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पहले मुआवजा चाहिए, फिर करने देंगे हाईवे का निर्माण

Tue, 14 Jun 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jun 2022 12:03 AM IST
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First compensation is needed, then we will allow construction of highway
शामली कलक्ट्रेट में धरने पर एसडीएम से वार्ता करते भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत व खाप च? - फोटो : SHAMLI
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में समस्याओं के समाधान को लेकर किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में चार घंटे तक भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में धरना दिया। धरना स्थल पर एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह किसानों के बीच बैठे। एसडीएम ने किसानों को अतिरिक्त मुुआवजा अवार्ड घोषित कराकर समस्याओं का समाधान का आश्वासन दिया। बाद में चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम जसजीत कौर से मिला और किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किए जाने की मांग की।
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सोमवार को सुबह दस बजे कलक्ट्रेट परिसर में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की जद में आ रहे 22 गांवों के किसानों ने धरना दिया। चार घंटे तक चले धरने को संबोधित करते हुए चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसान को आतंकवादी न समझे। हाईवे में किसानों की जमीन जा रही है। शासन-प्रशासन के अफसर बताए कि किसानों को अलग-अलग मुआवजा क्यों दिया जा रहा है। एनएचएआई से लेकर जिला प्रशासन के अफसर किसानों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। निजी नलकूप लगाने के लिए ढाई लाख रुपये तक खर्चा आता है। अफसोस की बात है कि एनएचएआई ओर जिला प्रशासन नलकूप का मुआवजा 25 से लेकर 30 हजार रुपये दे रहे हैं। चकरोड, नाली, बंजर भूमि, बागों के पेड़ का कम मुआवजा न दिया जाए। एनएचएआई और जिला प्रशासन के अफसर किसानों के साथ मिल-बैठकर मुआवजे का समाधान करें।
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धरने पर पहुंचे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह किसानों के बीच में बैठ गए। चौधरी नरेश टिकैत ने एसडीएम से पूूरे मामले की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि जो बात किसानों के साथ तय हुई थी, उसी के तहत प्रशासन काम का कर रहा है। इस मौके पर बहावडी के थांबेदार श्याम सिंह मलिक ने कहा कि जब तक खड़ी फसल का मुआवजा, पैमाइश में छूटे हुए पेड़ और नलकूप का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक किसान निर्माण शुरू नहीं करने देंगे।
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एसडीएम ने भाकियू अध्यक्ष और सभी खाप चौधरियों को विश्वास दिलाया कि एसडीएम या तहसीलदार के बिना भूमि पर कब्जा नहीं लिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह की ओर से एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया। डीएम से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं के निस्तारण की मांग की गई। डीएम ने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

धरने की अध्यक्षता चरण सिंह मलिक लिसाढ़ और संचालन किसान संघर्घ समिति के संयोजक विदेश मलिक ने किया। चौधरी संजय कालखंडे, चौधरी शोकिंद्र, चौधरी बाबा सतवीर सिंह हसनपुर, बाबा महिपाल, रविंद्र, जिला पंचायत सदस्य अरविंद पंवार, उमेश कुमार, भाकियू के जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, सतपाल पहलवान, पप्पू मलिक, अनुज प्रधान, ब्रह्मपाल नाला, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, हाजी तुफैल, वीरपाल ठेकेदार आदि मौजूद रहे।
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