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धूप में ना निकलें बाहर, हो सकते हैं डिहाइड्रेशन का शिकार
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शामली। जिले में तापमान बढ़ रहा है। दो दिन से सुबह से ही गरम हवा चलनी शुरू हो जाती है। चिलचिलाती धूप और गर्मी में लोगों का बुरा हाल है। चिकित्सकों का कहना है कि गरमी को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। धूप में कम निकले और गरमी से बचाव के इंतजाम करें। गरम मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है। इस मौसम में पानी व अन्य तरल पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए।
जिले में पिछले कई दिन से तापमान बढ़ रहा है। गरमी के मौसम में बच्चों में पेट में संक्रमण की वजह से उल्टी दस्त होते है, जिससे डिहाइड्रेशन होने का खतरा रहता है। तेज धूप में निकलने से भी बड़ों में भी डिहाइड्रेशन हो सकता है, ऐसे में गरमी से बचाव करने के लिए सिर पर कपड़ा रखें या कैप लगानी चाहिए। आईएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में उल्टी दस्त के केस आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए बच्चों को दूध पिलाना बंद न करें। तरल पदार्थ देते रहें। बच्चों को नमक व चीनी के घोल की जगह ओआरएस का घोल पिलाते रहे। चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं। इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डिहाइड्रेशन जानलेवा भी हो सकता है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक का कहना है कि तेज धूप में डिहाइड्रेशन होने का खतरा रहता है, लेकिन अभी बच्चों में डायरिया के केस आ रहे हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है, इसलिए बच्चों को तरल पदार्थ देते रहें और चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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डिहाइड्रेशन के लक्षण
- मुंह सूखना, बार-बार पानी मांगना।
- आंखों का धंस जाना।
- कमजोरी व चक्कर आना।
- पेशाब कम और पीले रंग का आना।
- शरीर का तापमान कम होना।
- बेहोशी आना।
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बचाव
- खनिज की पूर्ति करने वाले पेय पदार्थों का सेवन करें।
- नारियल का पानी पीयें।
- कच्चे दूध की लस्सी पीयें।
- नींबू पानी, बेल का शरबत, शिकंजी, छाछ पीयें।
- जंक फूड का सेवन करने से बचें।
- खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- तला भूना, मिर्च मसाले वाले भोजन से बचें।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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जिले में पिछले कई दिन से तापमान बढ़ रहा है। गरमी के मौसम में बच्चों में पेट में संक्रमण की वजह से उल्टी दस्त होते है, जिससे डिहाइड्रेशन होने का खतरा रहता है। तेज धूप में निकलने से भी बड़ों में भी डिहाइड्रेशन हो सकता है, ऐसे में गरमी से बचाव करने के लिए सिर पर कपड़ा रखें या कैप लगानी चाहिए। आईएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में उल्टी दस्त के केस आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए बच्चों को दूध पिलाना बंद न करें। तरल पदार्थ देते रहें। बच्चों को नमक व चीनी के घोल की जगह ओआरएस का घोल पिलाते रहे। चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं। इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डिहाइड्रेशन जानलेवा भी हो सकता है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक का कहना है कि तेज धूप में डिहाइड्रेशन होने का खतरा रहता है, लेकिन अभी बच्चों में डायरिया के केस आ रहे हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है, इसलिए बच्चों को तरल पदार्थ देते रहें और चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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डिहाइड्रेशन के लक्षण
- मुंह सूखना, बार-बार पानी मांगना।
- आंखों का धंस जाना।
- कमजोरी व चक्कर आना।
- पेशाब कम और पीले रंग का आना।
- शरीर का तापमान कम होना।
- बेहोशी आना।
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बचाव
- खनिज की पूर्ति करने वाले पेय पदार्थों का सेवन करें।
- नारियल का पानी पीयें।
- कच्चे दूध की लस्सी पीयें।
- नींबू पानी, बेल का शरबत, शिकंजी, छाछ पीयें।
- जंक फूड का सेवन करने से बचें।
- खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- तला भूना, मिर्च मसाले वाले भोजन से बचें।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।