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Shamli News: नए खेलों का नहीं है गुरुजी को ज्ञान, कैसे बनेंगे खिलाड़ी महान
Mon, 01 Jul 2024 02:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 01 Jul 2024 02:09 AM IST
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शामली। शासन से माध्यमिक स्कूलों में नए शिक्षा सत्र से स्कूल फॉर स्पोर्ट्स अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सूची में नौ खेलों को शामिल कर इनको अनिवार्य बनाया गया है। कुछ खेल तो ऐसे हैं जिनका नाम विद्यार्थियों और खेल शिक्षकाें ने कभी सुना नहीं। ऐसे में जब गुरुजी को ही इनका ज्ञान नहीं है तो वे कैसे विद्यार्थियों को खेल में पारंगत कैसे कर पाएंगे।
जनपद में 20 राजकीय और 30 शासकीय सहायता प्राप्त और 61 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में खेलों के नाम पर स्थिति काफी खराब है। अधिकांश स्कूलों में व्यायाम शिक्षक तैनात नहीं है। विभाग के माध्यम से जब खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं तो उनमें गिने चुने खेल ही कराए जाते हैं। इस बार जो नए खेल शामिल किए गए हैं, उनमें गतका, कलारीपयट्टू, थांगता, सेपक, टाकरा, वुशू, कुराश, शतरंज आदि को शामिल किया गया है। ये खेल 37 वें राष्ट्रीय खेलों में भी शामिल किए गए हैं।
शासन की मंशा विद्यार्थियों में आत्मरक्षा की भावना विकसित करने के साथ ही इनके खिलाड़ी तैयार करना है। विद्यालयों में जो व्यायाम शिक्षक तैनात हैं, उनको गतका, कलारीपयट्टू, थांगता खेल के बारे में जानकारी ही नहीं है। खेलकूद प्रतियोगिता में इन खेलों के आयोजन को लेकर शिक्षक परेशान हैं। शहर के वीवी इंटर काॅलेज के पीटीआई अमरपाल ने बताया कि अभी मालूम नहीं है कि कौन-कौन से खेल शामिल किए गए है।
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नए सत्र में माध्यमिक शिक्षा ने कैलेंडर में नए नौ खेल शामिल किए है। अगर इन खेलों में कोई छात्र-छात्रा हिस्सा लेता है तो उनके लिए खेल शिक्षक को ज्ञान न होने पर प्रशिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी। -जेएस शाक्य, डीआईओएस शामली
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जनपद में 20 राजकीय और 30 शासकीय सहायता प्राप्त और 61 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में खेलों के नाम पर स्थिति काफी खराब है। अधिकांश स्कूलों में व्यायाम शिक्षक तैनात नहीं है। विभाग के माध्यम से जब खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं तो उनमें गिने चुने खेल ही कराए जाते हैं। इस बार जो नए खेल शामिल किए गए हैं, उनमें गतका, कलारीपयट्टू, थांगता, सेपक, टाकरा, वुशू, कुराश, शतरंज आदि को शामिल किया गया है। ये खेल 37 वें राष्ट्रीय खेलों में भी शामिल किए गए हैं।
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शासन की मंशा विद्यार्थियों में आत्मरक्षा की भावना विकसित करने के साथ ही इनके खिलाड़ी तैयार करना है। विद्यालयों में जो व्यायाम शिक्षक तैनात हैं, उनको गतका, कलारीपयट्टू, थांगता खेल के बारे में जानकारी ही नहीं है। खेलकूद प्रतियोगिता में इन खेलों के आयोजन को लेकर शिक्षक परेशान हैं। शहर के वीवी इंटर काॅलेज के पीटीआई अमरपाल ने बताया कि अभी मालूम नहीं है कि कौन-कौन से खेल शामिल किए गए है।
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नए सत्र में माध्यमिक शिक्षा ने कैलेंडर में नए नौ खेल शामिल किए है। अगर इन खेलों में कोई छात्र-छात्रा हिस्सा लेता है तो उनके लिए खेल शिक्षक को ज्ञान न होने पर प्रशिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी। -जेएस शाक्य, डीआईओएस शामली