Exclusive: ऊर्जा निगम में मीटर रीडर के पद पर निकाल दीं फर्जी भर्तियां, पोल खुली तो जांच कमेटी गठित
ऊर्जा निगम में लाइनमैन से लेकर मीटर रीडर की पोस्ट की भर्तियां देख लोगों ने आवेदन कर दिए। पोल खुली तो पता चला कि भर्तियां फर्जी हैं। मामले के तूल पकड़ते हुए जांच कमेटी गठित कर दी गई।
विस्तार
शामली जनपद में ऊर्जा निगम में लाइनमैन से लेकर मीटर रीडर की पोस्ट की फर्जी भर्तियां निकाल दी गईं। यही नहीं, गिरोह के सदस्यों ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भर्तियों के संबंध में पोस्ट शेयर की। झिंझाना और आसपास क्षेत्र के कुछ बेरोजगार युवक भी गिरोह के चंगुल में फंस गए।
मामले की शिकायत के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में जांच कमेटी गठित कर एसई ने मामले में जांच बैठा दी। यही नहीं, चारों खंड के एक्सईएन को भी गिरोह पर शिकंजा कसने को कहा है। गिरोह के सदस्यों ने व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए हुए हैं।
यह भी पढ़ें: Murder: बहन को भगाकर की शादी, नाराज भाई ने जीजा की सरेआम गोली मारकर की हत्या, सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
फर्जी भर्ती का खुलासा ऊर्जा निगम के अधिकारियों को शिकायत के बाद हुआ। गिरोह के सदस्यों ने सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप पर खाता बनाकर ऊर्जा निगम में लाइनमैन और मीटर रीडर के पदों पर नियुक्ति के लिए पोस्ट डाली।
पोस्ट डालकर कहा कि यदि शामली में किसी को ऊर्जा निगम में लाइनमैन और मीटर रीडर के रूप में तैनात होना है तो वह उनके दिए गए नंबर पर संपर्क करें, जल्द ही नौकरी लगवा दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों को पता लगा है कि दिए गए नंबरों पर कई लोगों ने भी संपर्क किए।
झिंझाना के रहने वाले अहमद ने जेई, एसई और से मामले की शिकायत करते हुए कहा कि उसने फेसबुक पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। कॉल पर अपने आप को ऊर्जा निगम का अधिकारी बताने वाले नीरज सिंह नाम के व्यक्ति ने मीटर रीडर पद के लिए 45 हजार रुपये मांगे, जिसमें 2700 रुपये ऑनलाइन 43 हजार रुपये नगद नीरज को दिए।
यह भी पढ़ें: UP: बसपा की सोशल इंजीनियरिंग से गड़बड़ाएगा विरोधियों का गणित! टिकट वितरण को लेकर है चौंकाने वाला प्लान
नीरज ने दो दिन में तैनाती का वादा तो किया लेकिन अब अहमद का फोन तक रिसीव नहीं हो रहा। एसई का कहना है कि इस मामले की जांच की जिसमें गिरोह ने अहमद के अलावा अन्य कई युवकों से ठगी की है।
अब जेई के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। वहीं, सभी एक्सईएन को भी मामले की गंभीरता से जांच कर गिरोह को पकड़वाने को कहा गया है। साथ ही इस मामले में पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि गिरोह के सदस्य अन्य लोगों को ठगी का शिकार नहीं बना सके। विभाग में कोई भर्ती नहीं निकाली गई।
एसई रामकुमार का कहना है कि वर्तमान में ऊर्जा निगम में कोई भर्ती नहीं निकाली गई है। पूर्व में कंपनी के माध्यम से ही मीटर रीडर और लाइनमैन रखे गए थे। ऊर्जा निगम में फर्जी भर्ती निकालने वालों की शिकायत झिंझाना के युवक ने की है। पुलिस के माध्यम से फर्जी भर्ती निकालने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
दिए गए नंबर पर संवाददाता ने व्हाट्सएप पर कॉल की। पहले तो कई बार कॉल करने पर आरोपी ने कॉल रिसीव नहीं की। बाद में ऊर्जा नि गम में नौकरी लगवाने की बात कहने पर कहा कि काम हो जाएगा, जल्द ही मिल लेना। इसके बाद कई-बार काल की गई मगर उसने काॅल रिसीव नहीं की। व्हाट्सएप नंबर पर भी ऊर्जा निगम का लोगो लगाया हुआ था,जिसे बाद में हटा लिया गया। पीड़ित के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने फेसबुक पर कई अलग-अलग नंबर डाले हुए थे।
यहां करें संपर्क.... नहीं आए, बहकावे में
लोगों से अपील है कि वह ऊर्जा निगम में संविदा या फिर अन्य में नौकरी लगवाने का झांसा देने वालों के बहकावे में नहीं आए। इस संबंध में सभी एक्सईएन को भी निर्देश दिए गए हैं। गिरोह के सदस्यों पर नकेल कसी जाएगी। लोगों को यदि भर्ती के बारे में जानकारी हासिल करनी है तो संबंधित एसडीओ या फिर कंपनी के पदाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। -रामकुमार, एसई ऊर्जा निगम शामली
कुछ लोग ठगी के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। लोगों को ठगों के बहकावे में आने से बचना चाहिए। ऊर्जा निगम में फर्जी भर्ती निकालने के मामले की शिकायत नहीं मिली है। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अभिषेक, एसपी शामली