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डेंगू का बढ़ रहा खतरा, मिल चुके हैं 48 केस
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डेंगू का बढ़ रहा खतरा, मिल चुके हैं 48 केस
शामली। जिला बनने के बाद शामली में डेंगू बुखार ने पिछले दस साल का रिकार्ड तोड़ा है। इस साल में अब तक रिकार्ड 48 केस मिल चुके हैं। इससे पहले 2018 में 14 केस मिले थे, जो पिछले साल तक सबसे अधिक थे। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 43 मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच केे मुजफ्फरनगर भेजा गया है।
जिले में निजी अस्पतालों में रैपिड किट की जांच में डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच को ही प्रमाणित मानता है। इसलिए निजी अस्पतालों में मिलने वाले मरीज स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं हो पाते। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निजी अस्पताल के संचालकों से कहा गया है कि अगर उनके यहां डेंगू का कोई संदिग्ध केस आता है तो उसका सैंपल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए ताकि उसकी एलाइजा जांच कराई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 28 सितंबर 2011 में शामली जिला बनने के बाद इस साल डेंगू बुखार के सबसे अधिक रिकार्ड मरीज मिले हैं। इससे पहले के सालों में 2018 में 14 केस मिले थे। 2010 में डेंगू के दस केस मिले थे। 2012 से 2015 तक डेंगू का कोई केस जिले में नहीं मिला था। इसके बाद 2019 व 2020 में डेंगू के आठ-आठ मरीज मिले थे। इस साल में अब तक डेंगू बुखार के 48 केस मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 43 मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजे गए हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिले में अब तक 48 केस डेंगू के सामने आए हैं। डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 43 मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट दो-तीन दिन में आएगी।
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जिले में पिछले सालों में डेंगू की स्थिति
साल - केस
2016 - 10
2017 - 5
2018 - 14
2019 - 8
2020 - 8
2021 - 48 (अब तक)
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शामली। जिला बनने के बाद शामली में डेंगू बुखार ने पिछले दस साल का रिकार्ड तोड़ा है। इस साल में अब तक रिकार्ड 48 केस मिल चुके हैं। इससे पहले 2018 में 14 केस मिले थे, जो पिछले साल तक सबसे अधिक थे। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 43 मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच केे मुजफ्फरनगर भेजा गया है।
जिले में निजी अस्पतालों में रैपिड किट की जांच में डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच को ही प्रमाणित मानता है। इसलिए निजी अस्पतालों में मिलने वाले मरीज स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं हो पाते। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निजी अस्पताल के संचालकों से कहा गया है कि अगर उनके यहां डेंगू का कोई संदिग्ध केस आता है तो उसका सैंपल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए ताकि उसकी एलाइजा जांच कराई जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 28 सितंबर 2011 में शामली जिला बनने के बाद इस साल डेंगू बुखार के सबसे अधिक रिकार्ड मरीज मिले हैं। इससे पहले के सालों में 2018 में 14 केस मिले थे। 2010 में डेंगू के दस केस मिले थे। 2012 से 2015 तक डेंगू का कोई केस जिले में नहीं मिला था। इसके बाद 2019 व 2020 में डेंगू के आठ-आठ मरीज मिले थे। इस साल में अब तक डेंगू बुखार के 48 केस मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 43 मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजे गए हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिले में अब तक 48 केस डेंगू के सामने आए हैं। डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 43 मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट दो-तीन दिन में आएगी।
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जिले में पिछले सालों में डेंगू की स्थिति
साल - केस
2016 - 10
2017 - 5
2018 - 14
2019 - 8
2020 - 8
2021 - 48 (अब तक)