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Shamli News: हथियारों की फर्जी बरामदगी के मामले में विवेचक की गवाही पूरी
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रामपुरा तिराहा कांड
सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल की अदालत में सुनवाई हुई
अमर उसाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में पीडि़तों से हथियारों की फर्जी बरामदगी के मामले में सीबीआई के विवेचक की गवाही पूरी हो गई है। सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल की अदालत में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।
उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार भाटी ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिजीवल की अदालत में सीबीआई बनाम बृज किशोर की पत्रावली की सुनवाई हुई। सीबीआई की जांच में सामने आया था कि पुलिस ने पीडि़तों पर फर्जी बरामदगी का केस दर्ज किया था। मंगलवार को इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किया।
सीबीआई के अधिवक्ता धारा सिंह मीना ने मुकदमे के विवचेक रहे यशपाल सिंह के बयान कराए। विवेचक की गवाही पूरी हो गई है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने गवाह से जिरह की। अदालत ने अन्य गवाहों के साक्ष्य के लिए सात अगस्त की तिथि तय कर दी है। अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया मामले मे शामली के झिंझाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर रहे बृज किशोर सहित दो आरोपी है।
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ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया था। पुलिस की फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने जांच की। अलग-अलग मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।
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सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल की अदालत में सुनवाई हुई
अमर उसाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में पीडि़तों से हथियारों की फर्जी बरामदगी के मामले में सीबीआई के विवेचक की गवाही पूरी हो गई है। सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल की अदालत में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।
उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार भाटी ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिजीवल की अदालत में सीबीआई बनाम बृज किशोर की पत्रावली की सुनवाई हुई। सीबीआई की जांच में सामने आया था कि पुलिस ने पीडि़तों पर फर्जी बरामदगी का केस दर्ज किया था। मंगलवार को इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किया।
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सीबीआई के अधिवक्ता धारा सिंह मीना ने मुकदमे के विवचेक रहे यशपाल सिंह के बयान कराए। विवेचक की गवाही पूरी हो गई है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने गवाह से जिरह की। अदालत ने अन्य गवाहों के साक्ष्य के लिए सात अगस्त की तिथि तय कर दी है। अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया मामले मे शामली के झिंझाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर रहे बृज किशोर सहित दो आरोपी है।
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ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया था। पुलिस की फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने जांच की। अलग-अलग मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।