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छह लाख लेकर किसान को थमाया फर्जी नोड्यूज
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शामली, थानाभवन। कस्बे के ओरियंटल बैंक और कॉमर्स में किसान से ऋण के पूरे छह लाख रुपये लेकर फर्जी नो ड्यूज देने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन बैंक मैनेजर व एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बाबरी क्षेत्र के गांव महावतपुर निवासी एडवोकेट सूरज सिंह ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके परिवार ने वर्ष 2010 में थानाभवन के ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 7.15 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। इसमें कुछ पैसा उन्होंने जमा कर दिया था और कुछ बकाया था। वर्ष 2020 में तत्कालीन बैंक मैनेजर अनिल कुमार व एक अन्य युवक बिट्टू ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यदि वह एकमुश्त सारा पैसा जमा कर देंगे तो उन्हें बैंक से छूट मिल जाएगी।
इस पर उन्होंने कुल छह लाख रुपये की रकम जमा करने को कहा। मैनेजर की बात में आकर उन्होंने छह लाख रुपये मैनेजर को दे दिए। बताया कि इसके कुछ समय बाद बैंक मैनेजर ने उसे नो ड्यूज दे दिया। इसके बाद 14 अक्तूबर को जब उन्होंने बैंक में जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि उनके पैसे अब तक बैंक में जमा ही नहीं हुए हैं और उन्हें जो नो ड्यूज दिया गया था, वह फर्जी था। इसके बाद उन्होंने कई बाद बैंक मैनेजर से संपर्क किया। पहले तो मैनेजर जल्दी पैसे जमा कराने का आश्वासन देता रहा। लेकिन कुछ समय से मैनेजर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बैंक मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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बाबरी क्षेत्र के गांव महावतपुर निवासी एडवोकेट सूरज सिंह ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके परिवार ने वर्ष 2010 में थानाभवन के ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 7.15 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। इसमें कुछ पैसा उन्होंने जमा कर दिया था और कुछ बकाया था। वर्ष 2020 में तत्कालीन बैंक मैनेजर अनिल कुमार व एक अन्य युवक बिट्टू ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यदि वह एकमुश्त सारा पैसा जमा कर देंगे तो उन्हें बैंक से छूट मिल जाएगी।
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इस पर उन्होंने कुल छह लाख रुपये की रकम जमा करने को कहा। मैनेजर की बात में आकर उन्होंने छह लाख रुपये मैनेजर को दे दिए। बताया कि इसके कुछ समय बाद बैंक मैनेजर ने उसे नो ड्यूज दे दिया। इसके बाद 14 अक्तूबर को जब उन्होंने बैंक में जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि उनके पैसे अब तक बैंक में जमा ही नहीं हुए हैं और उन्हें जो नो ड्यूज दिया गया था, वह फर्जी था। इसके बाद उन्होंने कई बाद बैंक मैनेजर से संपर्क किया। पहले तो मैनेजर जल्दी पैसे जमा कराने का आश्वासन देता रहा। लेकिन कुछ समय से मैनेजर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बैंक मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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