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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आ रहा हरियाणा का गन्ना

Sat, 11 Nov 2017 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Sat, 11 Nov 2017 11:42 PM IST
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Haryana sugarcane coming in Uttar Pradesh and Uttarakhand
farmer - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। एक दशक पहले वह दौर था, जब गन्ना मूल्य अधिक होने के कारण यूपी के किसान अपना गन्ना लेकर हरियाणा जाते थे। अब उल्टा हो रहा है, हरियाणा से गन्ना यूपी में आ रहा है। यह भी तब हो रहा है कि जबकि वहां गन्ना मूल्य अधिक है। हर दिन गन्ने से लदे करीब एक सौ से डेढ़ सौ ट्रोला गन्ना शामली बार्डर से सीमा पार कर यूपी में आ रहे हैं।
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चीनी मिलों और गन्ना माफिया के बीच साठगांठ इस खेल को और बढ़ा रही हैै। गन्ने की इस अवैध खरीद से सरकार क्रय कर और गन्ना समितियों को कमीशन की चपत लग रही है।   
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इस बार चीनी के रेट बाजार में अधिक है, जिसके चलते चीनी मिलों में गन्ने को लेकर मारामारी मची है और वे बाहर का गन्ना खरीद रही हैं। शाम होते ही हरियाणा की ओर से गन्ने से लदे ट्रैक्टर ट्रोला आना शुरू हो जाते हैं। ये गन्ना शामली, मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड की चीनी मिलों में जा रहा है।
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हरियाणा के पानीपत जिले के गन्ना विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि पैदावार अच्छी होने के कारण काफी गन्ना सरप्लस है। दूसरी ओर उत्तराखंड में नया पेराई सत्र नवंबर माह में शुरू हुआ है। उत्तराखंड सरकार ने अभी गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। गन्ने की कम पैदावार के चलते कई चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं।

गन्ने की कम उपज होने से यहां की चीनी मिले हरियाणा के किसानों का गन्ना खरीद लेती हैं। पिछले कुछ सालों में यूपी और उत्तराखंड चीनी मिलों ने अपनी पेराई क्षमता में लगातार वृद्धि की है, जिसके चलते अधिक से अधिक गन्ना पेरने की होड़ भी उनमें शुरू हुई है। पिछले साल गन्ना  विभाग ने गन्ने की अवैध खरीद करने पर ऊन चीनी मिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अन्य जिलों में कार्रवाई होती रही है। इस बार फिर से यह खेल शुरू हो गया है। 
ताक पर नियम, ऐसे हो रहा खेल

- किसान अपनी फसल कहीं भी ले जाकर बेचने की सैद्धांतिक छूट है।  ऐसी स्थिति में वहां के किसान  क्रेशर-कोल्हू पर अपना गन्ना बेच सकते हैं। लेकिन यूपी में वे अपना गन्ना  सीधे चीनी मिलों को सप्लाई नहीं कर सकते। यूपी में चीनी मिलें गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ना खरीद करती है। समितियों के माध्यम से  किसानों और मिलों में गन्ना खरीद का अनुबंध होता है।

- दो तरह से गन्ने की अवैध खरीद चीनी मिलें कर रही है। एक तो यूपी के कुछ गन्ना माफिया हरियाणा में गन्ना खरीद कर उसे अपने नाम से सप्लाई कर देते हैं। रात में गन्ना माफिया के जरिए खरीदा गया गन्ना मिल में ले लिया जाता है। इसे रिकार्ड में नहीं लाया जाता। यह खेल रात में होता है, इसके पीछे वजह भी है। दिन में मिल गेट पर किसानों की भीड़ रहती हैं और वे हंगामा कर सकते हैं। 

- चीनी मिलों को गन्ना खरीद करने पर 5.10 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना समिति को कमीशन देना पड़ता है। इसके अलावा दो रुपये प्रति क्विंटल क्रय कर देना पड़ता है। अवैध रूप से गन्ना खरीद करने की स्थिति में यह दोनों बच जाते हैं। इस प्रक्रिया में खरीदे गए गन्ने से जो अतिरिक्त चीनी उत्पादन होता है, उसे चीनी परता दर में बढ़ोत्तरी दिखाकर समायोजित कर लिया जाता है। इससे सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है। 

- यह समस्या चीनी मिलों की पेराई क्षमता कम होने से जुड़ी है। मिलों को अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए। भाकियू इस बात की  हिमायती है कि किसान को अपनी फसल कहीं भी ले जाकर बेचने का अधिकार होना चाहिए। हरियाणा सरकार ने यूपी के किसानों के हरियाणा में धान ले जाने पर रोक लगा दी थी। हमने वहां जाकर यह रोक हटवाई। नरेश टिकै त, अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन


 -हरियाणा में गन्ना अधिक है और चीनी मिलोें  की पेराई क्षमता कम है। इसके चलते गन्ना डायवर्ट होकर यूपी और उत्तराखंड की चीनी मिलों में जा रहा है। कुछ चीनी मिलें सीधे हरियाणा के किसानों में पैसा ट्रांसफर कर रही है। राजवीर सिंह, पूर्व चेयरमैन गन्ना विकास परिषद, शामली


-हरियाणा में गन्ना पर्ची सिस्टम खत्म होने से गन्ने की अवैध बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। समय समय पर इस पर कार्रवाई की जाती है। गत वर्ष ऊन
चीनी मिल अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डाक्टर अनिल भारती, जिला गन्ना अधिकारी, शामली

- हमारी मिल की पेराई क्षमता 18 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई की है। 50 साल पुरानी मिल है, पूरे सीजन 28 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर पाती है। इस बार गन्ने का उत्पादन भी अधिक है। पानीपत जिले में ही करीब 30 लाख क्विंटल गन्ना सरपल्स में है। अब किसान उसे कहीं तो लेकर जाएगा। यही वजह है कि यहां का गन्ना वेस्ट यूपी और उत्तराखंड की चीनी मिलों को जा रहा है। करतार सिंह, गन्ना महाप्रबंधक पानीपत चीनी मिल (हरियाणा)।


यूपी में वर्ष 2017-18 का घोषित गन्ना मूल्य।
गन्ना प्रजाति        मूल्य
अगेती प्रजाति        325 रुपये प्रति क्विंटल।
सामान्य प्रजाति        315 रुपये प्रति क्विंटल।
रिजेक्ट प्रजाति        310 रुपये प्रति क्विंटल 
हरियाणा में वर्ष 2017-18 में घोषित गन्ना मूूल्य
अगेती प्रजाति        330 रुपये प्रति क्विंटल।
माध्यम प्रजाति        325 रुपये प्रति क्विंटल।
पछैती प्रजाति        320 रुपये प्रति क्विंटल ।
 उत्तराखंड में वर्ष 2016- 17 का घोषित गन्ना मूल्य
अगेती प्रजाति        317 रुपये प्रति क्विंटल।
पछैती प्रजाति        307 रुपये प्रति क्विंटल। 
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