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तीन बच्चों की परवरिश कैसे करेगी पूनम
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तीन बच्चों की परवरिश कैसे करेगी पूनम
शामली। शहर के मोहल्ला बड़ी माता में रहने वाले विकास बंसल की कोरोना से मौत के बाद उनका परिवार बेसहारा हो गया है। पत्नी पूनम देवी के सामने तीन छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। परिवार की आजीविका का कोई साधन नहीं बचा। बच्चों के भविष्य को लेकर पूनम चिंता में डूबी रहती है।
शहर के बड़ी माता निवासी विकास बंसल मंडी में आढ़ती के पास काम करते थे। 28 अप्रैल को वह कोरोना संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उपचार कराया गया तो वह ठीक हो गए, लेकिन कुछ समय बाद ही उनकी आंखों में दिक्कत होने लगी। विकास बंसल के फुफेरे भाई आशीष ने बताया कि शामली में संचालित कोविड एल-2 अस्पताल में लेकर गए तो वहां फंगस के लक्षण बताए गए और उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें दिल्ली एम्स में ले गए। चार-पांच दिन वहां उपचार के बाद 25 मई को विकास बंसल का निधन हो गया। उनकी मौत के बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है। परिवार में वृद्ध मां के अलावा पत्नी पूनम, बेटे 11 साल का देवांश, आठ साल का शिवांश और छह साल का अर्थव है। पूरा परिवार विकास की कमाई पर ही निर्भर था। अब उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचा है। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च का भी कोई जरिया नहीं बचा है।
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शामली। शहर के मोहल्ला बड़ी माता में रहने वाले विकास बंसल की कोरोना से मौत के बाद उनका परिवार बेसहारा हो गया है। पत्नी पूनम देवी के सामने तीन छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। परिवार की आजीविका का कोई साधन नहीं बचा। बच्चों के भविष्य को लेकर पूनम चिंता में डूबी रहती है।
शहर के बड़ी माता निवासी विकास बंसल मंडी में आढ़ती के पास काम करते थे। 28 अप्रैल को वह कोरोना संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उपचार कराया गया तो वह ठीक हो गए, लेकिन कुछ समय बाद ही उनकी आंखों में दिक्कत होने लगी। विकास बंसल के फुफेरे भाई आशीष ने बताया कि शामली में संचालित कोविड एल-2 अस्पताल में लेकर गए तो वहां फंगस के लक्षण बताए गए और उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें दिल्ली एम्स में ले गए। चार-पांच दिन वहां उपचार के बाद 25 मई को विकास बंसल का निधन हो गया। उनकी मौत के बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है। परिवार में वृद्ध मां के अलावा पत्नी पूनम, बेटे 11 साल का देवांश, आठ साल का शिवांश और छह साल का अर्थव है। पूरा परिवार विकास की कमाई पर ही निर्भर था। अब उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचा है। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च का भी कोई जरिया नहीं बचा है।
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