{"_id":"60de0bf08ebc3e0d9117c2db","slug":"father-retired-soldier-son-of-lashkar-terrorist-shamli-news-mrt545425658","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता रिटायर फौजी, बेटे लश्कर के आतंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता रिटायर फौजी, बेटे लश्कर के आतंकी
विज्ञापन
शामली/कैराना। हैदराबाद से गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कैराना के मूल निवासी दोनों भाई कई वर्षों से हैदराबाद में रहकर कपड़ा बेचने का काम कर रहे थे। उनका पिता मूसा खान रिटायर फौजी है और कैराना में अपने घर पर अकेला रहता है। वह 1962 में चीन से हुए युद्ध में भी हिस्सा ले चुका है। बृहस्पतिवार को उनके घर पर केवल किरायेदार मिला। उसने बताया कि घुटने का ऑपरेशन कराने के लिए मूसा खान मुुजफ्फरनगर गया हुआ है।
17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए ब्लास्ट के मामले में कैराना का कनेक्शन और गहरा गया है। सलीम उर्फ टुइया और कफील की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने हैदराबाद से कैराना के मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवास दो भाइयों इमरान खान उर्फ इमरान मलिक और नासिर खान को गिरफ्तार किया है। उनके पड़ोसियों ने बताया कि नासिर करीब 20 साल से हैदराबाद में कपड़े का काम कर रहा था। वहीं की एक लड़की से उसने शादी कर ली थी। वह हैदराबाद के नामपत्ती में रहता है। छह महीने पहले ही कैराना आया था।
छोटा भाई इमरान भी उसके साथ ही रहकर कपड़े का काम करता था। वह कुछ दिन कैराना रुकने के बाद डेढ़ महीने पहले ही हैदराबाद गया था। उनके मकान में रह रहे किरायेदार ने बताया कि नासिर और इमरान का पिता मूसा खान रिटायर फौजी है। वही यहां रहता है। फिलहाल वह मुजफ्फरनगर किसी अस्पताल में घुटने का ऑपरेशन कराने गया है। नासिर और इमरान का बड़ा भाई फिरोज भी दिल्ली पुलिस में था, लेकिन किसी मामले में उसकी नौकरी चली गई थी। चौथा भाई फारूख भी हैदराबाद में ही रहकर कपड़े का काम करता है।
विज्ञापन
------------
मई 2020 में राशन की दुकान हो गई थी निरस्त
नासिर और इमरान के पिता मूसा खान के नाम मोहल्ला खैल कला में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान थी। राशन कार्ड धारकों को कम राशन देने की शिकायत के बाद प्रशासन ने करीब छह माह पहले इस दुकान को निरस्त कर दिया था।
------------
‘बर्निंग ट्रेन’ बनाने की थी साजिश
एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए नासिर खान और इमरान मलिक ने आईईडी बम बनाया था। उसे लंबी दूरी की सिकंदराबाद से दरभंगा जाने वाली ट्रेन में कपड़ों के पार्सल में रखा था। सूत्रों का कहना है कि एनआईए ने ब्लास्ट हुए कपड़े के बंडल की जांच भी की तो उसमें एक सेंसर भी लगाया गया था। सेंसर के जरिए ब्लास्ट कर बर्निंग ट्रेन बनाने की साजिश थी।
----------------------
चार भाइयों में छोटे हैं दोनों
मूसा खान के चार बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा फिरोज खान, दूसरा फारूक खान, तीसरा नासिर खान और सबसे छोटा इमरान खान हैं। सभी की शादी हो चुकी है। फिरोज देहरादून में किराए पर टैक्सी चलवाता है और फारूक कपड़े की फेरी लगाता है। फिरोज दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल था, लेकिन किसी विवाद के कारण उसकी नौकरी छूट गई थी।
----------------
बड़ा भाई दिल्ली पुलिस में रह चुका हैं कांस्टेबल
हैदराबाद में पकडे़ गए दरभंगा ब्लास्ट मामले के दोनों आरोपियों इमरान और नासिर का बड़ा भाई फिरोज खान दिल्ली पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात रह चुका हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कई साल पहले किसी अधिकारी के साथ कुछ विवाद हो गया था। विवाद के कारण उसे दिल्ली पुलिस की नौकरी से निकाल दिया था।
