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हाईकोर्ट ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Sat, 14 Jan 2017 12:04 AM IST
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चौसाना। डीएम के आदेश पर खोड़समा के पीड़ित परिवार पर मुकदमे में हाईकोर्ट ने स्टे जारी पर ग्रामीणों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पीड़ित परिवार ने स्टे की एक कॉपी पुलिस को सौंप दी। घटना सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के दौरान प्रशासनिक अफसरों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद को लेकर चला आ रहा है।
गांव खोड़समा में करीब 250 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराने के दौरान कब्जाधारी पक्ष ब्रह्मपाल की महिला ने एसडीएम ऊन विजय प्रकाश, अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसरों का विरोध किया था। इसमें एसडीएम ऊन पर महिलाओं से मारपीट का आरोप लगा था और उसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
हालांकि मामले में एसडीएम का कहना था कि डीएम शामली के आदेश पर जमीन को कब्जामुक्त कराया जा रहा है। पीड़ित महिलाओं की शिकायत के बाद भी एसडीएम ऊन व अन्य अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद डीएम शामली ने पीड़ित परिवार पर एसडीएम और उसकी टीम पर जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेज दिया है।
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पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पीड़ित ग्रामीणों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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गांव खोड़समा में करीब 250 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराने के दौरान कब्जाधारी पक्ष ब्रह्मपाल की महिला ने एसडीएम ऊन विजय प्रकाश, अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसरों का विरोध किया था। इसमें एसडीएम ऊन पर महिलाओं से मारपीट का आरोप लगा था और उसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
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हालांकि मामले में एसडीएम का कहना था कि डीएम शामली के आदेश पर जमीन को कब्जामुक्त कराया जा रहा है। पीड़ित महिलाओं की शिकायत के बाद भी एसडीएम ऊन व अन्य अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद डीएम शामली ने पीड़ित परिवार पर एसडीएम और उसकी टीम पर जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेज दिया है।
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पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पीड़ित ग्रामीणों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।