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स्वास्थ्य विभाग का डोर-टू-डोर दस्तक अभियान
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स्वास्थ्य विभाग का डोर-टू-डोर दस्तक अभियान शुरू
शामली। कोरोना की तीसरी लहर और संचारी रोग से बचाव को सावधानी बरतनी होगी। चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा अगस्त माह में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। इसी समय डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दस्तक अभियान शुरू किया है।
जिले में भले ही कोरोना के केस कम हो गए हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा अगस्त माह में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। साथ ही बरसात के मौसम में संचारी रोगों के फैलने का खतरा रहता है। इसे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक जुलाई से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चलाकर संचारी रोग मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार आदि की रोकथाम के लिए लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसी माह में सोमवार से डोर टू डोर दस्तक अभियान शुरू किया गया है। दस्तक अभियान 25 जुलाई तक चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी की 885 टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें घर-घर जाकर कोविड की जांच के लिए बुखार के मरीज, संचारी रोग से पीड़ित, कुपोषित बच्चे और टीबी के लक्षण वाले मरीजों की सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को देंगी, ताकि समय रहते उनकी जांच व उपचार किया जा सके। साथ ही घरों पर जागरूकता संबंधी स्टीकर भी लगाएंगी। इससे मरीज केे उपचार मिलने के साथ रोग फैलने पर भी रोक लगेगी। यह अभियान नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे जिले में चलाया जाएगा।
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संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि संचारी रोगों और कोरोना दोनों की रोकथाम के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों को इन रोगों के प्रति जागरूक होना चाहिए तभी इन बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
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शामली। कोरोना की तीसरी लहर और संचारी रोग से बचाव को सावधानी बरतनी होगी। चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा अगस्त माह में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। इसी समय डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दस्तक अभियान शुरू किया है।
जिले में भले ही कोरोना के केस कम हो गए हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा अगस्त माह में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। साथ ही बरसात के मौसम में संचारी रोगों के फैलने का खतरा रहता है। इसे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक जुलाई से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चलाकर संचारी रोग मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार आदि की रोकथाम के लिए लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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इसी माह में सोमवार से डोर टू डोर दस्तक अभियान शुरू किया गया है। दस्तक अभियान 25 जुलाई तक चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी की 885 टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें घर-घर जाकर कोविड की जांच के लिए बुखार के मरीज, संचारी रोग से पीड़ित, कुपोषित बच्चे और टीबी के लक्षण वाले मरीजों की सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को देंगी, ताकि समय रहते उनकी जांच व उपचार किया जा सके। साथ ही घरों पर जागरूकता संबंधी स्टीकर भी लगाएंगी। इससे मरीज केे उपचार मिलने के साथ रोग फैलने पर भी रोक लगेगी। यह अभियान नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे जिले में चलाया जाएगा।
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संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि संचारी रोगों और कोरोना दोनों की रोकथाम के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों को इन रोगों के प्रति जागरूक होना चाहिए तभी इन बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।