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Shamli News: महंगाई को देखते हुए लागत राशि में वृद्धि नाकाफी
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- प्राथमिक विद्यालयों में 48 पैसे, उच्च प्राथमिक में 72 पैसे प्रति विद्यार्थी की गई बढ़ोत्तरी
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए करीब चार साल बाद लागत राशि बढ़ाई गई है। प्रधानाध्यापकों ने महंगाई को देखते हुए लागत राशि में बढ़ोत्तरी को कम बताया है। उनका कहना है कि चार-पांच साल में महंगाई लगभग दुगनी हो गई है, लेकिन शासन ने जो भी राशि बढ़ाई है, उसका लाभ तो मिलेगा ही।
जिले में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट के 596 विद्यालय हैं। इनमें करीब 85 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों को विद्यालय में मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लिए शासन स्तर से निर्धारित प्रति विद्यार्थी का बजट विद्यालयों को दिया जाता है। अभी तक प्राथमिक विद्यालयों में चार रुपये 97 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सात रुपये 45 पैसे प्रति विद्यार्थी भुगतान किया जा रहा था। करीब चार साल बाद शासन ने मध्यान्ह भोजन के लिए लागत राशि में वृद्धि की है। अब प्राथमिक विद्यालयों में 48 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 72 पैसे प्रति विद्यार्थी बढ़ाई गई है। इस तरह से अब
प्राथमिक विद्यालयों में पांच रुपये 45 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आठ रुपये 17 पैसे प्रति विद्यार्थी मध्यान्ह भोजन पर खर्च की जाएगी। जिले में नई दरें एक अप्रैल से लागू कर दी गई है। लागत राशि बढ़ाने को लेकर प्रधानाध्यापकों से बात की गई तो महंगाई को देखते हुए लागत राशि में वृद्धि कम है।उच्च प्राथमिक विद्यालय लिलौन की प्रधानाध्यापिका उपमा शर्मा ने बताया कि मध्यान्ह भोजन में ब्रांडेड मसाले, उच्च क्वालिटी का राशन, फल आदि दिए जाते हैं। मध्यान्ह भोजन के लिए लागत राशि में वृद्धि महंगाई को देखते हुए कम है। प्राथमिक विद्यालय खेड़ीकरमू की प्रधानाध्यापिका सुमन का कहना है कि महंगाई जिस तरह से बढ़ रही है, उसे देखते हुए लागत राशि में वृद्धि कम हुई है। कंपोजिट विद्यालय डांगरौल के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि पिछले चार-पांच साल में महंगाई लगभग दुगनी हो गई है। करीब चार साल में लागत राशि में वृद्धि की गई है। महंगाई को देखते हुए यह वृद्धि कम है, लेकिन शासन ने जो भी राशि बढ़ाई हे, उससे थोड़ा बहुत लाभ मिलेगा।
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कोट
शासन स्तर से मध्यान्ह भोजन की लागत राशि में शासन ने प्राथमिक विद्यालयों में 48 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 72 पैसे की वृद्धि की गई है। इसके लिए जो ग्रांट मिली है, उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि बढ़ी हुई लागत राशि कब से लागू की जानी है। जिले में एक अप्रैल से बढ़ी हुई लागत राशि के अनुसार विद्यालयों को बजट जारी किया जा रहा है।
- जितेंद्र कुमार, जिला समन्वयक मिड डे मील।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए करीब चार साल बाद लागत राशि बढ़ाई गई है। प्रधानाध्यापकों ने महंगाई को देखते हुए लागत राशि में बढ़ोत्तरी को कम बताया है। उनका कहना है कि चार-पांच साल में महंगाई लगभग दुगनी हो गई है, लेकिन शासन ने जो भी राशि बढ़ाई है, उसका लाभ तो मिलेगा ही।
जिले में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट के 596 विद्यालय हैं। इनमें करीब 85 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों को विद्यालय में मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लिए शासन स्तर से निर्धारित प्रति विद्यार्थी का बजट विद्यालयों को दिया जाता है। अभी तक प्राथमिक विद्यालयों में चार रुपये 97 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सात रुपये 45 पैसे प्रति विद्यार्थी भुगतान किया जा रहा था। करीब चार साल बाद शासन ने मध्यान्ह भोजन के लिए लागत राशि में वृद्धि की है। अब प्राथमिक विद्यालयों में 48 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 72 पैसे प्रति विद्यार्थी बढ़ाई गई है। इस तरह से अब
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प्राथमिक विद्यालयों में पांच रुपये 45 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आठ रुपये 17 पैसे प्रति विद्यार्थी मध्यान्ह भोजन पर खर्च की जाएगी। जिले में नई दरें एक अप्रैल से लागू कर दी गई है। लागत राशि बढ़ाने को लेकर प्रधानाध्यापकों से बात की गई तो महंगाई को देखते हुए लागत राशि में वृद्धि कम है।उच्च प्राथमिक विद्यालय लिलौन की प्रधानाध्यापिका उपमा शर्मा ने बताया कि मध्यान्ह भोजन में ब्रांडेड मसाले, उच्च क्वालिटी का राशन, फल आदि दिए जाते हैं। मध्यान्ह भोजन के लिए लागत राशि में वृद्धि महंगाई को देखते हुए कम है। प्राथमिक विद्यालय खेड़ीकरमू की प्रधानाध्यापिका सुमन का कहना है कि महंगाई जिस तरह से बढ़ रही है, उसे देखते हुए लागत राशि में वृद्धि कम हुई है। कंपोजिट विद्यालय डांगरौल के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि पिछले चार-पांच साल में महंगाई लगभग दुगनी हो गई है। करीब चार साल में लागत राशि में वृद्धि की गई है। महंगाई को देखते हुए यह वृद्धि कम है, लेकिन शासन ने जो भी राशि बढ़ाई हे, उससे थोड़ा बहुत लाभ मिलेगा।
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शासन स्तर से मध्यान्ह भोजन की लागत राशि में शासन ने प्राथमिक विद्यालयों में 48 पैसे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 72 पैसे की वृद्धि की गई है। इसके लिए जो ग्रांट मिली है, उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि बढ़ी हुई लागत राशि कब से लागू की जानी है। जिले में एक अप्रैल से बढ़ी हुई लागत राशि के अनुसार विद्यालयों को बजट जारी किया जा रहा है।
- जितेंद्र कुमार, जिला समन्वयक मिड डे मील।