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सामने थे शातिर, नहीं पहचान पाई पुलिस
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:02 AM IST
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शामली। पुलिस की कहानी अब सच्ची है, या पहले पुलिस जानबूझकर अनजान बनी थी। कैराना में हर्ष फायरिंग मामले में जिन्हें आरोपी बनाया जा रहा है, उनकी आपराधिक कुंडली सामने आ रही है। यदि पुलिस कार्रवाई सही है, तो जाहिर है कि हर्ष फायरिंग के दौरान भीड़ में शातिर भी हथियारों से लैस खड़े थे। जिन्हें तब पुलिस कैसे नहीं पहचान नहीं पाई।
कैराना में हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से मासूम समी की मौत हो गई थी। शासन ने मामले को गंभीरता लेकर कार्रवाई का आदेश दिया, तो स्थानीय स्तर पर अधिकारी भी हरकत में आ गए। बीते दो दिन से पुलिस लगातार गिरफ्तारी कर रही है और दावा किया जा रहा है कि हर्ष फायरिंग के दौरान की वीडियो फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान की गई है।
गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से दो को कांधला और दो झिंझाना थाना पुलिस ने दबोचा है। कांधला थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी सादिक और असलम का आपराधिक रिकार्ड बताया है। सादिक को कुख्यात मुकीम काला गैंग से जुड़ा बताया और उसके खिलाफ कांधला और गढ़ीपुख्ता में लूट तथा चोरी के केस दर्ज होने बताए।
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वहीं, बुधवार को पकड़े गए असलम के खिलाफ भी चोरी के मामले बताए गए हैं। वहीं, गोली लगने से मरने वाले बालक समी के परिजनों ने जिन पांच लोगों को नामजद कराया, उनमें कैराना निवासी इनाम धूरी भी आरोपी बनाया। पूर्व में कैराना थाना पुलिस ने ही इनाम धूरी को मुकीम गैंग के बदमाशों शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
तब कैराना में रंगदारी ना देने पर दो व्यापारियों की हत्या होने पर तनाव व्याप्त हो गया था। उस वारदात को मुकीम गैंग ने अंजाम दिया था। जाहिर है कि यदि उक्त सभी आरोपी हर्ष फायरिंग के दौरान कैराना ब्लाक कार्यालय के बाहर मौजूद थे, तो पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी।
मैन्युअल मुखबिरी में पुलिस का तंत्र फेल हो रहा है। तभी तो घटना के तीन दिन बीतने के बावजूद हर्ष फायरिंग में बालक की हत्या के मामले में नामजद पांचों आरोपियों से किसी को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। कहने को लगातार दबिश दी जा रही हैं, लेकिन रिजल्ट तो सामने नहीं आ रहा।
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कैराना में हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से मासूम समी की मौत हो गई थी। शासन ने मामले को गंभीरता लेकर कार्रवाई का आदेश दिया, तो स्थानीय स्तर पर अधिकारी भी हरकत में आ गए। बीते दो दिन से पुलिस लगातार गिरफ्तारी कर रही है और दावा किया जा रहा है कि हर्ष फायरिंग के दौरान की वीडियो फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान की गई है।
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गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से दो को कांधला और दो झिंझाना थाना पुलिस ने दबोचा है। कांधला थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी सादिक और असलम का आपराधिक रिकार्ड बताया है। सादिक को कुख्यात मुकीम काला गैंग से जुड़ा बताया और उसके खिलाफ कांधला और गढ़ीपुख्ता में लूट तथा चोरी के केस दर्ज होने बताए।
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वहीं, बुधवार को पकड़े गए असलम के खिलाफ भी चोरी के मामले बताए गए हैं। वहीं, गोली लगने से मरने वाले बालक समी के परिजनों ने जिन पांच लोगों को नामजद कराया, उनमें कैराना निवासी इनाम धूरी भी आरोपी बनाया। पूर्व में कैराना थाना पुलिस ने ही इनाम धूरी को मुकीम गैंग के बदमाशों शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
तब कैराना में रंगदारी ना देने पर दो व्यापारियों की हत्या होने पर तनाव व्याप्त हो गया था। उस वारदात को मुकीम गैंग ने अंजाम दिया था। जाहिर है कि यदि उक्त सभी आरोपी हर्ष फायरिंग के दौरान कैराना ब्लाक कार्यालय के बाहर मौजूद थे, तो पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी।
मैन्युअल मुखबिरी में पुलिस का तंत्र फेल हो रहा है। तभी तो घटना के तीन दिन बीतने के बावजूद हर्ष फायरिंग में बालक की हत्या के मामले में नामजद पांचों आरोपियों से किसी को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। कहने को लगातार दबिश दी जा रही हैं, लेकिन रिजल्ट तो सामने नहीं आ रहा।