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बदलते मौसम में मच्छर का डंक कर सकता है बीमार, बरतें सावधानी

Wed, 21 Sep 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2022 12:30 AM IST
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Dengue and malaria outbreak likely to increase
डेंगू व मलेरिया का प्रकोप बढ़ने की आशंका
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शामली। बारिश के बाद बुखार का प्रकोप फैलने की आशंका बन गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि दस दिन बाद बारिश में पैदा होने वाले मच्छरों के काटने का खतरा बढ़ेेगा, जिससे बुखार व अन्य मच्छर जनित बीमारियों पैदा होने का खतरा रहेगा। सितंबर व अक्तूबर के महीने में डेंगू व मलेरिया बुखार होने की आशंका ज्यादा रहती है। इससे बचाव के लिए लोगों को अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में कई दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है। घर की छतों, गमलों और आसपास के गड्ढों में जलभराव होने से मच्छर पनपने का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में पहले से ही वायरल, मलेरिया, टायफाइड के मरीज आ रहे हैं। डेंगू, स्क्रब टायफस और चिकनगुनिया के भी केस मिल रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि बारिश होने के दस दिन में मच्छर पैदा होने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए पहले ही तरीके अपनाने चाहिए। इसके साथ ही मच्छर के काटने से बचने के उपाय करने चाहिए।
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जिला मलेरिया विभाग के लैब सहायक अवधेश वाड़ेकर ने बताया कि मलेरिया का मच्छर मादा एनाफिलीज गंदे पानी में पनपनता है जबकि डेंगू का एडीज मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। सितंबर व अक्तूबर के महीने में डेंगू व मलेरिया बुखार का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। डेंगूू का मच्छर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय काटता है। लोगों को इस मौसम में बीमारियों से बचने के लिए अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है।
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डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार होना।
- सिर दर्द होना, जी मिचलाना।
- उल्टी होना, सिर चकराना।
- मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना।
- शरीर पर लाल भूरे रंग के चकते होना।
- थकान व कमजोरी महसूस होना।
मलेरिया के लक्षण
- कंपकंपी के साथ तेज बुखार होना।
- सिर दर्द होना।
- उल्टी होना, जी मिचलाना।
- चक्कर और थकान होना।
बचाव:
- घर व आसपास साफ-सफाई रखें।
- घर व आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
- फ्रिज की ट्रे, गमले, छतों पर पानी जमा न होने दें।
- कूलर को सुखाकर सप्ताह में पानी दो बार जरूर बदलें।
- जलभराव वाले स्थान पर एंटी लार्वा का छिड़काव या जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।
- शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
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