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साइबर वार का शिकार हुआ डाक्टर, लगी 97 हजार की चपत
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:47 AM IST
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शामली।
पालिका मार्केट में क्लीनिक चलाने वाले डाक्टर के क्रेडिट कार्ड से यूएसए में खरीदारी कर ली गई। शुक्रवार सुबह रुपये डेबिट होने का मैसेज डॉक्टर को मिला तो इसका पता चला। पीड़ित ने अपना क्रेडिट कार्ड ब्लाक कराने के बाद शामली कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के दयानंदनगर निवासी डॉक्टर अरुण कुमार पालिका मार्केट में क्लीनिक चलाते है। बृहस्पतिवार रात उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं की। इसके बाद उनके मोबाइल पर रुपये डेबिट होने के तीन मैसेज आए। अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो खाते से 97,535 रुपये निकल चुके थे। शुक्रवार को उन्होंने इस संबंध में बैंक शाखा में संपर्क किया तो पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से यूएसए में शॉपिंग की गई है। पीड़ित के अनुसार न तो उनकी किसी से बात हुई और न ही उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड का गुप्त पासवर्ड किसी को बताया। दोपहर बाद पीड़ित ने शामली कोतवाली में पहुंचकर मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
बच गए तीन लाख
डाक्टर अनिल के क्रेडिट कार्ड से अधिकतम तीन लाख रुपये का आदान प्रदान किया जा सकता है। डॉक्टर अनिल ने बातया कि कई ट्रांजेक्शन होने के चलते इसमें गड़बड़ी पता चल जाता है और साफ्टवेयर खुद ही अकाउंट्स को ब्लाक कर देता है। इस केस में भी यही हुआ और तीन लाख रुपये बच गए।
पालिका मार्केट में क्लीनिक चलाने वाले डाक्टर के क्रेडिट कार्ड से यूएसए में खरीदारी कर ली गई। शुक्रवार सुबह रुपये डेबिट होने का मैसेज डॉक्टर को मिला तो इसका पता चला। पीड़ित ने अपना क्रेडिट कार्ड ब्लाक कराने के बाद शामली कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के दयानंदनगर निवासी डॉक्टर अरुण कुमार पालिका मार्केट में क्लीनिक चलाते है। बृहस्पतिवार रात उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं की। इसके बाद उनके मोबाइल पर रुपये डेबिट होने के तीन मैसेज आए। अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो खाते से 97,535 रुपये निकल चुके थे। शुक्रवार को उन्होंने इस संबंध में बैंक शाखा में संपर्क किया तो पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से यूएसए में शॉपिंग की गई है। पीड़ित के अनुसार न तो उनकी किसी से बात हुई और न ही उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड का गुप्त पासवर्ड किसी को बताया। दोपहर बाद पीड़ित ने शामली कोतवाली में पहुंचकर मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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बच गए तीन लाख
डाक्टर अनिल के क्रेडिट कार्ड से अधिकतम तीन लाख रुपये का आदान प्रदान किया जा सकता है। डॉक्टर अनिल ने बातया कि कई ट्रांजेक्शन होने के चलते इसमें गड़बड़ी पता चल जाता है और साफ्टवेयर खुद ही अकाउंट्स को ब्लाक कर देता है। इस केस में भी यही हुआ और तीन लाख रुपये बच गए।
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