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Shamli News: शिविर में देरी से पहुंचे चिकित्सक, दिव्यांग हुए परेशान
Mon, 27 Feb 2023 06:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 27 Feb 2023 06:46 PM IST
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- जिला संयुक्त चिकित्सालय में 12 बजे पहुंचे डॉक्टर व अन्य कर्मी
-दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह सात बजे से आना शुरू हो गए थे दिव्यांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में दिव्यांगों की जांच कर प्रमाणपत्र बनाने की जिम्मेदारी जिन डॉक्टरों को दी गई गे समय से नहीं पहुंचे। उनकी इस लापरवाही के कारण दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनको दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा, डॉक्टर 12 बजे के करीब शिविर में पहुंचे।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर लगाकर लाभार्थियों के प्रमाणपत्र बनवाए जाते हैं। शिविर सुबह दस बजे से लेकर चार बजे तक लगता है। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांग सुबह सात बजे से पहुंचना शुरू हो गए। लेकिन चिकित्सक 12 बजे के बाद पहुंचे। दिव्यांगों को लाइन में लगकर चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि यहां पूरी तरह अव्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी व्यवस्था को सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे है।
इस संबंध में नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर एक-एक होने के कारण पहले ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। 11 बजे के करीब चिकित्सक शिविर में पहुंचकर लाभार्थियों की जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का कार्य शुरू कर देते हैं, तब तक शिविर में लाभार्थियों के पंजीकरण का कार्य किया जाता है।
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डॉक्टर नहीं आते समय से
गुलिस्ता का कहना है कि वह सुबह नौ बजे दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आई थी, लेकिन 12 बज चुके हैं और डॉक्टर अभी तक नहीं आए हैं। इससे उनको जमीन पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ रहा है।
- दो माह से आ रहे हैं, नहीं बन रहा प्रमाणपत्र
वरिसा ने कहा कि वह दो माह से लगातार शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आ रहे हैं, लेकिन हर बार डॉक्टर कुछ न कुछ कमी निकाल देते हैं, जिससे उनको प्रमाणपत्र तक नहीं दिया जा रहा है। इससे काफी दिक्कत हो रही।
- सुबह आठ बजे से लगे हैं लाइन में
नूरा ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं और शिविर में दस बजे का समय डॉक्टरों के आने का है, लेकिन बारह बजे के बाद ही डॉक्टर आते हैं। सीएमओ भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में अव्यवस्था
अमजद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है और डॉक्टरों की मनमर्जी से मरीज परेशान हैं। व्यवस्था को सुधारने की तरफ न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि।
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डॉक्टर करते हैं परेशान
कल्लू का कहना है कि डॉक्टर बेवजह दिव्यांगों को परेशान करते हैं और उनका समय से दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बना रहे है। ऐसे में दिव्यांगों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है। उसके दोनों पैर खराब है और उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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शिविर में 36 दिव्यांगों केे प्रमाण पत्र हुए जारी
शामली। जिला अस्पताल में आयोजित दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर में 64 दिव्यांगों ने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पंजीकरण कराया। नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद पात्र पाए गए 36 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी किए गए। 22 लाभार्थियों को जांच के लिए मेरठ रेफर किया गया और अपात्र पाए गए छह लोगों के पंजीकरण निरस्त हुए।
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-दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह सात बजे से आना शुरू हो गए थे दिव्यांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में दिव्यांगों की जांच कर प्रमाणपत्र बनाने की जिम्मेदारी जिन डॉक्टरों को दी गई गे समय से नहीं पहुंचे। उनकी इस लापरवाही के कारण दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनको दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा, डॉक्टर 12 बजे के करीब शिविर में पहुंचे।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर लगाकर लाभार्थियों के प्रमाणपत्र बनवाए जाते हैं। शिविर सुबह दस बजे से लेकर चार बजे तक लगता है। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांग सुबह सात बजे से पहुंचना शुरू हो गए। लेकिन चिकित्सक 12 बजे के बाद पहुंचे। दिव्यांगों को लाइन में लगकर चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि यहां पूरी तरह अव्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी व्यवस्था को सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे है।
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इस संबंध में नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर एक-एक होने के कारण पहले ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। 11 बजे के करीब चिकित्सक शिविर में पहुंचकर लाभार्थियों की जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का कार्य शुरू कर देते हैं, तब तक शिविर में लाभार्थियों के पंजीकरण का कार्य किया जाता है।
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डॉक्टर नहीं आते समय से
गुलिस्ता का कहना है कि वह सुबह नौ बजे दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आई थी, लेकिन 12 बज चुके हैं और डॉक्टर अभी तक नहीं आए हैं। इससे उनको जमीन पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ रहा है।
- दो माह से आ रहे हैं, नहीं बन रहा प्रमाणपत्र
वरिसा ने कहा कि वह दो माह से लगातार शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आ रहे हैं, लेकिन हर बार डॉक्टर कुछ न कुछ कमी निकाल देते हैं, जिससे उनको प्रमाणपत्र तक नहीं दिया जा रहा है। इससे काफी दिक्कत हो रही।
- सुबह आठ बजे से लगे हैं लाइन में
नूरा ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं और शिविर में दस बजे का समय डॉक्टरों के आने का है, लेकिन बारह बजे के बाद ही डॉक्टर आते हैं। सीएमओ भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में अव्यवस्था
अमजद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है और डॉक्टरों की मनमर्जी से मरीज परेशान हैं। व्यवस्था को सुधारने की तरफ न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि।
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डॉक्टर करते हैं परेशान
कल्लू का कहना है कि डॉक्टर बेवजह दिव्यांगों को परेशान करते हैं और उनका समय से दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बना रहे है। ऐसे में दिव्यांगों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है। उसके दोनों पैर खराब है और उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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शिविर में 36 दिव्यांगों केे प्रमाण पत्र हुए जारी
शामली। जिला अस्पताल में आयोजित दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर में 64 दिव्यांगों ने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पंजीकरण कराया। नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद पात्र पाए गए 36 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी किए गए। 22 लाभार्थियों को जांच के लिए मेरठ रेफर किया गया और अपात्र पाए गए छह लोगों के पंजीकरण निरस्त हुए।