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हाईवे से हटेंगी शराब की 57 दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:46 PM IST
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शामली। नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे खुली शराब की दुकानों को हटवाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी मुख्यमार्ग से 500 मीटर की दूरी पर दुकानें खोलने का आदेश दिया है, जिसके तहत जिले भर में शराब की 57 दुकानें हटवाई जानी है। आबकारी विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने का निर्णय किया है।
आलम यह है कि शामली जिले में अधिकांश शराब की दुकानें सड़क किनारे पर हैं। शामली शहर की हालात यह है कि एमएसके रोड पर अग्रसेन पार्क के सामने, मुजफ्फरनगर मार्ग पर भिक्की मोड़ के पास, अजंता चौराहा, पानीपत रोड पर फव्वारा चौक के पास, दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर सिटी ग्रीन के सामने और मेरठ-करनाल हाईवे पर आरके पीजी कॉलेज के सामने शराब की दुकान सड़क से सटाकर ही खोली हुई हैं। शराब की दुकानों के बाहर शाम ढलते ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगती है और वाहनों को भी सड़क पर खड़ा कर दिया जाता है। इस कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश दिया था कि शराब की दुकानें मुख्य मार्ग से 500 मीटर की दूरी पर ही होनी चाहिए,
मगर शामली जनपद में इसका पालन नहीं हो पाया है। अब प्रदेश में सरकार बदल गई है, तो प्रशासन भी नियमों का पालन कराने में सख्ती दिखाने लगा है। पिछले दिनों ही मुख्य विकास अधिकारी ने आबकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग में स्पष्ट निर्देश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराते हुए सड़क किनारे खुली शराब की दुकानों को हटवाया जाए।
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जिला आबकारी अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए आबकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से शराब की दुकानों का चिह्नीकरण कर लिया है। जिले में शराब की 57 दुकानें सड़क किनारे पाई गई हैं, जिन्हें हटवाया जाना है। शराब की दुकानों के संचालकों को नोटिस दिया गया, जिसके बाद शराब कंपनी के अधिकारियों ने कुछ दुकानों को शिफ्ट करने के लिए जगह तलाश ली है, लेकिन काफी संख्या में दुकानों को शिफ्ट करने के लिए अभी जगह नहीं मिल पाई है। जगह िमलते ही कार्रवाई तेज होगी। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर है।
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आलम यह है कि शामली जिले में अधिकांश शराब की दुकानें सड़क किनारे पर हैं। शामली शहर की हालात यह है कि एमएसके रोड पर अग्रसेन पार्क के सामने, मुजफ्फरनगर मार्ग पर भिक्की मोड़ के पास, अजंता चौराहा, पानीपत रोड पर फव्वारा चौक के पास, दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर सिटी ग्रीन के सामने और मेरठ-करनाल हाईवे पर आरके पीजी कॉलेज के सामने शराब की दुकान सड़क से सटाकर ही खोली हुई हैं। शराब की दुकानों के बाहर शाम ढलते ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगती है और वाहनों को भी सड़क पर खड़ा कर दिया जाता है। इस कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश दिया था कि शराब की दुकानें मुख्य मार्ग से 500 मीटर की दूरी पर ही होनी चाहिए,
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मगर शामली जनपद में इसका पालन नहीं हो पाया है। अब प्रदेश में सरकार बदल गई है, तो प्रशासन भी नियमों का पालन कराने में सख्ती दिखाने लगा है। पिछले दिनों ही मुख्य विकास अधिकारी ने आबकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग में स्पष्ट निर्देश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराते हुए सड़क किनारे खुली शराब की दुकानों को हटवाया जाए।
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जिला आबकारी अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए आबकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से शराब की दुकानों का चिह्नीकरण कर लिया है। जिले में शराब की 57 दुकानें सड़क किनारे पाई गई हैं, जिन्हें हटवाया जाना है। शराब की दुकानों के संचालकों को नोटिस दिया गया, जिसके बाद शराब कंपनी के अधिकारियों ने कुछ दुकानों को शिफ्ट करने के लिए जगह तलाश ली है, लेकिन काफी संख्या में दुकानों को शिफ्ट करने के लिए अभी जगह नहीं मिल पाई है। जगह िमलते ही कार्रवाई तेज होगी। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर है।