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Shamli News: घड़े का पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद, सही रहता है रक्त का पीएच
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शामली। जिले में इस समय गर्मी बढ़ रही है। गर्मी में प्यास बुझाने के लिए लोग ठंडा पानी पीते हैं। वर्तमान दौर में हर घर में फ्रिज है। लोग गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से मिट्टी से बने घड़े की मांग बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है और यह रक्त का पीएच मान सही रखने में मदद करता है।
गर्मी के मौसम में पहले ठंडा पानी पीने के लिए मिट्टी से बने घड़ों का प्रयोग किया जाता था। घड़ों में पानी भरकर रखा जाता था। समय में बदलाव के साथ लोग फ्रिज के ठंडे पानी का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से गर्मी में फिर से घड़े की मांग बढ़ने लगी है।
जिला अस्पताल के डॉ. समद अली ने बताया कि गर्मी में फ्रिज के स्थान पर घड़े का पानी पीना ज्यादा लाभदायक होता है। घड़े का पानी शुद्ध होता है। इसके साथ ही पानी संतुलित रूप से ठंडा रहता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से लाभदायक होता है। घड़े का पानी पीने से रक्त का पीएच भी सही रहता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। पीएच मान सही रहने से रक्त का प्रवाह सही रहता है। धमनियों में रक्त का सामान्य पीएच 7.35 से 7.45 के बीच होता है। उनका कहना है कि फ्रिज का ज्यादा ठंडा पानी या बर्फ का पानी पीने से गला खराब, नजला व खांसी और वायरल बुखार आदि होने की संभावना रहती है।
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- 130 से 250 रुपये तक बिक रहा सादा घड़ा
झिंझाना रोड पर मिट्टी के बर्तनों के विक्रेता गुरलाल ने बताया कि पिछले कई सालों से गर्मी में मिट्टी से बने घड़े की मांग बढ़ी है। एक दिन में आठ से दस घड़े की बिक्री हो रही है।सादा घड़ा 130 से 200 रुपये तक बिक रहा है जबकि टोंटी वाला घड़ा 160 से 250 रुपये का है। करवा 60 से 100 रुपये में बेचा जा रहा है।
- कैंपर के लुक वाला घड़ा कर रहा आकर्षित
सादे व टोंटी के घड़े के अलावा अब कैंपर के डिजाइन वाला घड़ा भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। विक्रेता गुरलाल ने बताया कि कैंपर के डिजाइन वाला घड़ा पंजाब का बना हुआ है। इसके दाम 250 से 500 रुपये तक हैं।
- घड़े का प्रयोग करते समय इसका रखें ध्यान
- काली मिट्ठी से बने घड़े में पानी ज्यादा ठंडा रहता है।
- मिट्ठी के घड़े को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां पर हवा का संचार ज्यादा हो। इससे पानी ठंडा रहता है।
- मिट्टी के घड़े को डेढ़ से तीन माह के अंदर बदलना चाहिए।
- घड़े की सफाई अंदर हाथ डालकर नहीं करनी चाहिए। घड़े में पानी डालकर तीन-चार बार खंगालना चाहिए।
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गर्मी के मौसम में पहले ठंडा पानी पीने के लिए मिट्टी से बने घड़ों का प्रयोग किया जाता था। घड़ों में पानी भरकर रखा जाता था। समय में बदलाव के साथ लोग फ्रिज के ठंडे पानी का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से गर्मी में फिर से घड़े की मांग बढ़ने लगी है।
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जिला अस्पताल के डॉ. समद अली ने बताया कि गर्मी में फ्रिज के स्थान पर घड़े का पानी पीना ज्यादा लाभदायक होता है। घड़े का पानी शुद्ध होता है। इसके साथ ही पानी संतुलित रूप से ठंडा रहता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से लाभदायक होता है। घड़े का पानी पीने से रक्त का पीएच भी सही रहता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। पीएच मान सही रहने से रक्त का प्रवाह सही रहता है। धमनियों में रक्त का सामान्य पीएच 7.35 से 7.45 के बीच होता है। उनका कहना है कि फ्रिज का ज्यादा ठंडा पानी या बर्फ का पानी पीने से गला खराब, नजला व खांसी और वायरल बुखार आदि होने की संभावना रहती है।
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- 130 से 250 रुपये तक बिक रहा सादा घड़ा
झिंझाना रोड पर मिट्टी के बर्तनों के विक्रेता गुरलाल ने बताया कि पिछले कई सालों से गर्मी में मिट्टी से बने घड़े की मांग बढ़ी है। एक दिन में आठ से दस घड़े की बिक्री हो रही है।सादा घड़ा 130 से 200 रुपये तक बिक रहा है जबकि टोंटी वाला घड़ा 160 से 250 रुपये का है। करवा 60 से 100 रुपये में बेचा जा रहा है।
- कैंपर के लुक वाला घड़ा कर रहा आकर्षित
सादे व टोंटी के घड़े के अलावा अब कैंपर के डिजाइन वाला घड़ा भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। विक्रेता गुरलाल ने बताया कि कैंपर के डिजाइन वाला घड़ा पंजाब का बना हुआ है। इसके दाम 250 से 500 रुपये तक हैं।
- घड़े का प्रयोग करते समय इसका रखें ध्यान
- काली मिट्ठी से बने घड़े में पानी ज्यादा ठंडा रहता है।
- मिट्ठी के घड़े को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां पर हवा का संचार ज्यादा हो। इससे पानी ठंडा रहता है।
- मिट्टी के घड़े को डेढ़ से तीन माह के अंदर बदलना चाहिए।
- घड़े की सफाई अंदर हाथ डालकर नहीं करनी चाहिए। घड़े में पानी डालकर तीन-चार बार खंगालना चाहिए।