{"_id":"5d90fc6b8ebc3e93d9658bbf","slug":"farmers-should-not-plant-sixty-paddy-to-stop-ground-water-level-rakesh-tikait-shamli-news-mrt445950145","type":"story","status":"publish","title_hn":"भू गर्भ जल स्तर रोकने को साठी धान की रोपाई न करें किसान- राकेश टिकैत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भू गर्भ जल स्तर रोकने को साठी धान की रोपाई न करें किसान- राकेश टिकैत
विज्ञापन
झिंझाना में प्रैस वार्ता करते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत
- फोटो : SHAMLI
भूगर्भ जल स्तर रोकने को साठी धान की रोपाई न करें किसान : राकेश टिकैत
झिंझाना (शामली)। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने गिरते भू गर्भ जलस्तर को रोकने के लिए किसानों से साठी धान की फसल को नहीं बोने की अपील की है। उन्होंने सरकार पर ठोस कृषि नीति न बनाए जाने का आरोप लगाया।
शनिवार की रात उर्स मेले में आयोजित मुशायरे में शामिल होने आए भाकियू प्रवक्ता ने व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष मित्तल के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि किसानों द्वारा जिस गति से साठी धान की रोपाई कराई जा रही है। उसी हिसाब से जलस्तर घट रहा है। अगर यही स्थिति रही तो बहुत जल्दी हमारे मंडल के सभी जिलों में पानी की किल्लत पैदा हो जाएगी। उन्होंने हरियाणा और पंजाब की सरकारों की तरह प्रदेश सरकार से भी साठी धान की रोपाई पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने बताया की साठी धान रोपने से जमीन से पानी का दोहन व्यापक स्तर पर होता है। इसके अलावा खेतों की सिंचाई के लिए सबमर्सिबल ट्यूबवेल पर लगाए गए ऑटोमेटिक स्टार्टर होने से बिजली आते ही अनावश्यक पानी खेतों में जाना शुरू हो जाता है। चाहे फसल में पानी की आवश्यकता भी नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार की कृषि नीति ठीक न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि कृषि विभाग में ऐसे विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए, जो किसान हित में योजनाएं बनाए और किसानों को ट्रैंच विधि से खेती करने के तरीके और फायदे बताए। इससे किसान कम जमीन में अधिक फसल ले सकेगा और पानी दोहन भी कम होगा। इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष मित्तल, विनोद रूहेला, दीपक शर्मा, वैभव नामदेव, अश्वनी शर्मा, ओमवीर सिंह पटवारी, संजीव राठी, जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, शानु राजवंशी, अंकुर मित्तल, गोपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
झिंझाना (शामली)। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने गिरते भू गर्भ जलस्तर को रोकने के लिए किसानों से साठी धान की फसल को नहीं बोने की अपील की है। उन्होंने सरकार पर ठोस कृषि नीति न बनाए जाने का आरोप लगाया।
शनिवार की रात उर्स मेले में आयोजित मुशायरे में शामिल होने आए भाकियू प्रवक्ता ने व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष मित्तल के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि किसानों द्वारा जिस गति से साठी धान की रोपाई कराई जा रही है। उसी हिसाब से जलस्तर घट रहा है। अगर यही स्थिति रही तो बहुत जल्दी हमारे मंडल के सभी जिलों में पानी की किल्लत पैदा हो जाएगी। उन्होंने हरियाणा और पंजाब की सरकारों की तरह प्रदेश सरकार से भी साठी धान की रोपाई पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने बताया की साठी धान रोपने से जमीन से पानी का दोहन व्यापक स्तर पर होता है। इसके अलावा खेतों की सिंचाई के लिए सबमर्सिबल ट्यूबवेल पर लगाए गए ऑटोमेटिक स्टार्टर होने से बिजली आते ही अनावश्यक पानी खेतों में जाना शुरू हो जाता है। चाहे फसल में पानी की आवश्यकता भी नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार की कृषि नीति ठीक न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि कृषि विभाग में ऐसे विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए, जो किसान हित में योजनाएं बनाए और किसानों को ट्रैंच विधि से खेती करने के तरीके और फायदे बताए। इससे किसान कम जमीन में अधिक फसल ले सकेगा और पानी दोहन भी कम होगा। इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष मित्तल, विनोद रूहेला, दीपक शर्मा, वैभव नामदेव, अश्वनी शर्मा, ओमवीर सिंह पटवारी, संजीव राठी, जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, शानु राजवंशी, अंकुर मित्तल, गोपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन