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सीएचसी पर डीएम के छापे में खुली व्यवस्थाओं की पोल
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डीएम का सीएचसी पर छापा, खुली व्यवस्थाओं की पोल
शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में अव्यवस्थाएं हावी हैं और मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। डीएम अखिलेश सिंह ने सीएचसी में छापा मारा, तो व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। अस्पताल में निरीक्षण के साथ ही डीएम ने अस्पताल गेट के बाहर मेडिकल स्टोरों पर भी जांच की। वहां एक स्टोर पर सितंबर माह में एक भी बिल नहीं काटा गया। जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को मौके पर बुलाकर जांच कराई गई, लेकिन डिप्टी कमिश्नर ने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई को अपने दायरे से बाहर बता दिया।
दरअसल पिछले दिनों सीएचसी का निरीक्षण करने आए जिले के प्रभारी मंत्री से मरीजों ने बाहर से दवा मंगाने की शिकायत की थी। इसके बाद भी डीएम अखिलेश सिंह को बाहर से दवा मंगाने की सूचनाएं मिल रही थी। शनिवार को डीएम ने सीएचसी पर छापा मारा। एसीएमओ डॉक्टर सफल को भी बुलाया गया। डीएम ने बताया कि सीएचसी में आई एक महिला मरीज ने भी बाहर से दवा मंगाने की शिकायत। डीएम तुरंत सीएचसी के बाहर मेेडिकल स्टोरों पर चेक करने पहुंच गए। देखा गया कि सीएचसी का पर्चा लिए कोई मरीज तो मेडिकल स्टोर पर नही है, ऐसा कोई मरीज वहां नहीं मिला। डीएम ने बताया कि शक होने पर दो मेडिकल स्टोर की कैश मीमो चेक की गई। सितंबर के महीने में कोई बिल ही नहीं कटा था।
डीएम ने दोनो मेडिकल स्टोर की कैश मीमो कब्जे में ले ली और जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को टीम के साथ बुला लिया। जीएसटी टीम ने कैैश मीमो और स्टोर संचालकों से जानकारी लेकर और जांच कर बताया कि उक्त स्टोर 40 लाख से कम सालाना टर्नओवर वाले हैं, इसलिए नियमानुसार उन पर कार्रवाई संभव नहीं है। डीएम ने बताया कि जीएसटी की कार्रवाई के दायरे से बच रहे मेडिकल स्टोर्स पर लगाम कसने को एसआईबी या ड्रग विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। उनके एक्ट के तहत इन स्टोर की जांच कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने अस्पताल में दवा वितरण केंद्र के बाहर सीसीटीवी लगवाने का निर्देश भी दिया।
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तुरंत सूचना दें, कार्रवाई होगी
डीएम ने मरीजों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी सरकारी अस्पताल में उनसे बाहर से दवाई मंगाई जाती है तो वह तुरंत उन्हें सूचना दें इस पर कार्रवाई होगी। मरीजों को बाहर मेेेडिकल स्टोर से दवा खरीदते वक्त दवाई का बिल भी स्टोर संचालक से लेना चाहिए ताकि बाद में दवा से कोई रिएक्शन होने, या एक्सपायर डेट होने आदि पर उस बिल के माध्यम से कार्रवाई हो सके।
हाजिरी लगाकर संविदा चिकित्सक नदारद
डीएम के अनुसार निरीक्षण के दौरान एक संविदा चिकित्सक अनुपस्थित मिले। उनकी उपस्थिति लगी थी, बताया गया कि चिकित्सक अस्पताल में आए थे लेकिन उन्हें निरीक्षण में नहीं मिले। उक्त चिकित्सक से जवाब तलब किया गया है।
शौचालय में पानी नहीं
डीएम के अनुसार अस्पताल के वार्ड में निरीक्षण के दौरान एक महिला ने शौचालय में पानी ना होने की शिकायत की। कहा कि पानी न होने से परेशानी होती है। डीएम ने एसीएमओ को व्यवस्था में सुधार कराने को कहा।
