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Agra News: विजिलेंस जांच में फंसे हाथरस सीसीटीएनएस प्रभारी, प्राथमिकी
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आगरा। हाथरस में सीसीटीएनएस के प्रभारी निरीक्षक रफी परवेज खान के खिलाफ विजिलेंस जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने एक कंपनी के शेयरों को ट्रांसफर कराने के लिए कंपनी के स्वतंत्र निदेशक पर दबाव बनाया था। मामले में डीआईजी रेंज अलीगढ़ ने जांच की थी। बाद में मामला विजिलेंस ट्रांसफर किया गया। इसमें निरीक्षक दोषी पाए गए हैं।
विजिलेंस के मुताबिक, अलीगढ़ के थाना क्वार्सी में वर्ष 2020 में डीटीएच कंपनी पीटीपीएल के प्रबंधन के लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वादी चेतन दीक्षित ने आरोप लगाया था कि कंपनी को माल सप्लाई किया मगर कंपनी ने रकम नहीं दी। इस मामले की जांच अपराध शाखा ट्रांसफर की गई। विवेचना निरीक्षक रफी परवेज खान को दी गई। वह मूलरूप से हरिद्वार के रुड़की स्थित पठानपुरा के रहने वाले हैं। वर्तमान में हाथरस में सीसीटीएनएस प्रभारी हैं।
आरोप है कि उन्होंने प्राथमिकी में नामजद आरोपियों में से एक कंपनी के स्वतंत्र निदेशक विवेक प्रकाश को दंड प्रक्रिया संहिता धारा 41 (क) का नोटिस दिया। इसके बाद विवेक प्रकाश को थाने ले आए। सेटलमेंट के उद्देश्य से दबाव बनाया। बिना विधिक प्रक्रिया के विवेक प्रकाश को एक रात थाने में ही हिरासत में रखा। विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया। अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। उन पर कंपनी के शेयरों को ट्रांसफर करने का दबाव बनाया, जबकि विवेक प्रकाश शेयरों के स्थानांतरण करने के लिए सक्षम नहीं थे। अगर वो शेयर ट्रांसफर कर भी देते तो भी अमान्य हो जाते। पीटीपीएल कंपनी के मालिकों और निदेशकों के खिलाफ एक अन्य कंपनी में हुए बाइक बोट घोटाले की जांच चल रही थी। इसमें विवेक प्रकाश गवाह थे। जांच मेरठ सेक्टर की आर्थिक अपराध शाखा कर रही थी। मामले में निरीक्षक रफी परवेज खान दोषी पाए गए। इस पर जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। अब विजिलेंस आगरा सेक्टर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में पूर्व में समिति का गठन किया गया। स्थानीय डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों ने जांच की थी।
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वर्जन
जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। निरीक्षक के खिलाफ साक्ष्य मिले थे। मामले में विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न सिर्फ कानून के आदेशों की अवहेलना की बल्कि नोटिस तामील होने के बाद आरोपी को बुलाया। एक दिन हिरासत में भी रखा।
आलोक शर्मा, एसपी विजिलेंस, आगरा सेक्टर
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विजिलेंस के मुताबिक, अलीगढ़ के थाना क्वार्सी में वर्ष 2020 में डीटीएच कंपनी पीटीपीएल के प्रबंधन के लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वादी चेतन दीक्षित ने आरोप लगाया था कि कंपनी को माल सप्लाई किया मगर कंपनी ने रकम नहीं दी। इस मामले की जांच अपराध शाखा ट्रांसफर की गई। विवेचना निरीक्षक रफी परवेज खान को दी गई। वह मूलरूप से हरिद्वार के रुड़की स्थित पठानपुरा के रहने वाले हैं। वर्तमान में हाथरस में सीसीटीएनएस प्रभारी हैं।
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आरोप है कि उन्होंने प्राथमिकी में नामजद आरोपियों में से एक कंपनी के स्वतंत्र निदेशक विवेक प्रकाश को दंड प्रक्रिया संहिता धारा 41 (क) का नोटिस दिया। इसके बाद विवेक प्रकाश को थाने ले आए। सेटलमेंट के उद्देश्य से दबाव बनाया। बिना विधिक प्रक्रिया के विवेक प्रकाश को एक रात थाने में ही हिरासत में रखा। विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया। अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। उन पर कंपनी के शेयरों को ट्रांसफर करने का दबाव बनाया, जबकि विवेक प्रकाश शेयरों के स्थानांतरण करने के लिए सक्षम नहीं थे। अगर वो शेयर ट्रांसफर कर भी देते तो भी अमान्य हो जाते। पीटीपीएल कंपनी के मालिकों और निदेशकों के खिलाफ एक अन्य कंपनी में हुए बाइक बोट घोटाले की जांच चल रही थी। इसमें विवेक प्रकाश गवाह थे। जांच मेरठ सेक्टर की आर्थिक अपराध शाखा कर रही थी। मामले में निरीक्षक रफी परवेज खान दोषी पाए गए। इस पर जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। अब विजिलेंस आगरा सेक्टर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में पूर्व में समिति का गठन किया गया। स्थानीय डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों ने जांच की थी।
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जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। निरीक्षक के खिलाफ साक्ष्य मिले थे। मामले में विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न सिर्फ कानून के आदेशों की अवहेलना की बल्कि नोटिस तामील होने के बाद आरोपी को बुलाया। एक दिन हिरासत में भी रखा।
आलोक शर्मा, एसपी विजिलेंस, आगरा सेक्टर