देश का चर्चित हत्याकांड: 75 तारीखें और 14 गवाही के बाद बड़ा फैसला, कातिल को मिलेगी दर्दनाक मौत, डेथ वारंट भेजा
Shamli Ajay Pathak Murder Case : शामली के चौरहे हत्याकांड में 75 तारीखें और 14 गवाही के बाद बड़ा फैसला आया है। अदालत ने प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक और उनकी पत्नी व बच्चों की हत्या करने वाले कातिल को फांसी की सजा सुनाई है। अब कातिल हिमांशु सैनी को दर्दनाक मौत मिलेगी।
विस्तार
30 दिसंबर 2019 की वो मनहूस रात जब एक शिष्य ने भी धार्मिक प्रवृत्ति के अपने गुरु भजन गायक अजय पाठक व उनकी पत्नी स्नेहलता, पुत्री वसुंधरा व पुत्र भागवत की हत्या कर दी थी। इस रात को परिवार अभी तक नहीं भुला पा रहा है।
आजय पाठक के बड़े भाई हरिओम पाठक ने थाना आर्दश मंडी पर मुकदमा दर्ज कराया था। हत्याकांड की फाइल सत्र न्यायालय में जाने के बाद कुल 75 तारीखें व अभियोजन पक्ष के 14 लोगों की कोर्ट में गवाही हुई। जिसके बाद बुधवार को शामली जनपद न्यायाधीश ने हत्यारे हिमांशु सैनी को फांसी की सजा सुनाई। हरिओम ने बताया कि मामले में 14 गवाह पेश किए गए।
हत्यारे के साथ ही अदालत ने भेजा मुजरिम का डेथ वारंट
फांसी की सजा सुनाने के बाद बंदी रक्षक मुजरिम हिमांशु सैनी को न्यायालय स्थित कारागार में ले गए थे। इसके बाद कोर्ट ने फांसी की सजा पाए हत्यारे हिमांशु सैनी को डेथ वारंट तैयार करके उसे मुजरिम के साथ ही जिला कारागार मुजफ्फरनगर भेज दिया।
जनपद न्यायाधीश ने अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा
भजन गायक अजय पाठक व उसके परिवार के हत्यारे को अलग-अलग अपराधों में जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने अलग-अलग सजा सुनाई। न्यायाधीश ने हत्या की धारा 302 में मृत्यु दंड की सजा सुनाई। लूट की धारा 394 में 10 साल के कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड, लूट का माल बरामद होने की धारा 411 में तीन साल का कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड, साक्ष्य मिटाने की धारा 201 में पांच साल का कारावास व 25 हजार अर्थदंड, अजय पाठक की कार में आग लगाने के मामले में धारा 435 के तहत पांच साल के कारावास व 25 हजार अर्थदंड और अजय पाठक की संपत्ति को नष्ट करने के मामले में धारा 404 के तहत तीन साल के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि अगर फांसी की सजा हाईकोर्ट द्वारा भी बरकरार रहती है तो फांसी को छोड़ कर अन्य सजाएं खत्म मानी जाएंगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान के अलावा मुजफ्फरनगर से अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह, दीपक वर्मा, जावेद अली, अनिल निर्वाल ने अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे में पैरवी की।
लोगों का लग गया तांता
जैसे ही गायक अजय पाठक और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में हत्यारे को सजा मिली तो पंजाबी कॉलोनी में अजय के घर पर लोगों का तांता लगा रहा। हर कोई हत्यारे को कोसता नजर आया।
अजय पाठक के गुरु ने भी फैसले को सराहा
अजय पाठक के गुरु संत रामदेव का कहना है कि न्यायालय ने हत्यारे को फांसी की सजा देकर मेरे भक्त अजय पाठक को इंसाफ दिया है। उन्हें फैसले पर पूरी उम्मीद थी।
अजय की भाभी ममता पाठक का कहना है कि न्यायालय पर पूरा भरोसा था। आज अजय को इंसाफ मिला है। अजय पाठक की भाभी अनीता पाठक ने कहा कि जब हत्यारे को फांसी पर लटका देखेंगे, उसकी खुशी तभी होगी।
यह था मामला
31 दिसंबर 2019 में शामली की पंजाबी कॉलोनी निवासी प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक (42), उनकी पत्नी स्नेहा पाठक, बेटी वसुंधरा (16) तीनों के रक्तरंजित शव कमरे में पड़े मिले थे। तलवार और अन्य हथियारों से काटकर तीनों की हत्या की गई थी। बेटा भागवत (11) लापता था। अगले दिन बेटे का अधजला शव उनकी गाड़ी में पानीपत के समालखा सेक्टर 29 टोल प्लाजा के पास से बरामद किया गया था। पुलिस ने हत्यारोपी हिमांशु को कार एवं बेटे के शव के साथ गिरफ्तार किया था। हिमांशु सैनी ने कार में आग लगा दी थी।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भी मोबाइल फोन का प्रयोग कर रहा था आरोपी
पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार करने के बाद खुलासा किया था कि वारदात को अंजाम देने के बाद भी वह मोबाइल का प्रयोग कर रहा था। अजय पाठक के परिजनों से भी फोन पर बात कर रहा था। खुद को दिल्ली होने की बात कहते हुए जल्द आने की बात कह रहा था। जिसके कारण पुलिस हिमांशु पर हत्याकांड को अंजाम देने का शक नहीं जता रही थी।
बेटे भागवत की गला घोंटकर की थी हत्या
पुलिस ने खुलासा किया था कि तीनों की हत्या के बाद हिमांशु ने अजय के बेटे भागवत की हत्या गला घोंटकर की थी। वह चारों शवों को ठिकाने लगाना चाहता था। उसने भागवत के शव को अजय पाठक की कार की डिग्गी में डाल दिया। वसुंधरा के शव को घसीटते हुए नीचे ले आया, शव भारी होने के कारण वह कार में नहीं रख सका, फिर से ऊपर पहुंचा और कमरे में ही डालकर आया था।
परिजनों ने पुलिस के खुलासे पर उठाए थे सवाल, अकेला कैसे दे सकता है चौहरे हत्याकांड को अंजाम
घटना के खुलासे को लेकर अजय पाठक के ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप था कि चार लोगों की हत्या किसी भी दशा में एक अकेले व्यक्ति से कैसे संभव हो सकती है। अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई थी। जांच की मांग को लेकर गुरुद्वारे के समीप जाम भी लगा दिया था। बाद में एसपी के एसआईटी के गठन के आश्वासन पर परिजन माने थे और पुलिस के खुलासे को भी सही माना था।
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अजय और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में भी जानें
अजय पाठक प्रसिद्ध गायक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। वे शामली के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अन्य स्थानों पर जागरण और माता का जगराता करते थे। वह प्रसिद्ध गायक अनुराधा पौडवाल, पंजाब के गायक मास्टर सलीम, भजन गायक लखवीर सिंह लक्खा के साथ भी काम कर चुके थे। उनके साथ कई बार भजन प्रस्तुत किए। परिवार में पांच भाई हैं। उनके बड़े भाई सूर्यपाठक पुरोहित हैं। जबकि विजय पाठक व्यापारी, दिनेश कुमार पाठक कथावाचक, हरिओम पाठक चिकित्सक और कपिल व्यवसायी हैं।
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