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अतिक्रमण से तालाबों के अस्तित्व पर खतरा
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Encroachment threatens the existence of ponds
- फोटो : SHAMLI
चौसाना। खोड़समा गांव में तालाबों का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। 80 बीघा रकबे में फैले तालाब अब मात्र 20 बीघे में ही सिमटकर रह गए। शिकायतों के बावजूद तालाबों से अतिक्रमण को नहीं हटाया जा सका और न उनके सुंदरीकरण के लिए कदम उठाए गए। बदहाल होते तालाबों से जहां भूजल स्तर गिर रहा है। वहीं गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है।
खोड़समा में करीब 50 बीघे तथा 30 बीघा रकबे के दो तालाब हैं, जो अतिक्रमण के कारण मौजूदा समय में मात्र 20 बीघे में ही सिमटकर रह गए हैं। तालाबों पर या तो किसी ने मिट्टी का भराव कर निर्माण कर लिया है या फिर उपले रखकर बिटौड़े खड़े कर दिए हैं। कई बार ग्रामीणों ने अवैध कब्जों को लेकर अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन तालाबों के सुधार के लिए कदम नहीं उठाए गए। शिकायतकर्ता सुशील कुमार, रणधीर आदि ने बताया कि सुुप्रीम कोर्ट के भी तालाबों को संरक्षित करने व उनके अस्तित्व को बनाए रखने के आदेश दिए हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसडीएम ऊन मणि अरोरा का कहना है कि उनके सामने खोड़समा में तालाबों पर अवैध कब्जों को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी कर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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गिरता जा रहा है गांव का भूजलस्तर
चौसाना। खोड़समा में ग्रामीणों ने पीने के पानी के लिए नलकूप बोरिंग 200 से 300 फीट तक गहरे करा रखे हैं। ग्रामीण नरेंद्र, श्रवण कुमार, राजेंद्र कुमार, सुभाष, शमशाद अहमद का कहना है कि 100 फीट तक नलकूप से पानी पीला आता है। जिन ग्रामीणों के घरों में कम गहराई पर के नलकूप हैं वे दूसरे के घरों से पीने का पानी लाते हैं।
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खोड़समा में करीब 50 बीघे तथा 30 बीघा रकबे के दो तालाब हैं, जो अतिक्रमण के कारण मौजूदा समय में मात्र 20 बीघे में ही सिमटकर रह गए हैं। तालाबों पर या तो किसी ने मिट्टी का भराव कर निर्माण कर लिया है या फिर उपले रखकर बिटौड़े खड़े कर दिए हैं। कई बार ग्रामीणों ने अवैध कब्जों को लेकर अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन तालाबों के सुधार के लिए कदम नहीं उठाए गए। शिकायतकर्ता सुशील कुमार, रणधीर आदि ने बताया कि सुुप्रीम कोर्ट के भी तालाबों को संरक्षित करने व उनके अस्तित्व को बनाए रखने के आदेश दिए हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसडीएम ऊन मणि अरोरा का कहना है कि उनके सामने खोड़समा में तालाबों पर अवैध कब्जों को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी कर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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गिरता जा रहा है गांव का भूजलस्तर
चौसाना। खोड़समा में ग्रामीणों ने पीने के पानी के लिए नलकूप बोरिंग 200 से 300 फीट तक गहरे करा रखे हैं। ग्रामीण नरेंद्र, श्रवण कुमार, राजेंद्र कुमार, सुभाष, शमशाद अहमद का कहना है कि 100 फीट तक नलकूप से पानी पीला आता है। जिन ग्रामीणों के घरों में कम गहराई पर के नलकूप हैं वे दूसरे के घरों से पीने का पानी लाते हैं।

चौसाना क्षेत्र के गांव खोड़समा तालाब में भरा गंदा पानी।- फोटो : SHAMLI
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