अधिकारियों की बैठक आज
शामली। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण माह शुरू हो रहा है। इस माह में लोगों को रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। इसकी तैयारी के लिए बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में अंतरविभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
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