------------------
बेहद महत्वाकांक्षी है इमरान
दरभंगा ब्लास्ट में पकड़ा गया इमरान बेहद महत्वाकांक्षी है। वह जब भी कैराना आता तो अपनी मित्र मंडली से कहता था कि उसका हैदराबाद में कपड़े का बड़ा कारोबार है। वह ब्रांडेड कपड़े, घड़ियां एवं अन्य लग्जरी आइटम का शौकीन है।
विज्ञापन
17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए ब्लास्ट के मामले में कैराना का कनेक्शन और गहरा गया है। सलीम उर्फ टुइया और कफील की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने हैदराबाद से कैराना के मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवास दो भाइयों इमरान खान उर्फ इमरान मलिक और नासिर खान को गिरफ्तार किया है। उनके पड़ोसियों ने बताया कि नासिर करीब 20 साल से हैदराबाद में कपड़े का काम कर रहा था। वहीं की एक लड़की से उसने शादी कर ली थी। वह हैदराबाद के नामपत्ती में रहता है। छह महीने पहले ही कैराना आया था।
विज्ञापन
छोटा भाई इमरान भी उसके साथ ही रहकर कपड़े का काम करता था। वह कुछ दिन कैराना रुकने के बाद डेढ़ महीने पहले ही हैदराबाद गया था। उनके मकान में रह रहे किरायेदार ने बताया कि नासिर और इमरान का पिता मूसा खान रिटायर फौजी है। वही यहां रहता है। फिलहाल वह मुजफ्फरनगर किसी अस्पताल में घुटने का ऑपरेशन कराने गया है। नासिर और इमरान का बड़ा भाई फिरोज भी दिल्ली पुलिस में था, लेकिन किसी मामले में उसकी नौकरी चली गई थी। चौथा भाई फारूख भी हैदराबाद में ही रहकर कपड़े का काम करता है।
विज्ञापन
------------
मई 2020 में राशन की दुकान हो गई थी निरस्त
नासिर और इमरान के पिता मूसा खान के नाम मोहल्ला खैल कला में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान थी। राशन कार्ड धारकों को कम राशन देने की शिकायत के बाद प्रशासन ने करीब छह माह पहले इस दुकान को निरस्त कर दिया था।
------------
‘बर्निंग ट्रेन’ बनाने की थी साजिश
एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए नासिर खान और इमरान मलिक ने आईईडी बम बनाया था। उसे लंबी दूरी की सिकंदराबाद से दरभंगा जाने वाली ट्रेन में कपड़ों के पार्सल में रखा था। सूत्रों का कहना है कि एनआईए ने ब्लास्ट हुए कपड़े के बंडल की जांच भी की तो उसमें एक सेंसर भी लगाया गया था। सेंसर के जरिए ब्लास्ट कर बर्निंग ट्रेन बनाने की साजिश थी।
----------------------
चार भाइयों में छोटे हैं दोनों
मूसा खान के चार बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा फिरोज खान, दूसरा फारूक खान, तीसरा नासिर खान और सबसे छोटा इमरान खान हैं। सभी की शादी हो चुकी है। फिरोज देहरादून में किराए पर टैक्सी चलवाता है और फारूक कपड़े की फेरी लगाता है। फिरोज दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल था, लेकिन किसी विवाद के कारण उसकी नौकरी छूट गई थी।
----------------
बड़ा भाई दिल्ली पुलिस में रह चुका हैं कांस्टेबल
हैदराबाद में पकडे़ गए दरभंगा ब्लास्ट मामले के दोनों आरोपियों इमरान और नासिर का बड़ा भाई फिरोज खान दिल्ली पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात रह चुका हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कई साल पहले किसी अधिकारी के साथ कुछ विवाद हो गया था। विवाद के कारण उसे दिल्ली पुलिस की नौकरी से निकाल दिया था।
------------------
बेहद महत्वाकांक्षी है इमरान
दरभंगा ब्लास्ट में पकड़ा गया इमरान बेहद महत्वाकांक्षी है। वह जब भी कैराना आता तो अपनी मित्र मंडली से कहता था कि उसका हैदराबाद में कपड़े का बड़ा कारोबार है। वह ब्रांडेड कपड़े, घड़ियां एवं अन्य लग्जरी आइटम का शौकीन है।