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मिल प्रबंधन पर कसेगी नकेल
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:17 AM IST
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Gas case
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की जांच रिपोर्ट से सरशादी लाल शुगर मिल प्रबंधन पर शिकंजा कस सकता है। क्योंकि जांच रिपोर्ट में पता चला है कि शुगर मिल-खेडीकरमू मार्ग पर पड़ा मिला केमिकल डेनाटोनियम सेकरायड था। इस केमिकल के लक्षण और डिस्टलरी में प्रयोग होने वाले केमिकल के लक्षण एक जैसे हैं। इससे तय माना जा रहा है कि सड़क पर केमिकल फैलने में कहीं न कहीं शुगर मिल प्रबंधन की लापरवाही रही।
10 अक्तूबर को सरशादीलाल शुगर मिल से हुए गैस रिसाव के कारण सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज के 300 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी। इनमें अधिकांश छात्र छात्राएं वह थीं, जो गांव खेडीकरमू, लिलौन, बलवा, जसाला और खंदरावली से शुगर मिल के रास्ते होकर स्कूल पहुंचती हैं। घटना के बाद बालिका विद्या इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह की तहरीर पर सर शादी लाल शुगर मिल के मालिक रजत लाल और प्रबंधन के खिलाफ शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण की गूंज शासन तक हुई थी।
इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग, कारखाना विभाग से लेकर दिल्ली से स्वास्थ्य मंत्रालय से संबद्ध सेंट्रल डिजीज कंट्रोल की टीम ने भी शामली पहुंचकर छानबीन की थी।
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साथ ही पुलिस ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम से भी प्रकरण में जांच कराई। तीनों ही टीमों ने शुगर मिल से खेड़ीकरमू वाले रास्ते पर पड़े मिले केमिकल को जांच के लिए सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेज दिया था। एक दिन पूर्व ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने उस केमिकल की जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी है।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि सड़क पर पड़ा केमिकल डेनाटोनियम सेकरायड था। इसके लक्षण शुगर मिल की डिस्टलरी में प्रयोग होने वाले केमिकल जैसे ही हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि शुगर मिल-खेड़ीकरमू मार्ग पर बिखरे केमिकल की वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई थी। इसीलिए उस केमिकल को लेकर जांच कराई गई थी। उनका कहना है कि केमिकल सड़क पर बिखरने में शुगर मिल प्रबंधन की लापरवाही उजागर होती है, तो कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, पुलिस की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सड़क पर केमिकल किसी लापरवाही से फैला, या फिर कोई साजिश हुई।
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10 अक्तूबर को सरशादीलाल शुगर मिल से हुए गैस रिसाव के कारण सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज के 300 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी। इनमें अधिकांश छात्र छात्राएं वह थीं, जो गांव खेडीकरमू, लिलौन, बलवा, जसाला और खंदरावली से शुगर मिल के रास्ते होकर स्कूल पहुंचती हैं। घटना के बाद बालिका विद्या इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह की तहरीर पर सर शादी लाल शुगर मिल के मालिक रजत लाल और प्रबंधन के खिलाफ शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण की गूंज शासन तक हुई थी।
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इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग, कारखाना विभाग से लेकर दिल्ली से स्वास्थ्य मंत्रालय से संबद्ध सेंट्रल डिजीज कंट्रोल की टीम ने भी शामली पहुंचकर छानबीन की थी।
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साथ ही पुलिस ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम से भी प्रकरण में जांच कराई। तीनों ही टीमों ने शुगर मिल से खेड़ीकरमू वाले रास्ते पर पड़े मिले केमिकल को जांच के लिए सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेज दिया था। एक दिन पूर्व ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने उस केमिकल की जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी है।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि सड़क पर पड़ा केमिकल डेनाटोनियम सेकरायड था। इसके लक्षण शुगर मिल की डिस्टलरी में प्रयोग होने वाले केमिकल जैसे ही हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि शुगर मिल-खेड़ीकरमू मार्ग पर बिखरे केमिकल की वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई थी। इसीलिए उस केमिकल को लेकर जांच कराई गई थी। उनका कहना है कि केमिकल सड़क पर बिखरने में शुगर मिल प्रबंधन की लापरवाही उजागर होती है, तो कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, पुलिस की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सड़क पर केमिकल किसी लापरवाही से फैला, या फिर कोई साजिश हुई।