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डीएम ने भी डेढ़ साल के बेटे सहित परिजनों से बनाई दूरी

Sun, 12 Apr 2020 10:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2020 10:24 PM IST
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DM of Shamli made social distance from family with son
शामली की डीएम जसजीत कौर - फोटो : SHAMLI
शामली। 2012 बैच की आईपीएस अधिकारी जसजीत कौर को जिले की कमान संभाले दो महीने भी नहीं हुए थे कि कोराना महामारी का दौर शुरू हो गया। एक के बाद एक 11 पॉजिटिव केस मिले तो जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ गई। तीन क्षेत्र सील हो गए। लोगों से लगातार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की जा रही है। डीएम जसजीत कौर ने खुद पर इसे बेहद सख्ती से लागू कर लिया है। उन्होंने तो अपना पूरा ही लाइफ स्टाल बदल लिया है। इस दौरान उन्होंने परिवार सहित डेढ़ साल के मासूम बेटे से भी दूरी बना ली हैं। अमर उजाला ने डीएम से बात की। पेश है रोहित अग्रवाल की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-
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जनपदवासियों के साथ परिवार की भी जिम्मेदारी
बकौल डीएम जनपदवासियों के साथ उनकी अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति भी जिम्मेदारी है। घर में उनके साथ उनके पति, एक डेढ़ साल का बेटा और सासू मां भी हैं। उन्होंने कहा कि वह अधिकतर फील्ड में रहती हैं। आइसोलेशन वार्ड, क्वारंटीन वार्ड में मरीजों तक भी जाना पड़ता है। ऐसे में उनके जरिए कोई संक्रमण परिवार के किसी सदस्य तक ना पहुंचे, इसलिए उन्होंने शुरूआत से ही परिवार के साथ दूरी बना ली थी।
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पहली मंजिल पर बना लिया सेपरेट रुम
उनके आवास में फस्ट फ्लोर पर एक कमरा है, जिसे मैंने सेपरेट रूम बना लिया है। फील्ड से आते ही वहीं जाती हूं। फ्रेश होकर कपड़े चेंज करने के बाद ही परिवार के बाकी सदस्यों के पास जाते हैं लेकिन उसमें भी काफी दूरी बनाकर रखती हैं। डेढ़ साल के बच्चे को प्यार दुलारने का मन करता है लेकिन उसे गोदी में लेकर नहीं दूर से ही होता है। आखिर सामाजिक दूरी समय की जरूरत है।
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इस तरह बदला लाइफ स्टाइल
पहले फील्ड या आफिस से आते ही घर के सदस्यों से घुल मिल जाते थे। पास बैठते थे। बातें होती थी। साथ में खाना खाते थे, लेकिन अब सब बदल गया है। अब घर में आते ही अलग रूम में जाते हैं। वहां पहले फ्रेश होते हैं, उसके बाद परिजनों के पास जाते हैं लेकिन यदि ये पता है कि कुछ देर के ब्रेक के बाद फिर से जाना है तो फिर परिवार, बच्चे के पास नहीं जाते। पहले कोशिश करते थे कि पूरी फैमिली एक साथ डिनर करे लेकिन अब नाश्ता, लंच या डिनर कुछ भी साथ नहीं होता।
एक माह से परिवार से नहीं मिले कई अफसर-कर्मी
बकौल डीएम जनपद के कई अफसर और कर्मचारी हैं, जिनके परिवार दूसरे जिलों में रहते हैं। करीब एक महीने से ये लोग अपने परिवार से नहीं मिले और अगले एक महीने तक संभवत: मिल भी नहीं सकेंगे। उनकी ड्यूटी लगी है। ये सिर्फ जनपद के 15 लाख लोगों की सुरक्षा के लिए।

...ये दिया संदेश
डीएम ने जनपदवासियों के लिए संदंश दिया कि जब सरकार, प्रशासन, अफसर, कर्मचारी, पुलिस सब उनकी सुरक्षा के लिए डटे हैँ तो उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वे लॉकडाउन का पालन करें। अपने घरों में रहें और सामाजिक दूरी बनाकर रखें।
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