{"_id":"62f54b8ff451a3617d2edee8","slug":"crowd-of-passengers-gathered-in-trains-shamli-news-mrt600830119","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंदगीभर का गम: भाई की हादसे में हो गई थी मौत, अब मुस्लिम दोस्तों ने इकलौती बहन से बंधवाई राखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिंदगीभर का गम: भाई की हादसे में हो गई थी मौत, अब मुस्लिम दोस्तों ने इकलौती बहन से बंधवाई राखी
Fri, 12 Aug 2022 09:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2022 09:16 AM IST
सार
Raksha Bandhan 2022: करीब दो महीने पहले युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब रक्षाबंधन के पर्व पर दो मुस्लिम दोस्तों ने उसकी इकलौती बहन से राखी बंधवाई। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
दोस्त की बहन से राखी बंधवाते दो मुस्लिम दोस्त।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Raksha Bandhan 2022: शामली जनपद के कैराना में करीब सवा दो माह पूर्व सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई थी। रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर युवक के दो मुस्लिम दोस्तों ने दोस्ती और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम रखते हुए उसकी इकलौती बहन से राखी बंधवाई और आजीवन उसकी रक्षा का वचन दिया।
विज्ञापन
बताया गया कि चार जून को मोहल्ला आलकलां निवासी 24 वर्षीय सागर चौहान व सुहेब की ननौता में सड़क हादसे के दौरान मौत हो गई थी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सागर की बहन कोमल अपने भाई को खोने के गम में बहुत दुखी थी। रक्षाबंधन पर कोमल को अपने भाई सागर की याद सता रही थी। वहीं रक्षाबंधन पर दोस्ती व हिंदू-मुस्लिम एकता का मिसाल कायम करते हुए मृतक सागर के मुस्लिम दोस्त रमीज व सुहेल उसके घर पहुंचे और सागर की बहन कोमल से कहा कि सागर हमारा भाई था। तुम हमारी बहन हो और बहन के होते हुए उसके भाइयों की कलाई सूनी नहीं रहनी चाहिए। कोमल ने रमीज व सुहेल की कलाई पर रखी बांधी। रमीज व सुहेल ने बहन कोमल को उपहार देने के साथ ही उसकी रक्षा करने का वचन दिया। इस दौरान वहा मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: बड़ा सवाल: मेघना को बधाई देने नहीं पहुंचे अधिकारी-नेता, पदक जीतकर लौटी हैं घर, अमर उजाला से हुई खास बातचीत
विज्ञापन