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हरियाणा प्रशासन ने रोका यूपी के किसानों का गेहूं

Fri, 04 May 2018 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली। Updated Fri, 04 May 2018 12:04 AM IST
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Haryana farmers stopped farmers of UP
revel - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
झिंझाना।   हरियाणा प्रशासन ने एक बार फिर यूपी के किसानों का गेहूं करनाल की मंडियों में जाने से रोक दिया। करनाल रोड स्थित बिड़ौली चेकपोस्ट पर गेहूं लदी ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लग गई। हरियाणा प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ किसानों ने हंगामा किया। साथ ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने शासन को इस संबंध में सूचना दी। कई घंटे बाद मामला सुलझा और यूपी के किसानों का गेहूं करनाल भिजवाया गया।  
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही हरियाणा पुलिस प्रशासन ने करनाल रोड यमुना पुल पर बैरियर लगाकर यूपी के किसानों के वाहनों को करनाल जाने से रोकना शुरू कर दिया था। इसके चलते बिड़ौली चेकपोस्ट पर गेहूं के लदे वाहनों की लाइन लग गई। किसान हंगामा करने लगे, जिसके बाद हाइवे पर ट्रैफिक जाम हो गया। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रतनमान और यूपी से भाकियू नेता विनोद निर्वाल भी किसानों के बीच पहुंच गए।
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इस बारे में जिलाधिकारी शामली और पुलिस अधीक्षक को सूचना दी गई। इसके बाद हरियाणा से मंडी समिति के सचिव भी मौके पर पहुंचे। सचिव ने बताया कि करनाल की मंडियों में गेहूं रखने की जगह नहीं बची है, इसलिए पुलिस अधीक्षक करनाल के आदेश पर यूपी से जाने वाले गेहूं से लदे वाहनों को रोका गया।
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वहीं, भाकियू नेता विनोद निर्वाल ने कहा कि हरियाणा के दूसरे मार्गों से यूपी के किसानों का गेहूं जा रहा है, वहां पर कोई रोक नहीं है तो फिर करनाल मार्ग पर ही वाहन क्यों रोके जा रहे हैं। जबकि हरियाणा के किसान भी अपना गन्ना यूपी में लाकर बेचते हैं।
इसके बाद एसपी करनाल के आदेश पर हरियाणा पुलिस ने यूपी के किसानों के गेहूं लदे वाहनों को करनाल मंडी में जाने दिया। इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे गेहूं से लदे वाहनों को करनाल स्थित मंडियों में भिजवाया जा सका।

दस दिन पूर्व भी रोक दिए थे वाहन  
हरियाणा पुलिस प्रशासन ने करीब 10 दिन पूर्व भी यूपी के किसानों के गेहूं से लदे वाहनों को करनाल जाने से रोक दिया था, तब करनाल एसपी ने शामली एसपी को पत्र लिखकर कहा था कि यूपी से आने वाले गेहूं लदे वाहनों की वजह से करनाल में ट्रैफिक नियंत्रण में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसलिए यूपी से आने वाले गेहूं से लदे वाहनों को रोका जाए। 

अफसरों ने शासन को भेजी सूचना  
यूपी के किसानों के गेहूं से लदे वाहनों को यमुना बॉर्डर पर हरियाणा प्रशासन द्वारा रोके जाने और उसकी वजह से मेरठ करनाल हाइवे पर ट्रैफिक जाम लगने की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने शासन को इसकी सूचना दी। उन्होंने कहा कि यूपी के किसानों के गेहूं लदे वाहन रोकने की वजह से आ रही दिक्कत को दूर कराने के लिए हरियाणा शासन से वार्ता होनी जरुरी है, क्योंकि बार बार वाहन रोके जा रहे हैं। 

 ट्रैफिक जाम में फंसे लोग हुए परेशान  
मेरठ करनाल हाइवे स्थित बिड़ौली चेकपोस्ट पर गेहूं लदे वाहनों की लाइन लगने के बाद बृहस्पतिवार को जब ट्रैफिक जाम लगा, तो कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई। जाम में भारी वाहनों के अलावा कारें भी फंसी रहीं। इस कारण लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। 

एडवांस रुपये लेते हैं यूपी के किसान 
झिंझाना। यूपी और हरियाणा में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का दाम 1745 रुपये प्रति क्विंटल है। करनाल मंडी में 1735 रुपये प्रति क्विंटल दाम है, लेकिन इसके बाद भी यूपी के किसानों द्वारा हरियाणा में गेहूं बेचने के पीछे बड़ी वजह आढ़तियों से एडवांस लेना बताया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि एक साल पहले लिया गया एडवांस रुपये का भुगतान करने के लिए ही किसान अपनी फसल करनाल के आढ़ती को बेचते हैं। इसके अलावा वहा खाद के दामों में प्रति क्विंटल पर 90 रुपये का फर्क है। हरियाणा में खाद का 45 किलो का कट्टा 265 रुपये का है, जबकि यूपी में यही खाद का 295 रुपये में मिलता है। इसके अलावा पेट्रोल के दाम में करीब ढाई रुपये का अंतर है, पशुओं के लिये खल बिनौले, चोकर के अलावा फसलों में इस्तेमाल की जाने वाली दवाईयो के रेट में भी अंतर है।


इसी कारण यूपी के किसान गेहूं बेचने के दौरान खाद, दवा और पशु आहार हरियाणा से खरीदकर लाते हैं। यूपी के किसान बबलू, यासीन, सरदार, बलवेंद, बाल्ला और लीला आदि का कहना है कि करनाल जाकर गेहूं बेचने के साथ ही किसान को बाजार से सामान खरीदने में कुछ रुपयों की बचत हो जाती है। इसके अलावा आढ़तियों से ली गई एडवांस का भुगतान भी गेहूं के रूप में करते हैं। इसी कारण करनाल गेहूं ले जाते हैं। 


 
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