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शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में अव्यवस्थाएं हावी हैं और मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। डीएम अखिलेश सिंह ने सीएचसी में छापा मारा, तो व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। अस्पताल में निरीक्षण के साथ ही डीएम ने अस्पताल गेट के बाहर मेडिकल स्टोरों पर भी जांच की। वहां एक स्टोर पर सितंबर माह में एक भी बिल नहीं काटा गया। जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को मौके पर बुलाकर जांच कराई गई, लेकिन डिप्टी कमिश्नर ने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई को अपने दायरे से बाहर बता दिया।
दरअसल पिछले दिनों सीएचसी का निरीक्षण करने आए जिले के प्रभारी मंत्री से मरीजों ने बाहर से दवा मंगाने की शिकायत की थी। इसके बाद भी डीएम अखिलेश सिंह को बाहर से दवा मंगाने की सूचनाएं मिल रही थी। शनिवार को डीएम ने सीएचसी पर छापा मारा। एसीएमओ डॉक्टर सफल को भी बुलाया गया। डीएम ने बताया कि सीएचसी में आई एक महिला मरीज ने भी बाहर से दवा मंगाने की शिकायत। डीएम तुरंत सीएचसी के बाहर मेेडिकल स्टोरों पर चेक करने पहुंच गए। देखा गया कि सीएचसी का पर्चा लिए कोई मरीज तो मेडिकल स्टोर पर नही है, ऐसा कोई मरीज वहां नहीं मिला। डीएम ने बताया कि शक होने पर दो मेडिकल स्टोर की कैश मीमो चेक की गई। सितंबर के महीने में कोई बिल ही नहीं कटा था।
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डीएम ने दोनो मेडिकल स्टोर की कैश मीमो कब्जे में ले ली और जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को टीम के साथ बुला लिया। जीएसटी टीम ने कैैश मीमो और स्टोर संचालकों से जानकारी लेकर और जांच कर बताया कि उक्त स्टोर 40 लाख से कम सालाना टर्नओवर वाले हैं, इसलिए नियमानुसार उन पर कार्रवाई संभव नहीं है। डीएम ने बताया कि जीएसटी की कार्रवाई के दायरे से बच रहे मेडिकल स्टोर्स पर लगाम कसने को एसआईबी या ड्रग विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। उनके एक्ट के तहत इन स्टोर की जांच कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने अस्पताल में दवा वितरण केंद्र के बाहर सीसीटीवी लगवाने का निर्देश भी दिया।
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तुरंत सूचना दें, कार्रवाई होगी
डीएम ने मरीजों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी सरकारी अस्पताल में उनसे बाहर से दवाई मंगाई जाती है तो वह तुरंत उन्हें सूचना दें इस पर कार्रवाई होगी। मरीजों को बाहर मेेेडिकल स्टोर से दवा खरीदते वक्त दवाई का बिल भी स्टोर संचालक से लेना चाहिए ताकि बाद में दवा से कोई रिएक्शन होने, या एक्सपायर डेट होने आदि पर उस बिल के माध्यम से कार्रवाई हो सके।
हाजिरी लगाकर संविदा चिकित्सक नदारद
डीएम के अनुसार निरीक्षण के दौरान एक संविदा चिकित्सक अनुपस्थित मिले। उनकी उपस्थिति लगी थी, बताया गया कि चिकित्सक अस्पताल में आए थे लेकिन उन्हें निरीक्षण में नहीं मिले। उक्त चिकित्सक से जवाब तलब किया गया है।
शौचालय में पानी नहीं
डीएम के अनुसार अस्पताल के वार्ड में निरीक्षण के दौरान एक महिला ने शौचालय में पानी ना होने की शिकायत की। कहा कि पानी न होने से परेशानी होती है। डीएम ने एसीएमओ को व्यवस्था में सुधार कराने को कहा।