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Shamli News: नकली ईंधन ने थामी वाहनों की रफ्तार

Tue, 26 May 2026 01:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 26 May 2026 01:33 AM IST
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Fake fuel slows down vehicle speed
स्टिंग...शामली के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की डेंसिटी की जांच करते कर्मचारी। संवाद - फोटो : वारदात के समय जेब में कारतूस भरकर लाया था आरोपी अभिषेक
शामली। जिले में नकली डीजल और पेट्रोल का काला कारोबार अब केवल सरकारी राजस्व को ही नुकसान नहीं पहुंचा रहा, बल्कि लोगों की मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहनों को भी बर्बाद कर रहा है। सस्ते तेल के लालच में वाहन चालकों की गाड़ियां समय से पहले खराब हो रही हैं। इंजन, इंजेक्टर और फ्यूल सिस्टम जवाब दे रहे हैं। हालात यह हैं कि वाहन एजेंसियों और सर्विस सेंटरों पर पहुंचने वालों में हर दस में से एक वाहन में खराबी की वजह नकली पेट्रोल और डीजल है। ऑटो एक्सपर्ट और मैकेनिकों का कहना है कि मिलावटी ईंधन के कारण वाहनों की माइलेज घट रही है, इंजन पर दबाव बढ़ रहा है और कई मामलों में इंजन सीज होने तक की नौबत आ रही है।
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केस-1 : एक साल पुरानी स्कूटी में दो बार बदलना पड़ा इंजेक्टर
शहर की शामली की बाइक एजेंसी के सुपरवाइजर प्रवीण कुमार ने बताया कि शहर निवासी मनोज की स्कूटी का दो बार इंजेक्टर बदलना पड़ा, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। एजेंसी में आने वाली हर दसवीं बाइक या स्कूटी में नकली पेट्रोल के कारण खराबी मिल रही है।
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केस-2 : नए ट्रक का इंजन भी नहीं बचा
कैराना निवासी मनोज ने बताया कि उसने हाल ही में नया ट्रक खरीदा था, लेकिन कुछ ही समय में इंजन में खराबी आने लगी। दो बार इंजन रिपेयर कराने के बाद कंपनी ने जांच में बताया कि नकली डीजल के इस्तेमाल से इंजन प्रभावित हुआ है। अब दोबारा इंजन में बड़ा काम कराने की नौबत आ गई है।
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अधिक धुआं छोड़ रहे वाहन, इंजन सीज होने का खतरा
कार मैकेनिक आदिल का कहना है कि नकली डीजल के कारण वाहनों में अत्यधिक धुआं निकलने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। इंजन के पार्ट्स पर असर पड़ने से गाड़ियों की परफॉर्मेंस गिर रही है और इंजन सीज होने का खतरा बना रहता है।

तेल तस्करों पर शिकंजे की मांग
जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सूर्यवीर सिंह ने कहा कि तेल तस्करी करने वाले गिरोह जिले की छवि खराब कर रहे हैं। जल्द ही पेट्रोल पंप संचालकों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी से मिलकर गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।

ऐसे करें ईंधन की शुद्धता की जांच
सूर्यवीर सिंह ने बताया कि किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की डेंसिटी की जांच निशुल्क कराई जा सकती है। यदि डेंसिटी तय सीमा से कम या ज्यादा हो तो ईंधन में मिलावट की आशंका हो सकती है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंपों पर डेंसिटी जांच के लिए हाइड्रोमीटर, थर्मामीटर और अन्य उपकरण उपलब्ध रहते हैं। ग्राहक चाहें तो पांच लीटर टेस्ट के जरिए नाप की जांच भी कर सकते हैं।

शुद्ध ईंधन की डेंसिटी
पेट्रोल : 730 से 750 के बीच
डीजल : 830 से 850 के बीच
मिलावट मिले तो तुरंत करें शिकायत
हर पेट्रोल पंप पर कंपनी अधिकारियों के नंबर दर्ज होते हैं।
मिलावट की आशंका होने पर सीधे शिकायत की जा सकती है।
उपभोक्ता कंज्यूमर कोर्ट में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत सही मिलने पर संबंधित पेट्रोल पंप संचालक पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाता है।
बोले अधिकारी
जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की तस्करी करने वाले गिरोह की जांच की जा रही है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की मदद ली गई है। यदि कोई मिलावटी तेल बेचता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।

नोट : कल किस्त-7 में पढि़ए कि तेल तस्करों ने अपने-अपने इलाके बांट रखे है। वेस्ट यूपी से लेकर कई राज्यों तक नेटवर्क फैला हुआ है।
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