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लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा अंकित

Sat, 04 Jul 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 12:03 AM IST
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Firing was also done on the police team that went to capture Sabir
शाहीद अंकित तोमर को सम्मानित करते आईजी मेरठ अजय आन्नद फाइल फोटो - फोटो : SHAMLI
शामली/कैराना। कानपुर में हुई वारदात ने पूरे पुलिस महकमे को हिला दिया है। हर शख्स इस वारदात से दुखी है। कानपुर जैसी वारदात दो जनवरी 2018 को जिले के कैराना थानाक्षेत्र के जंधेड़ी गांव में हुई थी, जब पुलिस की घेराबंदी पर कुख्यात बदमाश साबिर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। इसमें कैराना थाने का सिपाही अंकित तोमर शहीद हो गया था। कैराना कोतवाल भी गोली लगने से घायल हुए थे। अंकित भले ही आज दुनिया में ना हो, लेकिन अपनी वीरता के लिए वह हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।
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अगस्त 2014 में रंगदारी नहीं देने पर मुकीम गिरोह ने दिनदहाडे़ भरे बाजार तीन व्यापारियों की हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद क्षेत्रवासियों के जहन में खौफ पैदा हो गया था। लोग पलायन करने लगे थे। तत्कालीन सांसद बाबू हुकुम सिंह ने बाकायदा पलायन करने वालों की सूची जारी की थी। 2018 में सत्ता बदली। दो जनवरी 2018 रात करीब 9 बजे तत्कालीन एसपी अजय पाल शर्मा को सूचना मिली थी कि मुकीम गिरोह का दो लाख का इनामी साबिर जंधेड़ी अपने घर पर आया हुआ है। पुलिस ने साबिर के मकान को चारों ओर से घेर लिया था। इस दौरान कैराना थाने का सिपाही अंकित बिना सीढ़ी के छत पर चढ़ गया। साबिर ने अपने आप को घिरता देख फायरिंग कर दी। एक गोली अंकित के सिर में लगी थी। इस दौरान तत्कालीन एसएचओ भगवत सिंह को भी तीन गोलियां लगी थीं। इसके बावजूद भी पुलिस ने साबिर को तो वहीं ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल सिपाही अंकित जिंदगी की जंग हार गया और चार जनवरी को नोएडा के अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। भले ही अंकित आज दुनिया में ना हो मगर उसकी याद हमेशा पुलिस कर्मी और लोगों की दिलों में रहेंगी।
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कार्यालय में लगी है अंकित का चित्र, पार्क भी बना
अंकित की शहादत पर कैराना कोतवाली में उनकी याद में अंकित तोमर पार्क को लोकार्पण एसपी विनीत जायसवाल ने किया था। इसके अलावा कैराना कोतवाल के आफिस में शहीद अंकित का चित्र लगा है। शहीद अंकित के पिता जयपाल तोमर, उनकी माता अमरेश और पत्नी नेहा ने शहीद अंकित की शहादत पर गर्व जताया था।
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50 किमी की अंतिम यात्रा में उमड़ा था सैलाब
कैराना। चार जनवरी 2018 की सुबह पुलिस लाइन शामली में अंकित के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के बाद जैसे ही उनका शव फूलो के रथ द्वारा गांव लाया गया था। करीब 50 किमी के रास्ते में जगह जगह पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वाजिदपुर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। जिसमें प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों और नेताओं ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।

4 जनवरी 2018 को जाबाज सिपाही अंकित तोमर शहादत पर अमर उजाला में प्रकाशित समाचार

4 जनवरी 2018 को जाबाज सिपाही अंकित तोमर शहादत पर अमर उजाला में प्रकाशित समाचार- फोटो : SHAMLI

कैराना कोतवाली में बनाया गया शहीद अंकित तोमर पार्क

कैराना कोतवाली में बनाया गया शहीद अंकित तोमर पार्क- फोटो : SHAMLI

कैराना कोतवाल के आफिस में लगा शहीद अंकित तोमर का चित्र

कैराना कोतवाल के आफिस में लगा शहीद अंकित तोमर का चित्र- फोटो : SHAMLI

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