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हाफिज-ए-कुरान की दस्तारबंदी की
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शामली, कांधला। नगर के मोहल्ला खैल स्थित जामिया अरबिया कासिमुल उलूम मदरसा सालाना जलसा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हाफिज-ए-कुरान की दस्तारबंदी की गई।
मौलाना बिलाल थानवी ने कहा कि ये किताब है, जिसने क्रांति ला दी है। मौलाना थानावी ने कहा कि यह किताब इंसान को इंसान बनाती है और दिलों को जोड़ देती है। मौलाना बिलाल थानवी ने लोगों को सुन्नत का पालन करने की सलाह देते हुए कहा कि मिन्हाज-उन-नबवी के अनुसार जीने में सुकून और शांति है। सैय्यद मौलाना अजहर मदनी ने कहा कि मुसलमान की असली पहचान यह है कि खुदा के रसूल का प्यार उसके दिल में सबसे ज्यादा होना चाहिए। मुफ्ती खालिद ने कुरआन के संबंध में कहा कि सुनना, छूना और पढ़ना सभी में सवाब है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक मदरसों में एक ही पवित्र ग्रंथ पढ़ाया जाता है, इसलिए इन मदरसों की सेवा करना नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है। समापन के समय मौलाना सैय्यद मजहरुल हुदा कासमी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। मौलाना सैय्यद बदरूल हुदा कासमी ने सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया।
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मौलाना बिलाल थानवी ने कहा कि ये किताब है, जिसने क्रांति ला दी है। मौलाना थानावी ने कहा कि यह किताब इंसान को इंसान बनाती है और दिलों को जोड़ देती है। मौलाना बिलाल थानवी ने लोगों को सुन्नत का पालन करने की सलाह देते हुए कहा कि मिन्हाज-उन-नबवी के अनुसार जीने में सुकून और शांति है। सैय्यद मौलाना अजहर मदनी ने कहा कि मुसलमान की असली पहचान यह है कि खुदा के रसूल का प्यार उसके दिल में सबसे ज्यादा होना चाहिए। मुफ्ती खालिद ने कुरआन के संबंध में कहा कि सुनना, छूना और पढ़ना सभी में सवाब है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक मदरसों में एक ही पवित्र ग्रंथ पढ़ाया जाता है, इसलिए इन मदरसों की सेवा करना नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है। समापन के समय मौलाना सैय्यद मजहरुल हुदा कासमी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। मौलाना सैय्यद बदरूल हुदा कासमी ने सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया।
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