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Shamli News: जाली लेटर हेड इस्तेमाल करने के आरोप में शिक्षक को नोटिस
Wed, 23 Sep 2026 01:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:52 AM IST
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कांधला। महर्षि कश्यप इंटर कॉलेज नाला में विद्यालय के जाली लेटर हेड और कार्यवाहक प्रधानाचार्य की कथित जाली मोहर इस्तेमाल करने के आरोप में प्रबंध समिति ने जांच शुरू कर दी है। मामले में पूर्व से निलंबित सहायक अध्यापक सुभाषचंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कॉलेज प्रबंधक राजपाल सिंह ने बताया कि सुभाषचंद्र पर स्वयं को कार्यवाहक प्रधानाचार्य दर्शाते हुए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज और नोटिस जारी करने का आरोप है। प्रबंधक के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में अंकुर के हस्ताक्षर प्रमाणित और वैधानिक हैं। आरोप है कि सुभाषचंद्र ने 22 सितंबर तक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसके बावजूद जाली लेटर हेड और कथित जाली मोहर तैयार कर उसका इस्तेमाल किया गया। इसी दस्तावेज से नौ सितंबर को फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास करने और कर्मचारियों को कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में नोटिस जारी करने का भी आरोप है।
प्रबंध समिति ने नोटिस में पूछा है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। प्रबंधक ने बताया कि शिक्षक के स्पष्टीकरण और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, शिक्षक सुभाषचंद्र का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से उन्हें विद्यालय का चार्ज लेने के आदेश मिले थे, लेकिन प्रबंध समिति सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने प्रबंध समिति के सभी आरोपों को निराधार बताया।
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कॉलेज प्रबंधक राजपाल सिंह ने बताया कि सुभाषचंद्र पर स्वयं को कार्यवाहक प्रधानाचार्य दर्शाते हुए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज और नोटिस जारी करने का आरोप है। प्रबंधक के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में अंकुर के हस्ताक्षर प्रमाणित और वैधानिक हैं। आरोप है कि सुभाषचंद्र ने 22 सितंबर तक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसके बावजूद जाली लेटर हेड और कथित जाली मोहर तैयार कर उसका इस्तेमाल किया गया। इसी दस्तावेज से नौ सितंबर को फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास करने और कर्मचारियों को कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में नोटिस जारी करने का भी आरोप है।
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प्रबंध समिति ने नोटिस में पूछा है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। प्रबंधक ने बताया कि शिक्षक के स्पष्टीकरण और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, शिक्षक सुभाषचंद्र का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से उन्हें विद्यालय का चार्ज लेने के आदेश मिले थे, लेकिन प्रबंध समिति सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने प्रबंध समिति के सभी आरोपों को निराधार बताया।