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यमुना तटबंध किनारे वन विभाग के हजारो पेड काट कर नष्ट किए
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कैराना यमुना तटबंध नगला राई के पास बंधे के बराबर से तोडे़ गये पेड़।
- फोटो : SHAMLI
कैराना (शामली)। यमुना में आने वाली बाढ़ से आसपास के गांवों को बचाने के लिए यमुना किनारे तटंबध बना है। तटबंध के दोनों तरफ सुरक्षा और हरियाली के लिहाज से करीब पांच किलोमीटर तक सैकड़ों हरे पेड़ लगाए गए थे, जिन्हें साजिश के तहत नष्ट कर दिया गया। वन विभाग इस मामले की जांच कराने में लगा है।
पानीपत रोड पर यमुना पुल से 200 मीटर पहले दोनों साइड यमुना तटबंध बना हुआ है। तटबंध पर तारकोल की सड़क बनी है, जिस पर खादर क्षेत्र के लोग अपने वाहनों से आते जाते हैं। नंगला राई से यमुना पुल तक करीब 5 किलोमीटर लंबे तटबंध के दोनों तरफ लगे कीकर, बेल, जामुन व नीम के पेड़ों को कुछ लोगों ने नष्ट कर दिया। पेड़ों की जड़े वहां साफ दिखाई दे रही हैं, जबकि कुछ पेड़ों की लकड़ी वहां से गायब कर दी गई है। गांव रामड़ा निवासी ग्रामीण अतर सिंह और नंगलाराई निवासी याकूब ने बताया कि चार दिन पूर्व जेसीबी चलाकर पेड़ों को नष्ट किया गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि रेत खनन के लिए रास्ता बनाने को पेड़ तोड़े गए हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है। खनन प्वाइंट पर कमरों का निर्माण करा रहे जसबीर ने बताया कि उन्हें पेड़ तोड़े जाने की कोई जानकारी नहीं है।
यमुना तटबंध पर लगे हरे पेड़ वन विभाग के हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानूनी अपराध है। वह टीम भेजकर जांच कराएंगे। अगर पेड़ साजिश के तहत नष्ट किए गए हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - धर्मवृत्त वन रेंजर कैराना क्षेत्र।
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पानीपत रोड पर यमुना पुल से 200 मीटर पहले दोनों साइड यमुना तटबंध बना हुआ है। तटबंध पर तारकोल की सड़क बनी है, जिस पर खादर क्षेत्र के लोग अपने वाहनों से आते जाते हैं। नंगला राई से यमुना पुल तक करीब 5 किलोमीटर लंबे तटबंध के दोनों तरफ लगे कीकर, बेल, जामुन व नीम के पेड़ों को कुछ लोगों ने नष्ट कर दिया। पेड़ों की जड़े वहां साफ दिखाई दे रही हैं, जबकि कुछ पेड़ों की लकड़ी वहां से गायब कर दी गई है। गांव रामड़ा निवासी ग्रामीण अतर सिंह और नंगलाराई निवासी याकूब ने बताया कि चार दिन पूर्व जेसीबी चलाकर पेड़ों को नष्ट किया गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि रेत खनन के लिए रास्ता बनाने को पेड़ तोड़े गए हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है। खनन प्वाइंट पर कमरों का निर्माण करा रहे जसबीर ने बताया कि उन्हें पेड़ तोड़े जाने की कोई जानकारी नहीं है।
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यमुना तटबंध पर लगे हरे पेड़ वन विभाग के हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानूनी अपराध है। वह टीम भेजकर जांच कराएंगे। अगर पेड़ साजिश के तहत नष्ट किए गए हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - धर्मवृत्त वन रेंजर कैराना क्षेत्र।
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