ससुराल वालों को फंसाने के लिए कर दी थी पिता की हत्या
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गांव गंगेरू निवासी लड्डन की 27 अप्रैल को घर में घुसकर कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उसके बडे़ बेटे हसीम ने साले जावेद उर्फ लाली और नदीम समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने नामजद जावेद उर्फ लाली को 28 अप्रैल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। कई तथ्य सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने कांधला पुलिस को गहनता से जांच करने के आदेश दिए थे। जांच के दौरान पता चला कि ससुराल पक्ष के लोगों को फंसाने के लिए लड्डन की उकी उसके बेटों ने ही हत्या की है।
बृहस्पतिवार को इसका खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा ने बताया कि 23 अप्रैल को हसीम और उसके ससुराल पक्ष के लोगों में लेनदेन को लेकर गंगेरू में मारपीट हुई थी। इसके बाद हसीम ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दबाव बनाने के लिए अपने पिता पर जानलेवा हमला करने की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार साजिश में हसीम ने अपने भाई आस मोहम्मद उर्फ कालू और तहेरे भाई अहसान को भी शामिल कर लिया था। इन तीनों ने ही तमंचे से लड्डन को गोली मारकर हत्या की थी।
आरोपी आस मोहम्मद को मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार सुबह कांधला में गंगेरू बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और एक खोखा अहसान के घर के पास से बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी आस मोहम्मद ने अपने भाइयों के साथ वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। वारदात में शामिल फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हसीम के साले जावेद उर्फ लाली को रिहा कराने के लिए 169 की कार्रवाई की जाएगी।